Assam: 'सैनिकों ने हर बार पाकिस्तान सेना को दिया कड़ा जवाब', सीएम सरमा ने की सेना की सराहना; कांग्रेस को घेरा
एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई की सीएम ने सराहना की।उन्होंने एक्स पर लिखा कि जब भी पाकिस्तान ने भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस किया, हमारे सैनिकों ने साहस के साथ उस अवसर पर खड़े होकर दुश्मन को निर्णायक रूप से पराजित किया और भारत के गौरव को कायम रखा।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भारतीय सेना के साहस और जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब-जब पाकिस्तान ने भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस किया, तब-तब भारतीय सैनिकों ने साहस के साथ दुश्मन को हराया और देश का गौरव बरकरार रखा। इसके अलावा उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाने पर कांग्रेस को भी घेरा।
एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई की सीएम ने सराहना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत-पाकिस्तान युद्ध: भारतीय वीरता और विजय की विरासत। स्वतंत्रता के बाद से भारत की बहादुर सशस्त्र सेनाएं बार-बार पाकिस्तानी आक्रमण के खिलाफ हमारे देश की संप्रभुता की रक्षा करते हुए डटकर खड़ी रही हैं। जब भी पाकिस्तान ने भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने का दुस्साहस किया, हमारे सैनिकों ने साहस के साथ उस अवसर पर खड़े होकर दुश्मन को निर्णायक रूप से पराजित किया और भारत के गौरव को कायम रखा।
उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच लड़े गए चार युद्ध 1947-49 का भारत-पाक युद्ध, 1965 का युद्ध, 1971 का युद्ध और 1999 के कारगिल युद्ध की जानकारी दी। सरमा ने कहा कि प्रत्येक भारत-पाक संघर्ष एक स्थायी सत्य को रेखांकित करता है। जब भी भारत को आक्रमण का सामना करना पड़ा, तब हमारे सैनिक निडर, अपराजित और अपने संकल्प में अडिग रहे। साहस और बलिदान की यह विरासत प्रत्येक भारतीय नागरिक को प्रेरित करती रहेगी। सरमा ने कहा कि हमारे सशस्त्र बल सतर्क हैं और सभी परिस्थितियों में भारत की संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। जय हिंद।
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1947-1949 के भारत-पाक युद्ध (प्रथम कश्मीर युद्ध) को लेकर उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ने स्वतंत्रता के तुरंत बाद जम्मू और कश्मीर पर विश्वासघातपूर्वक आक्रमण किया, तो भारत ने त्वरित और वीरतापूर्वक जवाब दिया। हमारे सैनिकों ने श्रीनगर में ऐतिहासिक एयरलिफ्ट ऑपरेशन को अंजाम दिया, घाटी की सुरक्षा की और यह सुनिश्चित किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बना रहे। संघर्ष का अंत भारत द्वारा रणनीतिक क्षेत्रों की सफलतापूर्वक रक्षा करने और नियंत्रण रेखा (एलओसी) स्थापित करने के साथ हुआ।
1965 के भारत-पाक में पाकिस्तान ने धोखे से कश्मीर में घुसपैठ करते हुए ऑपरेशन जिब्राल्टर शुरू किया और बाद में पूर्ण पैमाने पर युद्ध में तब्दील हो गया। भारतीय सेना ने यहां भी बहादुरी से आक्रमण को विफल किया और पाकिस्तानी क्षेत्र में अंदर तक जाकर साहसिक जवाबी हमले किए, तथा रणनीतिक हाजी पीर दर्रे सहित प्रमुख क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया। भारत की दृढ़ सैन्य शक्ति के सामने दुश्मन के जीत के सपने चकनाचूर हो गए, तथा संघर्ष सामरिक जीत और भारत के नैतिक उत्थान के साथ समाप्त हुआ।'
उन्होंने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध (बांग्लादेश मुक्ति युद्ध) ने भारतीय सशस्त्र बलों के असाधारण साहस, रणनीति और मानवीय भावना को प्रदर्शित किया। पाकिस्तानी सेना के नरसंहार और पूर्वी पाकिस्तान से लाखों शरणार्थियों के आने का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने आधुनिक इतिहास में सबसे तेज और निर्णायक सैन्य अभियानों में से एक शुरू किया। सिर्फ 13 दिनों के भीतर हमारे सशस्त्र बलों ने भारी जीत हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया और बांग्लादेश को आज़ाद कराया गया। इसके बाद हुए शिमला समझौते (1972) ने भारत की कूटनीतिक और रणनीतिक सर्वोच्चता की पुष्टि की।
1999 के कारगिल युद्ध का जिक्र करते हुए सरमा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने छिपकर लाभ उठाने की कोशिश की। कारगिल में रणनीतिक चोटियों पर धोखे से कब्जा कर लिया। लेकिन भारतीय सेना की प्रतिक्रिया तेज थी। उन्होंने कहा कि कठोर पहाड़ी इलाकों और ठंड के मौसम में लड़ते हुए हमारे सैनिकों ने उल्लेखनीय वीरता के साथ हर इंच जमीन पर कब्जा किया और पाकिस्तान को अपमानजनक तरीके से पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस स्पष्ट जीत ने एक बार फिर क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
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कांग्रेस पर साधा निशाना
सीएम सरमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम सरकार के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले तथ्यों को सही से जानना ज़रूरी है। असम पुलिस ने सांसद प्रद्युत बोरदोलोई से जुड़ी घटना की पूरी तरह से जांच की है। अब यह स्पष्ट रूप से स्थापित हो गया है कि हमलावर मोहम्मद इमदादुल इस्लाम था। वह एक कांग्रेस कार्यकर्ता था। जिसे पंचायत चुनावों में पार्टी का टिकट देने से मना कर दिया गया था। यह घटना पूरी तरह से कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी कलह का नतीजा थी। यह असम सरकार द्वारा प्रायोजित या कसमर्थित कृत्य नहीं था। मुझे उम्मीद है कि इन सत्यापित तथ्यों के मद्देनजर असम सरकार के खिलाफ अपनी निराधार और भ्रामक टिप्पणी वापस ली जाएगी।
गौरव गोगोई पर बोला हमला
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हमारे पास कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान और नेपाल दौरे के स्पष्ट सबूत हैं। उचित समय पर, सितंबर से पहले, हम इसे पेश करने जा रहे हैं। हमारे पास केवल एक महिला का सबूत है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह दुखद है कि ऐसे समय में जब पूरा देश एकजुट है और भारतीय नागरिकों पर आतंकवादी प्रायोजित हमले के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया चाहता है, असम सहित विभिन्न राज्यों में भाजपा नेता तुच्छ राजनीति में लिप्त हैं। मुझे लगता है कि असम के सीएम उन लोगों का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने पहलगाम में अपनी जान कुर्बान कर दी। वह पहलगाम त्रासदी को कमतर आंक रहे हैं। उन्हें असम के लोगों को प्रभावित करने वाले वास्तविक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जानी चाहिए।
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