#LadengeCoronaSe: दुबई से आए छह क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर
- एयरफोर्स का IAF C-17 दुबई से छह क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों को लेकर भारत आया। जो सोमवार शाम पनागर एयरबेस पर उतरे।
विस्तार
कोरोना की इस लड़ाई में भारत की मदद कई देश कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में कई देश भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े हैं। इसी कड़ी में एयरफोर्स का IAF C-17 दुबई से छह क्रायोजेनिक (तरल रूप में) ऑक्सीजन कंटेनरों को भारत लेकर आया। जो सोमवार शाम पानागढ़ एयरबेस पर उतरे। इसके बाद ऑक्सीजन कंटेनरों को जयपुर से जामनगर एयरबेस तक भेजा गया।
IAF C-17 airlifted 6 Cryogenic oxygen containers from
Dubai Airports & landed at the Panagarh Airbase this evening. Within the country, Oxygen containers were airlifted from Jaipur to Jamnagar Airbase: Indian Air Force pic.twitter.com/kqzgAts32i— ANI (@ANI) April 26, 2021विज्ञापन
सिंगापुर से आए चार क्रायोजेनिक टैंक, दूर करेंगे देश में ऑक्सीजन की किल्लत
देश में कोविड-19 की गंभीर स्थिति के बीच, देश के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए चार क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) टैंकर सिंगापुर से विमान से शनिवार शाम करीब 4.30 बजे आ गए हैं।
भारत की मदद को कई देशों ने बढ़ाए हाथ
अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन, ब्रिटेन, कनाडा, सऊदी से रवाना हुए ऑक्सीजन व मेडिकल उपकरण
कोरोना से निपटने के लिए कई देशों को भारत द्वारा दी गई मदद के बाद अब भारत में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन और सऊदी अरब ने भी भारत की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। अमेरिका ने न सिर्फ टीका निर्माण के लिए भारत को कच्चा माल देने की बाद कही बल्कि न्यूयॉर्क से 5 टन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत के लिए रवाना भी कर दिए गए हैं।
श्रीलंका में मौजूद चीनी दूतावास ने कहा है कि चीन इस वक्त भारत के साथ है। दूतावास ने कहा चीन ने हांगकांग से 800 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत के लिए रवाना किए हैं और अगले सात दिनों में दस हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स भारत भेजेगा। ब्रिटेन भी 300 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स और 600 मेडिकल डिवाइस भारत भेज रहा है। यूएई ने भारत के लिए उच्च क्षमता वाले क्रायोजनिक ऑक्सीजन टैंकर भेजे हैं।
बाइडन, हैरिस ने कहा- भारत ने हमारी मदद की थी अब हम उसे सहयोग देंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भारत को कोरोना संकट से निपटने में मदद देने के लिए जरूरी मेडिकल जीवनरक्षक आपूर्तियां और उपकरण समेत हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
बाइडन ने कहा, जिस तरह भारत ने संकट के वक्त अमेरिका को मदद भेजी थी उसी तरह हम जरूरत के इस समय में भारत की मदद के लिए दृढ़ हैं। वह डेलावेयर में भारत के घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं कमला हैरिस ने ट्वीट किया कि हम भारत सरकार के साथ अतिरिक्त मदद व आपूर्ति के लिए करीब से काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी रक्षामंत्री ऑस्टिन लॉयड ने भारत को जरूरी मदद के निर्देश पेंटागन को दिए हैं। उन्होंने कहा, संकट की इस घड़ी में भारत के साथ हैं और फिलहाल उन उपकरणों का आकलन कर रहे हैं जिनसे भारत की मदद हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया भेजेगा ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और पीपीई
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तत्काल सहायता के बतौर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और पीपीई किट भेजने के लिए कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा, संघीय सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि मदद के लिए वह और क्या भेज सकती है।
उन्होंने कहा, भारत वास्तव में ऑक्सीजन की समस्या से जूझ रहा है। हम राष्ट्रीय चिकित्सा भंडार से मदद कर सकते हैं, साथ ही इस मामले में हम राज्यों से बात कर रहे हैं। हंट ने कहा, हमें फिलहाल कुछ चीजों की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं है इसलिए हम उनका स्टॉक रखेंगे लेकिन हो सकेगा तो भारत को सहायता के तौर पर दान करेंगे।
यूएई ने जताई प्रतिबद्धता
यूएई ने उच्च क्षमता ऑक्सीजन टैंकर भारत की मदद के लिए रवाना किए हैं। यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद ने कहा, हम भारत की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने भारत की ताजा स्थिति की जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से ली। शेख अब्दुल्ला ने कहा, यूएई 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन भी भारत भेजने वाला है। पहली खेप सऊदी के दम्मम से गुजरात के मुंद्रा के लिए निकल चुकी है।
मंगलवार तक भारत पहुंचेगी ब्रिटेन की मदद
ब्रिटेन ने कोरोना से मुकाबले के लिए भारत को 600 से अधिक अहम चिकित्सा उपकरण भारत भेजने का एलान किया है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपकरणों की एक खेप को भारत के लिए रवाना की जा रही है।
उम्मीद है कि पहली खेप मंगलवार तक भारत पहुंच जाएगी। वहीं बाकी के उपकरण अगले सप्ताह के अंत तक भारत पहुंचेंगे। ब्रिटेन ने कहा है कि वह इस मदद के लिए पैसे का इंतजाम विदेशी, कॉमनवेल्थ और विकास कार्यालय के सरप्लस स्टॉक से कर रही है। इन उपकरणों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स शामिल हैं।
टीका निर्माण के लिए भारत को कच्चा माल देगा अमेरिका
व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति जो बाइडन के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन कोविड-19 महामारी से लड़ाई में भारत को आपातकालीन सहायता मुहैया कराने के साथ ही कोविशील्ड टीके के भारतीय निर्माता को तत्काल कच्चा माल उपलब्ध कराने को लेकर दिन-रात काम कर रहा है।
अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवान और उनके भारतीय एनएसए अजित दोभाल के बीच फोन पर हुई वार्ता के बाद अमेरिका की ओर से यह निर्णय लिया गया है। दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की वार्ता के बाद व्हाइट हाउस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एमिली होर्ने ने कहा, अमेरिका इस दौर में भारत को हरसंभव मदद को तैयार है।
ऑक्सीजन के 400 सिलेंडर भेजेगा सेवा इंटरनेशनल
अमेरिका में भारतवंशी समुदाय भी भारत को ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक आपूर्तियों की कमी की आपूर्ति में जुटा हुआ है। भारतीय-अमेरिकी गैर लाभकारी संगठन ‘सेवा इंटरनेशनल यूएसए’ ने 50 लाख डॉलर चंदा जुटाने का लक्ष्य रखा है जिसमें से दो दिन के भीतर 15 लाख डॉलर पहले ही एकत्र कर लिए गए हैं। यह राशि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर की प्रतिक्रिया स्वरूप जुटाई जा रही है।
संगठन ने कहा कि वह भारत को तत्काल 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स के साथ ही अन्य आपातकालीन चिकित्सा उपकरण एवं आपूर्तियों की शुरुआती खेप भेज रहा है। प्रवक्ता गीता देसाई ने बताया कि यह संगठन भारत के करीब 10,000 परिवारों को तथा 1,000 अनाथों एवं वरिष्ठ नागरिकों को भोजन एवं दवाएं मुहैया करा रहा है।