स्पीकर ओम बिड़ला ने लोकसभा में बनाया रिकार्ड, 47 साल बाद पूछे गए प्रश्नकाल के सभी सवाल
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लोकसभा में बुधवार को अनोखा रिकार्ड बना। प्रश्न काल में रखे गए सभी 20 प्रश्नों को पूरा किया। इससे पहले अंतिम बार पांचवीं लोकसभा में14 मार्च 1972 को सबसे अधिक 14 प्रश्न पूरे किए गए थे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने इस ऐतिहासिक पल के लिए सभी सांसदों और मंत्रियों को बधाई दी, वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष ने जोरदार तरीके से इस उपलब्धि पर हर्ष जताया।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस उपलब्धि के लिए लोकसभा अध्यक्ष और सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया।
एक घंटे के प्रश्न काल में 20 तारांकित प्रश्न रखे जाते हैं। लोकहित से जुड़े सांसदों के इन प्रश्नों का जवाब मंत्रियों को देना होता है। अमूमन मुख्य और सप्लीमेंटरी प्रश्न के साथ मुद्दे से जुड़े सांसदों के दूसरे प्रश्नों के चलते सभी 20 प्रश्न पूरे नहीं हो पाते हैं, लेकिन आज यह रिकार्ड बना दिया गया।
हालांकि इस रिकार्ड की उम्मीद खुद अध्यक्ष को भी नहीं थी, लेकिन तीन प्रश्नों में सदस्यों के मौजूद नहीं रहने से इनके उत्तरों को सीधे सभा पटल पर रख दिया गया जिससे बाकी के प्रश्नों के लिए मौका मिल गया।
अध्यक्ष को जब लगा कि रिकार्ड बनने वाला है तो उन्होंने भी सदस्यों से कहा कि जल्दी प्रश्न पूछिए सभी 20 प्रश्न पूरे करने हैं। मुंबई उत्तर के सांसद गोपाल शेट्टी ने तो हैरानी भी जताई कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उन्हें बाद में रखे गए प्रश्न को पूछने का मौका मिल जाएगा।
दरअसल 1972 की पांचवीं लोकसभा के चौथे सत्र से पहले प्रश्न काल में तारांकित प्रश्नों की संख्या निर्धारित नहीं थी, लेकिन इस साल के चौथे सत्र से इन प्रश्नों की संख्या 20 निर्धारित कर दी गई। तब से अब तक प्रश्न काल में 20 तारांकित प्रश्न ही रखे जाते हैं।
जब मंत्री को बोला खुद सदन मत चलाएं
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन को सुचारु ढंग से चलाने के लिए रेल राज्य मंत्री को हिदायत दे डाली। अमूमन अध्यक्ष हंगामे करने वाले सांसदों को निशाने पर रखते हैं, लेकिन उन्होंने बुधवार को रेल राज्य मंत्री सुरेश आंगड़ी से कहा कि मंत्री महोदय, खुद सदन मत चलाएं यह जिम्मेदारी सांसदों की ओर से उन्हें मिली है।
दरअसल सुरेश आंगड़ी प्रश्न काल के दौरान उत्तर दे रहे थे। इसी दौरान बीच में खड़े हुए सदस्य की ओर से पूछे गए प्रश्न का वह जवाब देने लगे। इसी पर लोकसभा अध्यक्ष ने मंत्री को कड़ी हिदायत दी।