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सोशल मीडिया पर सपा-बसपा लड़ रहीं सबसे साफ सुथरा चुनाव, भाजपा की चौथी तो कांग्रेस की हर 5वीं खबर झूठी
Sat, 18 May 2019 03:30 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 18 May 2019 03:30 AM IST
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अखिलेश यादव-मायावती (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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भाजपा के नेताओं और पार्टी से जुड़े आधिकारिक फेसबुक पेजों पर 28 प्रतिशत यानी हर चौथी खबर फेक होती है। कांग्रेस के मामले में यह आंकड़ा 21 प्रतिशत है। वहीं सपा और बसपा के पेजों पर पोस्ट की जा रही खबरों में एक प्रतिशत ही फेक हैं, यानी सौ में से एक। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छह अध्ययनकर्ताओं द्वारा फेसबुक पर 130 पेज और वॉट्सएप पर 116 पब्लिक ग्रुप्स के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट दी गई है।
‘भारतीय चुनाव अभियान के दौरान फेसबुक और वॉट्सएस पर खबरें और सूचनाएं’ नामक इस रिपोर्ट में राजनीतिक खबरों की क्वालिटी का विश्लेषण किया गया। इन सभी पेज व ग्रुप पर 14 फवरी से 10 अप्रैल के दौरान उत्तर भारत की चारों प्रमुख पार्टियों व इनके नेताओं द्वारा शेयर की गई चीजों पर नजर रखी गई। तीन प्रोग्राम कोडिंग करने वालों ने फर्जी खबरों के लिंक का विश्लेषण करने में मदद की।
इन पर रही नजर
130 फेसबुक पेज में से भाजपा के 58, कांग्रेस के 23 और सपा-बसपा के 49 पेज थे, जिनपर 27,771 पोस्ट की गईं। इनमें 16604 फोटो और 1388 में विभिन्न लिंक पोस्ट किए गए थे।
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अध्ययनकर्ता 116 पब्लिक ग्रुप में जुड़े, इनमें से 78 भाजपा, 12 कांग्रेस और 26 सपा व बसपा के थे। इनमें 50 से 257 तक सदस्य थे। इनमें भाजपा के ग्रुप सबसे सक्रिय थे, जिनमें चुनाव घोषणा के समय 11 मार्च को तीन हजार फोटो पोस्ट हुईं।
यहां 30 प्रमुख हैशटैग के जरिए नजर रखी गई, जो सभी पार्टियों से जुड़े थे।
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‘भारतीय चुनाव अभियान के दौरान फेसबुक और वॉट्सएस पर खबरें और सूचनाएं’ नामक इस रिपोर्ट में राजनीतिक खबरों की क्वालिटी का विश्लेषण किया गया। इन सभी पेज व ग्रुप पर 14 फवरी से 10 अप्रैल के दौरान उत्तर भारत की चारों प्रमुख पार्टियों व इनके नेताओं द्वारा शेयर की गई चीजों पर नजर रखी गई। तीन प्रोग्राम कोडिंग करने वालों ने फर्जी खबरों के लिंक का विश्लेषण करने में मदद की।
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इन पर रही नजर
130 फेसबुक पेज में से भाजपा के 58, कांग्रेस के 23 और सपा-बसपा के 49 पेज थे, जिनपर 27,771 पोस्ट की गईं। इनमें 16604 फोटो और 1388 में विभिन्न लिंक पोस्ट किए गए थे।
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अध्ययनकर्ता 116 पब्लिक ग्रुप में जुड़े, इनमें से 78 भाजपा, 12 कांग्रेस और 26 सपा व बसपा के थे। इनमें 50 से 257 तक सदस्य थे। इनमें भाजपा के ग्रुप सबसे सक्रिय थे, जिनमें चुनाव घोषणा के समय 11 मार्च को तीन हजार फोटो पोस्ट हुईं।
यहां 30 प्रमुख हैशटैग के जरिए नजर रखी गई, जो सभी पार्टियों से जुड़े थे।