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सियासत: अमित शाह का दावा- सिद्धारमैया ने तीन महीने देर से दिया प्रस्ताव, NDA-इंडी में कोई चुनावी मुकाबला नहीं
Tue, 02 Apr 2024 06:23 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू/मैसूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू/मैसूर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 02 Apr 2024 06:23 PM IST
सार
केंद्र द्वारा कर्नाटक को सूखा राहत राशि जारी नहीं करने के आरोप को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र को तीन महीनें बाद प्रस्ताव भेजा था। इन्हें अपनी कुर्सी बचाने की पड़ी है, कर्नाटक के जनता की नहीं। उन्होंने आगामी चुनाव पर कहा कि एनडीए-इंडी में कोई मुकाबला नहीं है। विपक्षी गठबंधन में भ्रष्टाचारी-वंशवादी भरे पड़े हैं।
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अमित शाह- सिद्धारमैया
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही, वैसे-वैसे तमाम राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौरा तेज हो गया है। इस बीच, केंद्र द्वारा कर्नाटक को सूखा राहत राशि जारी नहीं करने के आरोप को लेकर सूबे के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
केंद्र ने राहत के नाम पर हमें धोखा दिया-सिद्धारमैया
केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सूखा राहत राशि जारी न कर केंद्र ने हमें धोखा दिया है। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर अन्याय करने का आरोप लगाया है। जबकि अमित शाह ने राहत के लिए प्रस्ताव भेजने में राज्य की कांग्रेस सरकार की ओर से देरी का गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस सरकार कर्नाटक के हित में नहीं है- अमित शाह
अमित शाह ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि कर्नाटक में जो सरकार सत्ता में है वो विकास के हित में काम नहीं कर रही है। सूबे के सीएम अपनी कुर्सी बचाने में व्यवस्त है, वहीं उपमुख्यमंत्री कुर्सी छीनने में लगे हुए हैं। किसी के दिमाग में कर्नाटक की जनता की भलाई नहीं है।
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सिद्धारमैया सरकार ने प्रस्ताव भेजने में की देरी- अमित शाह
बंगलूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में सूखा है। राज्य की सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने में तीन महीनें की देरी की है। कांग्रेस सरकार इस पर राजनीति कर रही है। कर्नाटक ने 240 में से 223 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है, उनमें से 196 को गंभीर रूप से सूखा प्रभावित के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
सिद्धारमैया ने लगाए थे ये आरोप
इससे पहले दिन मैसूर में सिद्धारमैया ने दावा किया कि अमित शाह को कर्नाटक के मतदाताओं से वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर राज्य के लोगों को धोखा देने और अन्याय करने का आरोप लगाया था। विशेषकर सूखा राहत राशि जारी करने में देरी।
रोडशो में समर्थकों के आने से उत्साह; कांग्रेस पर बरसे शाह
एक अन्य अहम सियासी घटनाक्रम में शाह ने मंगलवार को बंगलूरू में रोडशो भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी इंडी गठबंधन के बीच कोई मुकाबला नहीं है। यह एक परिवारवादियों का गठबंधन है, जिसमें वंशवादी और भ्रष्टाचारी लोग शामिल हैं। शाह ने भाजपा के 400 पार लक्ष्य पर भरोसा जताते हुए कहा, हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा कर्नाटक में भी सभी 28 लोकसभा सीटें जीतेगी। बकौल शाह, 'मैंने देशभर के लगभग 60 प्रतिशत राज्यों की यात्रा की है। हर जगह लोग मोदी, मोदी के नारे लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने 400 पार का लक्ष्य रखा है।'
उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों में, कर्नाटक के लोगों ने 43 फीसदी वोट देकर हमें 17 सीटें जिताई थीं। 2019 में 51 प्रतिशत फीसदी वोट के साथ हमें 25 सीटें दीं। शाह ने कहा, इस बार लोगों से मेरा अनुरोध है कि 60 फीसदी वोट सुनिश्चित करें और भाजपा गठबंधन को सभी 28 सीटें जिताएं। शाह ने कहा, मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की ग्यारहवीं से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आप सुनिश्चित करें कि अबकी बार एनडी को 400 से अधिक सीटें मिलें और मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें। ऐसा हुआ तो मोदी की गारंटी है कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
शाह पैलेस ग्राउंड में बंगलूरू उत्तर, बंगलूरू सेंट्रल, बंगलूरू दक्षिण, बंगलूरू ग्रामीण और चिक्काबल्लापुर क्षेत्रों के शक्ति केंद्र (3-5 बूथों का एक समूह) नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा, प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र भी मौजूद रहे।
मोदी के 23 साल के कार्यकाल में 50 पैसे के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं
