{"_id":"60cc1c088ebc3e3568347fad","slug":"sovan-chatterjee-said-bjps-state-leadership-gave-wrong-information-to-amit-shah-that-is-why-party-lost-in-west-bengal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगाल: सोवन चटर्जी ने लगाया बड़ा आरोप, कहा- भाजपा के राज्य नेतृत्व ने अमित शाह को दी गलत सूचना इसलिए हारी पार्टी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगाल: सोवन चटर्जी ने लगाया बड़ा आरोप, कहा- भाजपा के राज्य नेतृत्व ने अमित शाह को दी गलत सूचना इसलिए हारी पार्टी
Fri, 18 Jun 2021 09:37 AM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Fri, 18 Jun 2021 09:37 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। जब उनसे इसकी वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि मुझे अपमानित महसूस हुआ, उन्होंने मेरी सीट बदल दी।
विज्ञापन
सोवन चटर्जी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बंगाल विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद भी सियासी वाकयुद्ध जारी है। भाजपा की हार को लेकर अबकी कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी ने एक बड़ा बयान दिया है। मनचाही सीट से टिकट न मिलने से नाराज होकर भाजपा से इस्तीफा देने वाले सोवन चटर्जी ने कहा कि भाजपा की बंगाल विधानसभा में हार इसलिए हुई क्योंकि पार्टी की राज्य इकाई ने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और अमित शाह को जमीनी हकीकत के बारे में गलत जानकारी दी।
विज्ञापन
जमीनी हकीकत से ज्यादा फर्जी सूचनाओं को तरजीह दी गई
सोवन चटर्जी ने भाजपा की हार के कारणों पर कहा कि सभी फर्जी सूचनाओं को जमीनी हकीकत से ज्यादा तरजीह दी गई। चुनावों के दौरान भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को 'फर्जी सूचना' दी जा रही थी। जिन भाजपा नेताओं को पश्चिम बंगाल भेजा गया था, वे गलत संचार में उलझे हुए थे और हर चीज के लिए एक वर्चुअल (ऑनलाइन) मीटिंग कर रहे थे।
विज्ञापन
सोवन चटर्जी ने 2019 में टीएमसी का साथ छोड़ा
कभी ममता के खास माने जाने वाले कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी ने अगस्त 2019 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि, बाद में इस साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, सोवन चटर्जी ने अपने करीबी सहयोगी बैसाखी बनर्जी के साथ भाजपा से इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
भाजपा छोड़ने पर क्या बोले चटर्जी?
आपने भाजपा क्यों छोड़ी ? इस सवाल पर सोवन चटर्जी ने कहा, ‘जब उन्होंने मेरी सीट बदल दी तो मुझे अपमानित महसूस हुआ। अगर चुनाव हारने वाले अन्य नेताओं को उनकी सीटें दी गईं, तो मुझे मेरी सीट क्यों नहीं दी गई।’ जानकारी के अनुसार सोवन चटर्जी बेहला पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उन्हें इसके बजाय बेहाला पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारने का फैसला किया था।
पहले से थी चुनावी कुप्रबंधन की जानकारी
कोलकाता के पूर्व मेयर ने कहा कि भाजपा की ओर से सभी फर्जी सूचनाओं के आधार पर चुनाव लड़ा गया। चुनाव के दौरान जमीनी हकीकत जानने की जरूरत है, लेकिन भाजपा में ऐसा नहीं किया गया। वैसे जहां कहीं भी जमीनी हकीकत को जान-समझकर काम हुआ, उन जगहों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत हुई। सोवन चटर्जी ने कहा कि भले ही उन्हें भाजपा की राज्य इकाई के भीतर इस 'कुप्रबंधन' की जानकारी थी, लेकिन टीएमसी में ऐसा कोई नहीं था जिससे वह इस बारे में बात कर सकें।
टीएमसी छोड़ने पर क्या बोले पूर्व मेयर?
चटर्जी ने बताया कि टीएमसी ने मेरी निगरानी में 10 चुनाव लड़े और उनमें से नौ में उसने जीत हासिल की। 2011 में मेरे पास 42 सीटों की जिम्मेदारी थी, मैंने 39 सीटों पर पार्टी को जिताया और 2016 में दक्षिण बंगाल में 40 सीटें जिताईं। इसके बाद भी टीएमसी में मेरे प्रस्तावों को बिना सुने खारिज कर दिया गया। चटर्जी ने स्वयं पार्षद के रूप में अपना पहला चुनाव 1985 में जीता था।