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दस्ताना विवाद : केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी धोनी और सेना के समर्थन में उतरीं
Sun, 09 Jun 2019 01:21 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 09 Jun 2019 01:21 AM IST
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smriti irani
- फोटो : PTI
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आईसीसी ने महेंद्र सिंह धोनी के विकेट कीपिंग ग्लव्स पर सेना के प्रतीक चिह्न इस्तेमाल करने देने के बीसीसीआई के निवेदन को ठुकराने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी धोनी और सेना के समर्थन में उतर आई हैं।
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महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इसके समर्थन में हैशटैग हीरो और सम्मानित शख्स के साथ पैरा कमांडो स्पेशल फोर्स की तस्वीर पोस्ट की है।
क्या था पूरा मामला
एम एस धोनी
- फोटो : social Media
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने अपने विकेटकीपिंग ग्लव्स पर बलिदान बैज का लोगो लगाया था। जिसके बाद गुरुवार को आईसीसी ने बीसीसीआई से अपील की कि धोनी अपने ग्लव्स पर से बलिदान बैज का चिन्ह हटाकर अगले मैच में उतरे, जिसके बाद से पूरे देश में हंगामा मच गया।
आईसीसी ने कहा कि धोनी का अपने ग्लव्स पर बलिदान बैज लगाना उसके नियमों के विरुद्ध है। अब बीसीसीआई भी इस मामले में नरम पड़ता नजर आ रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की माने तो खुद धोनी भी अपने दस्तानों से बलिदान बैज हटाने को राजी हो गए हैं।
मालूम हो कि महेंद्र सिंह धोनी को 2011 में टेरीटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से नवाजा गया था। उसके बाद साल 2015 में धोनी ने पैरा फोर्सेज के साथ बुनियादी ट्रेनिंग और फिर पैराशूट से कूदने की स्पेशल ट्रेनिंग भी पूरी की जिसके बाद धोनी को पैरा रेजिमेंट में शामिल किया गया था।
आईसीसी ने कहा कि धोनी का अपने ग्लव्स पर बलिदान बैज लगाना उसके नियमों के विरुद्ध है। अब बीसीसीआई भी इस मामले में नरम पड़ता नजर आ रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की माने तो खुद धोनी भी अपने दस्तानों से बलिदान बैज हटाने को राजी हो गए हैं।
मालूम हो कि महेंद्र सिंह धोनी को 2011 में टेरीटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि से नवाजा गया था। उसके बाद साल 2015 में धोनी ने पैरा फोर्सेज के साथ बुनियादी ट्रेनिंग और फिर पैराशूट से कूदने की स्पेशल ट्रेनिंग भी पूरी की जिसके बाद धोनी को पैरा रेजिमेंट में शामिल किया गया था।