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विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी मामला: अभिषेक बनर्जी को फिलहाल राहत, हाईकोर्ट ने एक महीने बढ़ाई अंतरिम सुरक्षा
Fri, 17 Jul 2026 08:50 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 17 Jul 2026 08:50 PM IST
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टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी
- फोटो : X- @abhishekaitc
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को फिलहाल राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीआईडी जांच के बीच उन्हें गिरफ्तारी सहित किसी भी कठोर कार्रवाई से मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा दी है।
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न्यायमूर्ति कौशिक चंद ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी को दी गई अंतरिम राहत जारी रखने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच जारी रह सकती है, लेकिन फिलहाल पुलिस उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई कठोर कार्रवाई नहीं करेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
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मामला तृणमूल कांग्रेस के कई विधायकों की ओर से लगाए गए उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें दावा किया गया था कि अभिषेक बनर्जी के आधिकारिक लेटरहेड पर उनके हस्ताक्षर कथित तौर पर फर्जी तरीके से इस्तेमाल किए गए। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
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शुरुआत में मामले की जांच कोलकाता पुलिस के हेयर स्ट्रीट थाने ने शुरू की थी। बाद में जांच राज्य की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई। इसके बाद सीआईडी ने जांच के सिलसिले में अभिषेक बनर्जी को कई बार पूछताछ के लिए तलब किया।
हाईकोर्ट ने पहले जांच एजेंसी को अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की अनुमति देते हुए निर्देश दिया था कि जांच के दौरान उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इसी अंतरिम संरक्षण की अवधि एक महीने के लिए और बढ़ा दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन में अभिषेक बनर्जी से कई दौर की पूछताछ हो चुकी है। जांच एजेंसी कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले में उनकी भूमिका और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।