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Gender Gap: 'लैंगिक असमानता पर रिपोर्ट, भारत को शर्मिंदा करने की कोशिश', फिक्की के कार्यक्रम में बोलीं ईरानी

Wed, 28 Feb 2024 10:44 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 28 Feb 2024 10:44 PM IST
सार

स्मृति ईरानी ने भारतीय उद्योग जगत से अपील की कि वे इस बात का भी पता लगाएं कि ऐसी रिपोर्ट्स से भारत में निवेश पर क्या असर पड़ा है।

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smriti irani said gender gap reports are instruments to embarrass global south in ficci event
स्मृति ईरानी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि वैश्विक लैंगिक असमानता जैसी रिपोर्ट वैश्विक दक्षिण को बदनाम करने की कोशिश है। स्मृति ईरानी ने भारतीय विशेषज्ञों से अपील की कि वे ऐसा ढांचा तैयार करें, जिससे भारत की जमीनी हकीकत के बारे में पता चल सके। बुधवार को फिक्की के एक कार्यक्रम में बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि ऐसी रिपोर्ट्स सिर्फ भारत को बदनाम करने की साजिश हैं और इन रिपोर्ट्स में पूरे डाटा को शामिल भी नहीं किया जाता। 
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अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से स्मृति ईरानी ने दिखाई नाराजगी
स्मृति ईरानी ने भारतीय उद्योग जगत से अपील की कि वे इस बात का भी पता लगाएं कि ऐसी रिपोर्ट्स से भारत में निवेश पर क्या असर पड़ा है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम, लैंगिक असमानता रिपोर्ट और ग्लोबल हंगर इंडेक्स रिपोर्ट जारी करता है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम में हमने लैंगिक समानता के मुद्दे पर वैश्विक गठबंधन का एलान किया था। कंप्यूटरीकृत ढांचे को पहले हम घरेलू स्तर पर लागू करेंगे और फिर उससे अपने जी20 के दोस्तों की मदद कर सकेंगे। स्मृति ईरानी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय लैंगिक असमानता इंडेक्स को कौन करता है? अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भारत में काम करती हैं और वो जमीनी हकीकत भी जानती हैं, लेकिन फिर भी वे पुराने डाटा पर या फिर लापरवाही से रिपोर्ट तैयार करती हैं। 
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करोड़ों लोगों को मिल रहा मुफ्त राशन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये एजेंसियां बस पांच लोगों से सवाल करती हैं, लेकिन ये उन करोड़ों लोगों को छोड़ देती हैं, जिन्हें मुफ्त राशन मिल रहा है। लैंगिक असमानता रिपोर्ट इस बात की भी अनदेखी करती है कि देश में 15 लाख महिलाएं पंचायतों में निर्वाचित हुई हैं। बता दें कि वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम ने ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें 146 देशों में से भारत की रैंकिंग 127 थी। वहीं ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 125 देशों में भारत को 111वां स्थान मिला था। 
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