Telengana: सौंदराराजन का छलका दर्द, बोलीं- महिला राज्यपाल से भेदभाव का लिखा जाएगा इतिहास
राज्यपाल सौंदराराजन ने कहा कि उन्हें अभिभाषण की इजाजत नहीं दी गई और यहां तक कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा भी नहीं फहराने दिया गया। अब भी मैं जहां जाती हूं, वहां प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता।
विस्तार
तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदराराजन का दर्द आज छलक पड़ा। उन्होंने एक कार्यक्रम में अपने साथ के. चंद्रशेखर राव सरकार द्वारा किए जा रहे भेदभाव का जिक्र करते हुए कहा, ‘राज्य के इतिहास में यह लिखा जाएगा कि एक महिला राज्यपाल के साथ कैसा भेदभाव किया गया था।‘
राज्यपाल सौंदराराजन ने कहा कि उन्हें अभिभाषण की इजाजत नहीं दी गई और यहां तक कि गणतंत्र दिवस पर तिरंगा भी नहीं फहराने दिया गया। अब भी मैं जहां जाती हूं, वहां प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता। राज्यपाल के कार्यालय की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
सुनें क्या कह रही हैं राज्यपाल
#WATCH | Telangana Gov Tamilisai Soundararajan says, "...The state will write history how a woman Governor was discriminated. I was denied the Governor's Address&the hosting of the flag on Republic Day. Even now wherever I go protocol isn't followed. Office should be respected.." pic.twitter.com/Bb39hXW6Ux
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 8, 2022
सुंदरराजन को आज राजभवन में तीन साल पूरे हो चुके हैं। 'तेलंगाना के लोगों की सेवा में चौथे वर्ष की शुरुआत' कार्यक्रममें भाग लेते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री केसीआर सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के कार्यालय को अपमानित किया गया।
सुंदरराजन ने कहा कि हाल ही में एक दक्षिणी क्षेत्रीय बैठक हुई थी। मैंने पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में इसमें भाग लिया था और उस बैठक में 75 प्रतिशत मुद्दे तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से थे। सभी मुख्यमंत्री वहां थे, ऐसे में मुख्यमंत् केसीआर क्यों इसमें शामिल नहीं हुए? जब केंद्रीय गृह मंत्री समस्या को हल करना चाहते हैं, तो आपको क्या समस्या है, आप उस अवसर का उपयोग क्यों नहीं कर रहे हैं? इसलिए आपके केंद्र सरकार के साथ अच्छे संबंध होने चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों की स्थिति वास्तव में खराब है और एक सरकारी अस्पताल के निदेशक को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। राजनेता निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। यदि वे अपना काम कर रहे हैं और यदि प्रत्येक जनप्रतिनिधि तक लोग आसानी से पहुंच सकते हैं, तो लोग अपनी चिंता लेकर मेरे पास क्यों आ रहे हैं?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं जिलों का दौरा करती हूं, एसपी-कलेक्टर आते हैं और प्रोटोकॉल का पालन नहीं करते। मुझे नहीं पता कि वे किससे निर्देश ले रहे हैं और नहीं आ रहे हैं। मुझे परवाह नहीं है कि वे नहीं आते हैं। केसीआर सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मैंने कुछ समस्याओं की ओर इशारा किया है और सरकार को सूचित किया है, लेकिन मुझे नहीं पता कि वे इस पर गौर कर रहे हैं या नहीं।
राज्यपाल ने कहा कि वे कहते हैं कि राज्यपाल इधर-उधर नहीं जा सकते, लेकिन राज्यपाल के लिए कोई सीमा नहीं होती। मेरा इरादा केवल लोगों की मदद करना है और सब कुछ लोगों की सेवा के लिए है। केसीआर सरकार की आलोचना करते हुए सुंदरराजन ने कहा कि जब मेरे द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एक शीर्ष निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल नहीं हो रहा है, तो उनके कार्यालय को कम से कम हमें सूचित करना चाहिए। उचित प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए, क्योंकि ये बातें तेलंगाना के इतिहास में लिखी जाएंगी।