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Sonia Gandhi: राजीव से मुलाकात से लेकर कांग्रेस का सबसे ताकतवर नेता बनने तक, पढ़ें सोनिया गांधी का सियासी सफर
Wed, 14 Feb 2024 03:17 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 14 Feb 2024 03:17 PM IST
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सोनिया गांधी
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है। इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने के लिए जयपुर पहुंची। उनके साथ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी जयपुर पहुंचे।सोनिया गांधी मौजूदा समय में लोकसभा से सांसद हैं। वह रायबरेली सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह कई वर्षों बाद है जब गांधी-नेहरू खानदान से कोई सदस्य राज्यसभा जा रहा है। आइये जानते हैं कि अब तक कैसा रहा है सोनिया गांधी का सियासी सफर?
सोनिया गांधी।
- फोटो :
सोशल मीडिया
सोनिया गांधी के बारे में
सोनिया गांधी 1998 से निर्वाचित होकर पार्टी की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं। वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की समन्वय समिति की अध्यक्ष भी हैं। उनका जन्म 9 दिसंबर 1946 को हुआ था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने एक विदेशी भाषा स्कूल में दाखिला लिया। यहां उन्होंने अंग्रेजी, फ्रेंच और रूसी भाषा की पढ़ाई की। कैंब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। उनकी शादी 1968 में नई दिल्ली में हुई।
वर्ष 1984 से 1991 के दौरान जब उनके पति राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और फिर कुछ समय के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। इस दौरान सोनिया गांधी ज्यादातर देश और विदेश में राजीव गांधी के दौरों पर उनके साथ रहीं।
मई 1991 में अपने पति की हत्या के बाद उन्होंने एक गैर-सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन और उससे जुड़े थिंक-टैंक, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कंटेम्परेरी स्टडीज की स्थापना की। इनकी अध्यक्ष के रूप में उन्होंने खुद को उनकी गतिविधियों में व्यस्त रखा।
सोनिया गांधी 1998 से निर्वाचित होकर पार्टी की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं। वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की समन्वय समिति की अध्यक्ष भी हैं। उनका जन्म 9 दिसंबर 1946 को हुआ था। अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने एक विदेशी भाषा स्कूल में दाखिला लिया। यहां उन्होंने अंग्रेजी, फ्रेंच और रूसी भाषा की पढ़ाई की। कैंब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात राजीव गांधी से हुई। उनकी शादी 1968 में नई दिल्ली में हुई।
वर्ष 1984 से 1991 के दौरान जब उनके पति राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और फिर कुछ समय के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। इस दौरान सोनिया गांधी ज्यादातर देश और विदेश में राजीव गांधी के दौरों पर उनके साथ रहीं।
मई 1991 में अपने पति की हत्या के बाद उन्होंने एक गैर-सरकारी संगठन राजीव गांधी फाउंडेशन और उससे जुड़े थिंक-टैंक, राजीव गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कंटेम्परेरी स्टडीज की स्थापना की। इनकी अध्यक्ष के रूप में उन्होंने खुद को उनकी गतिविधियों में व्यस्त रखा।
सोनिया गांधी और राहुल गांधी
- फोटो :
अमर उजाला
1997 में कांग्रेस की सदस्य बनीं
कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी ने 1997 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 1998 में लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। उन्होंने पार्टी की ओर से जोरदार प्रचार किया और अप्रैल 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। दिसंबर 2017 तक वह इस पद पर बनी रहीं। सोनिया ने सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड बनाया।
कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी ने 1997 में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली। 1998 में लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले उन्होंने सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। उन्होंने पार्टी की ओर से जोरदार प्रचार किया और अप्रैल 1998 में कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं। दिसंबर 2017 तक वह इस पद पर बनी रहीं। सोनिया ने सबसे लंबे समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड बनाया।
