त्रिपुरा: सीताराम येचुरी ने बताया, चारीलाम विधानसभा सीट पर उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा
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चुनाव से अपना नाम वापस लेने पर सीताराम येचुरी ने बताया कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद हमारे कार्यकर्ता डर डर कर जीने को मजबूर हैं। राज्य में जैसे हालात हैं उनके हिसाब से चुनाव संभव नहीं है। लोग दहशत में हैं, बाजार अब तक नहीं खुल पाए हैं। लोग अपने जरूरतों के सामान खरीदने के लिए घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया जा सकता है।
Situation in Tripura is such that no free & fair election is possible. Atmosphere of terror is widespread. Markets haven't opened. People aren't coming out to buy their daily requirements. In such situation to expect a free & fair election is preposterous: Sitaram Yechury, CPI(M) pic.twitter.com/5avV7QvfTC
— ANI (@ANI) 11 March 2018
उन्होंने कहा कि हमने चुनाव आयोग से निवेदन किया है कि चारीलाम चुनाव को कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाना चाहिए और जब स्थिति सामान्य हो जाए तब चुनावों का ऐलान कर दिया जाना चाहिए। यह अलोकतांत्रिक है।
Our party cadre are under constant threat. Till you restore normalcy Charilam election should be postponed but EC refused. So in that situation it will be exposing more of our people for more harm. This is anti-democratic & this election will be a farce: Sitaram Yechury, CPI(M) pic.twitter.com/EzAO0l8q8r
— ANI (@ANI) 11 March 2018
आपको बता दें कि प्रदेश की 60 सदस्यीय विधानसभा की 59 सीटों पर 18 फरवरी को मतदान हुए थे। लेकिन चारीलम विधानसभा सीट पर माकपा उम्मीदवार नारायण देबबर्मा का निधन हो जाने से मतदान स्थगित कर दिया गया था। देबबर्मा की मौत 11 फरवरी को चुनावी अभियान के दौरान कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई थी।