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मुंबई हमले के 9 साल, कसाब के जिंदा पकड़े जाने से बिगड़ा हाफिज का खेल

Sat, 25 Nov 2017 07:55 AM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 25 Nov 2017 07:55 AM IST
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Special story on ninth anniversary of the 26/11 Mumbai attack

पाकिस्तान में नजरबंदी से आजाद हुए 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने मुंबई आतंकी हमले की पूरी जिम्मेदारी दक्षिण भारत के स्थानीय संगठन दक्कन मुजाहिद्दीन (डीएम) के सिर मढ़ने की पूरी तैयारी कर ली थी।

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ताकि उस हमले में पाकिस्तानी हाथ होने का सीधा सबूत नहीं मिल सके। लेकिन समंदर के रास्ते आए लश्कर-ए-ताईबा के नौ फिदाईनों में से एक मोहम्मद कसाब के जिंदा पकड़े जाने से हाफिज का पूरा खेल बिगड़ गया।
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26 नवंबर 2008 को हुए इस हमले की जांच से जुड़े खुफिया विभाग के सूत्रों ने बताया कि इन आतंकियों के पास से दक्कन मुजाहिद्दीन से जुड़ी पर्चियां मिली थीं। साथ ही हमले के कुछ घंटों बाद दक्कन मुजाहिद्दीन की आईडी से भेजे गए ई-मेल में इस हमले की जिम्मेदारी ली जाने लगी।
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हाफिज सईद का मकसद था कि इसमें स्थानीय आतंकी संगठन का ही नाम आ जाए, ताकि पाकिस्तान इससे अपना पल्ला झाड़ ले। लेकिन कसाब के जिंदा पकड़े जाने से हमले में पाकिस्तानी संगठन लश्कर के नाम की पुष्टि हो गई। 

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने लश्कर की मदद से इस साजिश को अंजाम दिया था, लेकिन आईएसआई की शर्त थी कि इसमें पाकिस्तान का सीधा नाम नहीं आना चाहिए।

इसके लिए हाफिज सईद ने दक्कन मुजाहिद्दीन की थ्योरी तैयार की, जबकि इस नाम का कोई संगठन खुफिया एजेंसियों की रिकॉर्ड में नहीं था। अगर कसाब जिंदा नहीं पकड़ा गया होता तो पाकिस्तान कभी भी हमले में लश्कर का हाथ होना स्वीकार नहीं करता।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी की रिकॉर्डिंग से खुली पाक की कलई

Special story on ninth anniversary of the 26/11 Mumbai attack
उधर अमेरिकी एजेंसियों ने वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) तकनीक के जरिये करांची के कंट्रोल रूम से इन आतंकियों को निर्देश दिए जाने संबंधी बातचीत रिकॉर्ड कर लिया था।

कसाब का इकबालिया बयान और अमेरिकी एजेंसियों की रिकार्डिंग लश्कर आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ ठोस सबूत तो बने, लेकिन नौ साल बीत जाने पर भी पाकिस्तान ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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