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SLBC Tunnel Rescue: तेलंगाना की सुरंग में फंसे चार लोगों का सुराग मिला, मंत्री कृष्णा राव ने दी अहम जानकारी
Sat, 01 Mar 2025 04:31 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 01 Mar 2025 04:31 PM IST
सार
तेलंगाना की एसएलबीसी सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। कांग्रेस की सरकार में मंत्री कृष्णा राव ने बताया है कि राहत और बचाव कार्य के दौरान चार श्रमिकों के ठिकाने की सटीक जानकारी मिल गई है। उन्होंने कहा कि बीते करीब एक हफ्ते से रेस्क्यू जारी है, अब उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
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तेलंगाना टनल हादसे में बड़ा अपडेट
- फोटो : PTI
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विस्तार
तेलंगाना के नगरकुरनूल में सुरंग का एक हिस्सा धंसने के कारण कई श्रमिक करीब एक हफ्ते से फंसे हैं। राहत और बचाव कार्य में लगी टीमों का संकट में फंसे लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ताजा घटनाक्रम में तेलंगाना सरकार में आबकारी मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने कहा कि बचाव अभियान में बड़ी सफलता मिली है। फंसे हुए कुल आठ लोगों में चार लोगों का पता चल गया है। बचाव अभियान में 11 एजेंसियों के अधिकारी शामिल हैं।
रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाले जाने की उम्मीद
राव ने शनिवार को कहा, रडार की मदद से चार लोगों के ठिकाने का पता लगाया जा चुका है। उन्होंने सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी के साथ बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में कहा, उम्मीद है कि रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बताया, चार अन्य लोग टनल बोरिंग मशीन के नीचे फंस गए हैं। 450 फीट ऊंची मशीन को काटा जा रहा है। फंसे हुए लोगों के जीवित बचे होने की संभावना काफी कम है।
विपक्ष की आलोचना पर भी बोले
अभियान में कथित देरी को लेकर विपक्ष की आलोचना पर मंत्री कृष्ण राव ने कहा, रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जटिल है। सुरंग के अंदर कीचड़, पानी और मलबे की चुनौती है। विशेषज्ञों की टीम पूरी क्षमता से प्रयास कर रही है।
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मजदूरों तक पहुंचने का रास्ता बनाया
इससे पहले शनिवार को ही सुरंग हादसे के बाद रेस्क्यू में अधिकारियों ने बताया कि टनल बोरिंग मशीन से सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। नगरकुरनूल के एसपी वैभव गायकवाड़ ने बताया, टनल बोरिंग मशीन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, जिससे फंसे लोगों तक पहुंचने की उम्मीदें बढ़ी हैं।
राहत और बचाव कार्य में सेना के साथ रैट माइनर्स भी जुटे
गौरतलब है कि एसएलबीसी सुरंग हादसे को एक हफ्ते का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सुरंग में फंसे आठ लोगों को नहीं निकाला जा सका है। एनडीआरएफ, सेना, राज्य के खनन विभाग के लोग, रैट माइनर्स की टीम और अन्य एजेंसियां सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
कब हुआ हादसा, किन राज्यों के लोग फंसे
विगत 22 फरवरी को तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक टनल के काम के दौरान सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार मजदूर सुरंग में फंस गए। हादसे में चार राज्यों के लोगों की जान पर संकट मंडरा रहा है। श्रमिक सुरंग में फंसे लोगों की पहचान मनोज कुमार (यूपी), श्रीनिवास (यूपी), सन्नी सिंह (जम्मू कश्मीर) गुरप्रीत सिंह (पंजाब), संदीप साहू, जेगता सेस, संतोष साहू और अनुज साहू (सभी झारखंड के निवासी) के रूप में हुई है। इनमें से दो इंजीनियर और चार मजदूर जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए काम करते हैं। इसी कंपनी को एसएलबीसी प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली है।
संबंधित वीडियो--
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रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाले जाने की उम्मीद
राव ने शनिवार को कहा, रडार की मदद से चार लोगों के ठिकाने का पता लगाया जा चुका है। उन्होंने सिंचाई मंत्री एन उत्तम कुमार रेड्डी के साथ बचाव अभियान में शामिल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक के बाद एक सवाल के जवाब में कहा, उम्मीद है कि रविवार शाम तक लोगों को बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने बताया, चार अन्य लोग टनल बोरिंग मशीन के नीचे फंस गए हैं। 450 फीट ऊंची मशीन को काटा जा रहा है। फंसे हुए लोगों के जीवित बचे होने की संभावना काफी कम है।
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विपक्ष की आलोचना पर भी बोले
अभियान में कथित देरी को लेकर विपक्ष की आलोचना पर मंत्री कृष्ण राव ने कहा, रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जटिल है। सुरंग के अंदर कीचड़, पानी और मलबे की चुनौती है। विशेषज्ञों की टीम पूरी क्षमता से प्रयास कर रही है।
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मजदूरों तक पहुंचने का रास्ता बनाया
इससे पहले शनिवार को ही सुरंग हादसे के बाद रेस्क्यू में अधिकारियों ने बताया कि टनल बोरिंग मशीन से सुरंग में फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है। नगरकुरनूल के एसपी वैभव गायकवाड़ ने बताया, टनल बोरिंग मशीन की मदद से मलबा हटाया जा रहा है, जिससे फंसे लोगों तक पहुंचने की उम्मीदें बढ़ी हैं।
राहत और बचाव कार्य में सेना के साथ रैट माइनर्स भी जुटे
गौरतलब है कि एसएलबीसी सुरंग हादसे को एक हफ्ते का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सुरंग में फंसे आठ लोगों को नहीं निकाला जा सका है। एनडीआरएफ, सेना, राज्य के खनन विभाग के लोग, रैट माइनर्स की टीम और अन्य एजेंसियां सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
कब हुआ हादसा, किन राज्यों के लोग फंसे
विगत 22 फरवरी को तेलंगाना के नगरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक टनल के काम के दौरान सुरंग का एक हिस्सा ढह गया था, जिससे दो इंजीनियर, दो ऑपरेटर और चार मजदूर सुरंग में फंस गए। हादसे में चार राज्यों के लोगों की जान पर संकट मंडरा रहा है। श्रमिक सुरंग में फंसे लोगों की पहचान मनोज कुमार (यूपी), श्रीनिवास (यूपी), सन्नी सिंह (जम्मू कश्मीर) गुरप्रीत सिंह (पंजाब), संदीप साहू, जेगता सेस, संतोष साहू और अनुज साहू (सभी झारखंड के निवासी) के रूप में हुई है। इनमें से दो इंजीनियर और चार मजदूर जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए काम करते हैं। इसी कंपनी को एसएलबीसी प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी मिली है।
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