सोनिया गांधी
- फोटो :
अमर उजाला
1999 में पहली बार सांसद बनीं
सोनिया गांधी पहली बार 1999 में अमेठी संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 2004 तक लोकसभा में विपक्ष की नेता के तौर पर काम किया। 2004 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया। इस चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने गठबंधन सरकार (यूपीए) बनाई। इस चुनाव में वह उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से सांसद चुनी गईं।
कांग्रेस पार्टी ने सर्वसम्मति से उन्हें संसद में अपना नेता चुना और इसलिए उनके प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने की उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने यह पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया और गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के लिए डॉ. मनमोहन सिंह को नामित किया।
सोनिया गांधी पहली बार 1999 में अमेठी संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 2004 तक लोकसभा में विपक्ष की नेता के तौर पर काम किया। 2004 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार का नेतृत्व किया। इस चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने गठबंधन सरकार (यूपीए) बनाई। इस चुनाव में वह उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से सांसद चुनी गईं।
कांग्रेस पार्टी ने सर्वसम्मति से उन्हें संसद में अपना नेता चुना और इसलिए उनके प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने की उम्मीद थी। हालांकि, उन्होंने यह पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया और गठबंधन सरकार का नेतृत्व करने के लिए डॉ. मनमोहन सिंह को नामित किया।
लाभ के पद पर विवाद के बाद इस्तीफा
वह मई 2006 तक राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की अध्यक्ष भी रहीं। लाभ के पद पर विवाद के बाद उन्होंने एनएसी के अध्यक्ष पद और अपनी लोकसभा सीट से भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उपचुनाव के जरिए वह दोबारा सांसद चुनी गईं। उन्होंने मई 2010 में पुनर्गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की अध्यक्षता फिर से संभाली और 2014 तक इस पद पर बनी रहीं।
इसके बाद 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट से जीत हासिल की। इसके साथ ही अगस्त 2019 से अक्तूबर 2022 तक उन्होंने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
वह मई 2006 तक राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की अध्यक्ष भी रहीं। लाभ के पद पर विवाद के बाद उन्होंने एनएसी के अध्यक्ष पद और अपनी लोकसभा सीट से भी इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उपचुनाव के जरिए वह दोबारा सांसद चुनी गईं। उन्होंने मई 2010 में पुनर्गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) की अध्यक्षता फिर से संभाली और 2014 तक इस पद पर बनी रहीं।
इसके बाद 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट से जीत हासिल की। इसके साथ ही अगस्त 2019 से अक्तूबर 2022 तक उन्होंने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली।
दो किताबें लिख चुकी हैं
सोनिया गांधी ने अपने पति राजीव गांधी और राजीव की दुनिया पर दो किताबें लिखी हैं। इसके अलावा उन्होंने 1922 और 1964 के बीच पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बीच आदान-प्रदान किए गए पत्रों के दो संस्करणों (फ्रीडम्स डॉटर और टू अलोन, टू टुगेदर) का संपादन किया है।
सोनिया गांधी ने अपने पति राजीव गांधी और राजीव की दुनिया पर दो किताबें लिखी हैं। इसके अलावा उन्होंने 1922 और 1964 के बीच पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बीच आदान-प्रदान किए गए पत्रों के दो संस्करणों (फ्रीडम्स डॉटर और टू अलोन, टू टुगेदर) का संपादन किया है।
इन चीजों में रुचि रखती हैं सोनिया गांधी
उनकी अन्य रुचियों में पढ़ना, भारतीय कला-समसामयिक, शास्त्रीय और आदिवासी, भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प और लोक और शास्त्रीय संगीत दोनों शामिल हैं। उनके पास नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से तैलचित्रण में डिप्लोमा है।
उनकी अन्य रुचियों में पढ़ना, भारतीय कला-समसामयिक, शास्त्रीय और आदिवासी, भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प और लोक और शास्त्रीय संगीत दोनों शामिल हैं। उनके पास नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय से तैलचित्रण में डिप्लोमा है।