सोनिया का BJP पर हमला: 'कर्नाटक को किसी के आशीर्वाद की जरूरत नहीं, डकैती डालना सत्ता में बैठे लोगों का काम'
सोनिया गांधी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि ये लोग खुलेआम धमकी देते हैं कि अगर भाजपा चुनाव हार गई तो कर्नाटक को पीएम मोदी का आशीर्वाद नहीं मिलेगा। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि कर्नाटक के लोग इतने डरपोक और लालची नहीं हैं।
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विस्तार
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने शनिवार को चुनावी राज्य कर्नाटक के हुबली में अपनी पहली सार्वजनिक रैली की। यहां एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की लूट, झूठ, अहंकार और नफरत के माहौल से छुटकारा पाए बिना न तो कर्नाटक आगे बढ़ सकता है और न ही देश तरक्की कर सकता है। उन्होंने कहा कि जनता 10 मई को उन लोगों को जवाब देगी, जो प्रदेश को लूट रहे हैं। उन्होंने कहा, इस (भाजपा) सरकार के 'काले शासन' के खिलाफ हमारी आवाज को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यहां एक चुनावी सभा में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए यह भी कहा कि ये लोग खुलेआम धमकी देते हैं कि अगर भाजपा चुनाव हार गई तो कर्नाटक को पीएम मोदी का आशीर्वाद नहीं मिलेगा। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि कर्नाटक के लोग इतने डरपोक और लालची नहीं हैं। उनके अनुसार (भाजपा) लोगों का भविष्य केंद्र सरकार के आशीर्वाद पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक को किसी नेता के आशीर्वाद की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य के लोग अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं।
डकैती डालना सत्ता में बैठे लोगों का धंधा है: सोनिया
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख ने लोगों का आह्वान किया कि भाजपा की ‘अंधेरनगरी’ के खिलाफ आवाज बुलंद करना सबकी जिम्मेदारी है। सोनिया गांधी ने आरोप लगाया, डकैती डालना सत्ता में बैठे लोगों का धंधा हो गया है। इन्होंने (भाजपा) डकैती डालकर सत्ता हथिया ली है। इसके बाद उनकी 40 प्रतिशत सरकार जनता को लूटने में लग गई है।
‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर भाजपा पर किया हमला
उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस यात्रा से भाजपा को इतनी घबराहट हुई कि वह हर तरह के दमन पर उतारू हो गई। इनके नेता किसी सवाल और चिट्ठी का जवाब नहीं देते। वे संवैधानिक संस्थाओं को अपनी जेब में समझते हैं। सोनिया गांधी ने सवाल किया, क्या किसी सरकार में इतनी मनमानी देखी थी? क्या लोकतंत्र ऐसे चलता है?
सोनिया ने यह भी कहा कि उनके बेटे राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा नफरत फैलाने वालों के खिलाफ थी। यही कारण था कि राहुल गांधी के 4,000 किलोमीटर के मार्च में लाखों लोग शामिल हुए।
उन्होंने नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा, आज हालत यह है कि ये खुलेआम धमकी देते हैं। ये कहते हैं कि अगर ये नहीं जीते तो कर्नाटक को मोदी जी का आशीर्वाद नहीं मिलेगा। यह कहते हैं कि अगर भाजपा नहीं जीती, तो दंगा हो जाएगा। आप कर्नाटक के लोगों को इतना विवश और लाचार नहीं समझें।
जनता का भाग्य किसी नेता के अशीर्वाद से तय नहीं होता: सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने कहा, कर्नाटक के लोग किसी के आशीर्वाद पर नहीं, अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं। कर्नाटक के लोग डरपोक और लालची नहीं है। वो 10 मई को बताएंगे कि कर्नाटक के लोग किस मिट्टी के बने हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनता का भाग्य किसी नेता के अशीर्वाद से तय नहीं होता। जनता अपने भविष्य का फैसला खुद करती है।
सोनिया गांधी के साथ मंच पर कांग्रेस अध्यक्ष एम मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार मौजूद थे। शेट्टार हाल ही में टिकट नहीं मिलने पर भाजपा छोड़कर पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस ने छह बार के विधायक शेट्टार को हुबली-धारवाड़ मध्य निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतारा है, जहां से उन्होंने 2018 में पिछला विधानसभा चुनाव जीता था।
#WATCH | Hubballi, Karnataka: Bharat Jodo Yatra was done against people who do only one work which is spreading hatred. Such people can never bring any development in Karnataka. BJP got perturbed by Bharat Jodo Yatra. The people of BJP don't give reply to any questions. They… pic.twitter.com/axFumxT0Vy
— ANI (@ANI) May 6, 2023