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Karnataka: कर्नाटक में चावल पर गरमाई राजनीति; सिद्धारमैया बोले- नफरत और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा केंद्र
Tue, 20 Jun 2023 03:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 20 Jun 2023 03:36 PM IST
सार
कर्नाटक के सीएम ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने हमें पत्र लिखकर कहा कि वे हमारे राज्य को चावल की आपूर्ति करने के लिए सहमत हो गए हैं। इससे पहले 14 जून को हमें एक और पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि हम चावल और गेहूं की आपूर्ति नहीं कर सकते। इसका मतलब क्या है?
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सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कर्नाटक में चावल पर राजनिति गरमा गई है। राज्य के सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार द्वारा पक्षपात की राजनीति करते हुए चावल की आपूर्ति न करने का आरोप लगाया है। सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर उसके 'अन्न भाग्य योजना' के चुवावी वादे को पूरा करने में बाधा डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि केंद्र जनता के मन में भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहती है। बता दें कि इस योजना के तहत प्रति व्यक्ति खाद्यान्न की मात्रा को अब बढ़ाकर 10 किलोग्राम कर दिया है।
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सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कर्नाटक के सीएम ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) ने हमें पत्र लिखकर कहा कि वे हमारे राज्य को चावल की आपूर्ति करने के लिए सहमत हो गए हैं। इससे पहले 14 जून को हमें एक और पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि हम चावल और गेहूं की आपूर्ति नहीं कर सकते। इसका मतलब क्या है? अगर एफसीआई के पास स्टॉक ही नहीं था तो अब वे क्यों मान गए। वे नफरत की राजनीति कर रहे हैं। यह सरकार गरीब विरोधी है।
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उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी खोला मोर्चा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस मुद्दे पर केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने कहा कि हम मुफ्त में चावल नहीं मांग रहे हैं। हमने पंजाब, छत्तीसगढ़ और अन्य पड़ोसी राज्यों से बात की है। हम उनसे अनाज खरीदने जा रहे हैं। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि राजनीति न करें। आप अपना चावल नहीं दे रहे हैं, यह किसानों का चावल है। हमें किसी का मुफ्त चावल नहीं चाहिए, कर्नाटक सरकार इसे खरीदने में सक्षम है।
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गौरतलब है कि इससे पहले सीएम सिद्धरमैया ने केंद्र सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हमने उसे (भारतीय खाद्य निगम को) नौ जून को पत्र लिखा था कि वे हमें 2.28 लाख मीट्रिक टन चावल दें। उसने 12 जून को जवाब दिया कि वह इसकी आपूर्ति करेगा। हालांकि, 14 जून को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अध्यक्ष ने हमें पत्र लिखकर कहा कि वे हमें चावल नहीं दे सकते हैं।
भाजपा का है ये रुख
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने चावल को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पहले ही (परिवार के प्रत्येक सदस्य को) पांच किलो चावल मुफ्त दे रही है।