स्मृति ईरानी के जन्मदिन पर राजनीतिक दिग्गजों की बधाई, पॉलिटिक्स में ऐसे हुई थी एंट्री
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केंद्रीय कपड़ा एवं सूचना तथा प्रसारण मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी का आज जन्मदिन है। वह 40 साल की हो गईं हैं और देशभर से उन्हें शुभकामनाएं मिल रही हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्मृति ईरानी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। हालांकि भूलवश उन्होंने अपने ट्विटर पर स्मृति ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्री लिख दिया गया है। जबकि इन दिनों वह सूचना एवं प्रसारण व कपड़ा मंत्री हैं।
Warm birthday greetings to Union HRD Minister & my party colleague Smt. @smritiirani. Wishing you a long, healthy and joyous life ahead.
— ShivrajSingh Chouhan (@ChouhanShivraj) 23 March 2016विज्ञापन
बीजेपी के सीनियर नेता मनोज सिन्हा ने भी उन्हें जन्म दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। अपने ट्विटर अकाउंट पर सिन्हा ने जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ लिखा कि ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना करता हूं।
श्रीमती @smritiirani जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना करता हूं।
— Manoj Sinha (@manojsinhabjp) 23 March 2018
ऐसे मिली थी पॉलिटिक्स में एंट्री
स्मृति ईरानी के पॉलिटिकल करियर की शुरुआत साल 2003 में हुई थी। उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीरियल से मिली प्रसिद्धी को भुनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ईरानी को दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से टिकट दिया था। वह कपिल सिब्बल से हार गईं थीं लेकिन बीजेपी ने उनके भीतर छिपा राजनेता टटोल लिया था। इसी के साथ उनको साल 2004 में महाराष्ट्र यूथ विंग का उपाध्यक्ष बना दिया गया। धीरे-धीरे पार्टी के भीतर स्मृति ईरानी की पैठ मजबूत होती चली गई। वह पांच बार केंद्रीय समिति की कार्यकारी सदस्य मनोनीत हो चुकी हैं। उन्हें राष्ट्रीय सचिव भी नियुक्त किया जा चुका है।
साल 2010 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें बीजेपी की महिला मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद साल 2011 में वह गुजरात की राज्यसभा सांसद भेजी गईं। इसी साल उन्हें हिमाचल प्रदेश की महिला मोर्चा की कमान सौंपी गई। स्मृति ईरानी के लिए निर्णायक मोड़ तब आया जब उन्हें राहुल गांधी की संसदीय सीट अमेठी से चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दी गई। इस सीट पर राहुल गांधी के अलावा आम आदमी पार्टी के कुमार विश्वास भी चुनाव लड़ रहे थे। यहां स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को कड़ी चुनौती दी। हालांकि वह हार गईं थी लेकिन राज्यसभा सांसद होने के नाते उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिली।