{"_id":"656b4d93f5d2b57bc8031e48","slug":"sikkim-flash-floods-77-missing-presumed-dead-chief-secretary-vb-pathak-2023-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sikkim Flash Floods: 77 लापता लोगों से जुड़ी आस खत्म; सरकार ने माना- अब जिंदा नहीं बचे लोग, परिजनों को मुआवजा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Sikkim Flash Floods: 77 लापता लोगों से जुड़ी आस खत्म; सरकार ने माना- अब जिंदा नहीं बचे लोग, परिजनों को मुआवजा
Sat, 02 Dec 2023 09:01 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गंगटोक
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 02 Dec 2023 09:01 PM IST
सार
पूर्वोत्तर में करीब दो महीने पहले अचानक आई बाढ़ की चपेट में छह दर्जन से अधिक लोग आए थे। 77 लापता लोगों की तलाश में निराशा हाथ लगने के बाद राज्य सरकार ने इन लोगों को मृत मान लिया है। अब मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सिक्किम में अक्तूबर महीने में अचानक आई बाढ़ में 77 लोग लापता हो गए थे। इन लोगों को सरकार ने मृत मान लिया है। सिक्किम सरकार के मुख्य सचिव वीबी पाठक ने बताया कि अब इन लापता लोगों के जिंदा लौटने की आशा खत्म हो चुकी है। 77 लोगों की मौत की पुष्टि के बाद अब इन पीड़ित परिवारों को सरकार की तरफ से नियमानुसार आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बताया कि 4 अक्तूबर को अचानक आई बाढ़ में बहे 77 लोगों की तलाश का हरसंभव प्रयास किया गया, लेकिन दो महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा, बाद में दो शव बरामद हुए, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। शनिवार को उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद के तरीके पर कहा, 'उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का पालन कर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा, सिक्किम सरकार 4 लाख रुपये का मुआवजा दे रही है। पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही परिवार मुआवजे का लाभ उठा सकेंगे। सरकार जनवरी तक सभी लापता व्यक्तियों के मामले निपटा लेगी, ऐसी उम्मीद है। बता दें कि करीब दो महीने पहले तीस्ता नदी बेसिन में अचानक आई बाढ़ के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसे में कम से कम 46 लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
सिक्किम सरकार के मुख्य सचिव ने कहा, पीड़ित परिवारों को पहले पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद प्रक्रिया के अनुसार समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और सरकारी गजट पर सूचना प्रकाशित होगी। इससे पहले विभिन्न स्तरों पर गहन जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, अगर सिक्किम के बाहर का कोई व्यक्ति लापता हुआ है, तो परिवार अपने गृह राज्य में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराएगा। पुलिस की जांच के लिए मामला यहां स्थानांतरित किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने बताया कि 4 अक्तूबर को अचानक आई बाढ़ में बहे 77 लोगों की तलाश का हरसंभव प्रयास किया गया, लेकिन दो महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने कहा, बाद में दो शव बरामद हुए, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। शनिवार को उन्होंने पीड़ित परिवारों की मदद के तरीके पर कहा, 'उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया का पालन कर मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने कहा, सिक्किम सरकार 4 लाख रुपये का मुआवजा दे रही है। पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही परिवार मुआवजे का लाभ उठा सकेंगे। सरकार जनवरी तक सभी लापता व्यक्तियों के मामले निपटा लेगी, ऐसी उम्मीद है। बता दें कि करीब दो महीने पहले तीस्ता नदी बेसिन में अचानक आई बाढ़ के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है। बाढ़ और बारिश से जुड़े हादसे में कम से कम 46 लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
सिक्किम सरकार के मुख्य सचिव ने कहा, पीड़ित परिवारों को पहले पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद प्रक्रिया के अनुसार समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और सरकारी गजट पर सूचना प्रकाशित होगी। इससे पहले विभिन्न स्तरों पर गहन जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, अगर सिक्किम के बाहर का कोई व्यक्ति लापता हुआ है, तो परिवार अपने गृह राज्य में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराएगा। पुलिस की जांच के लिए मामला यहां स्थानांतरित किया जाएगा।