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मुंबई: धीमी गति से सीखने वालों को भी मिले पिता की संपत्ति की जिम्मेदारी

Thu, 25 Oct 2018 12:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Thu, 25 Oct 2018 12:21 PM IST
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Slow learners can get charge of father property said Mumbai High Court
धीमी गति से सीखने वालों को भी मिले पित्ता की संपत्ति की जिम्मेदारी - फोटो : PTI

मुंबई हाई कोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर कोई धीमी गति से सीखने वाला व्यक्ति है तो उसे 'मानसिक रूप से मंद' घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने 32 वर्षीय महिला का बचाव किया।  उसके पिता की मौत के बाद उसकी पैतृक आंटी को उसके पिता की संपत्ति का ट्रस्टी नियुक्त किया गया था। महिला ने कोर्ट में पैतृक आंटी को चुनौती दी। कानूनी रूप से महिला को अपने पिता की संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए लेकिन उसकी आंटी का कहना है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर है और यह बात उसका आईक्यू टेस्ट सिद्ध करता है।

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मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस रमेश धनुका ने कहा, 'मेरी नजर में अगर कोई छात्र स्कूल में धीमी गति से सीखता है तो उसे मानसिक रूप से अस्थिर नहीं कहा जा सकता।' अदालत ने महिला के सभी बयानों को रिकॉर्ड किया। उसका कहना है कि वह अपने माता-पिता के तलाक से प्रभावित हुई थी। जिसके कारण वह विद्यालय में कमजोर छात्रा बन गई। उसके सीखने की क्षमता धीमी हो गई थी जिसके कारण उसे विशेष स्कूल में शिक्षा लेनी पड़ी।
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उसके माता-पिता की शादी साल 1985 में हुई थी। जिसके बाद उसका जन्म हुआ। माता-पिता का तलाक साल 2002 में हो गया। जिसके कारण वह मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुई। उसके पिता की साल 2011 में मौत हो गई। फिर वह कुछ महीने अपनी आंटी के साथ रही। इसके बाद उसकी मां ने याचिका दायर की और साल 2012 में उन्हें उसका अभिभावक बनाया गया। फिर उसकी आंटी ने साल 2012 में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।
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उसके पिता की 2009 की विल दिखाई। उसने कहा कि उसकी भतीजी पूरी तरह से स्वास्थ्य नहीं है और उसे मुख्य ट्रस्टी बनाया जाए। महिला की आंटी ने उसके महीने का खर्चा भी बंद कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि साल 2012 की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार महिला का आईक्यू लेवल 58 था, जो कि अब 72 हो गया है। कोर्ट ने कहा कि महिला फुल टाइम दो शिक्षण संस्थानों में काम कर रही है । इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता। उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी यह नहीं बताती वह मानसिक रूप से अस्थिर है। तो वह ही अपने पिता की संपत्ति को संभालेगी। 

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