शाह ने कहा, एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने 23 वर्षों तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। 23 साल में विपक्ष मोदी पर 50 पैसे का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका। 23 साल में मोदी ने पारदर्शिता के साथ देश में एक मिसाल कायम की है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार का यह ‘घमंडिया’ (अहंकारी) गठबंधन है। मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के 10 साल के शासन के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ था। शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, कर्नाटक की जनता को भ्रष्टाचार पसंद नहीं है। जबकि विपक्षी नेता जब भी सत्ता में आते हैं उनका पूरा ध्यान भ्रष्टाचार पर होता है।
पीएम अवकाश नहीं लेते, राहुल छुट्टियां मनाने विदेश जाते हैं
शाह ने कहा, जैसे एनडीए और इंडिया गठबंधन में कोई मुकाबला नहीं है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के बीच भी कोई मुकाबला नहीं। पीएम मोदी कभी अवकाश नहीं लेते हैं वहीं राहुल गांधी गर्मी की छुट्टियां मनाने विदेश जाते हैं। हर छह महीने में कांग्रेस के नेता उन्हें ढूंढ़ते रहते हैं। यही कारण है कि आज पूरा देश पीएम मोदी के साथ खड़ा है।
जेडीएस नेताओं के साथ बनाई रणनीति
शाह ने चुनाव प्रचार कार्यक्रम से पहले सुबह के नाश्ते में जेडीएस नेताओं से मुलाकात की और चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सभी 28 सीटों पर जीत का लक्ष्य दिया और इसे पूरा करने के लिए मंत्र दिया। बैठक को भाजपा और जद (एस) के बीच जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय बनाने और संघर्ष के संभावित मुद्दों को दूर करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के साथ कोर कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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केंद्र ने राहत के नाम पर हमें धोखा दिया-सिद्धारमैया
केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि सूखा राहत राशि जारी न कर केंद्र ने हमें धोखा दिया है। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर अन्याय करने का आरोप लगाया है। जबकि अमित शाह ने राहत के लिए प्रस्ताव भेजने में राज्य की कांग्रेस सरकार की ओर से देरी का गंभीर आरोप लगाया है।
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कांग्रेस सरकार कर्नाटक के हित में नहीं है- अमित शाह
अमित शाह ने कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि कर्नाटक में जो सरकार सत्ता में है वो विकास के हित में काम नहीं कर रही है। सूबे के सीएम अपनी कुर्सी बचाने में व्यवस्त है, वहीं उपमुख्यमंत्री कुर्सी छीनने में लगे हुए हैं। किसी के दिमाग में कर्नाटक की जनता की भलाई नहीं है।
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सिद्धारमैया सरकार ने प्रस्ताव भेजने में की देरी- अमित शाह
बंगलूरू में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में सूखा है। राज्य की सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने में तीन महीनें की देरी की है। कांग्रेस सरकार इस पर राजनीति कर रही है। कर्नाटक ने 240 में से 223 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है, उनमें से 196 को गंभीर रूप से सूखा प्रभावित के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
सिद्धारमैया ने लगाए थे ये आरोप
इससे पहले दिन मैसूर में सिद्धारमैया ने दावा किया कि अमित शाह को कर्नाटक के मतदाताओं से वोट मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्होंने केंद्र सरकार पर इस मुद्दे पर राज्य के लोगों को धोखा देने और अन्याय करने का आरोप लगाया था। विशेषकर सूखा राहत राशि जारी करने में देरी।
रोडशो में समर्थकों के आने से उत्साह; कांग्रेस पर बरसे शाह
एक अन्य अहम सियासी घटनाक्रम में शाह ने मंगलवार को बंगलूरू में रोडशो भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्षी इंडी गठबंधन के बीच कोई मुकाबला नहीं है। यह एक परिवारवादियों का गठबंधन है, जिसमें वंशवादी और भ्रष्टाचारी लोग शामिल हैं। शाह ने भाजपा के 400 पार लक्ष्य पर भरोसा जताते हुए कहा, हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा कर्नाटक में भी सभी 28 लोकसभा सीटें जीतेगी। बकौल शाह, 'मैंने देशभर के लगभग 60 प्रतिशत राज्यों की यात्रा की है। हर जगह लोग मोदी, मोदी के नारे लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के सामने 400 पार का लक्ष्य रखा है।'
उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनावों में, कर्नाटक के लोगों ने 43 फीसदी वोट देकर हमें 17 सीटें जिताई थीं। 2019 में 51 प्रतिशत फीसदी वोट के साथ हमें 25 सीटें दीं। शाह ने कहा, इस बार लोगों से मेरा अनुरोध है कि 60 फीसदी वोट सुनिश्चित करें और भाजपा गठबंधन को सभी 28 सीटें जिताएं। शाह ने कहा, मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की ग्यारहवीं से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आप सुनिश्चित करें कि अबकी बार एनडी को 400 से अधिक सीटें मिलें और मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनें। ऐसा हुआ तो मोदी की गारंटी है कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
शाह पैलेस ग्राउंड में बंगलूरू उत्तर, बंगलूरू सेंट्रल, बंगलूरू दक्षिण, बंगलूरू ग्रामीण और चिक्काबल्लापुर क्षेत्रों के शक्ति केंद्र (3-5 बूथों का एक समूह) नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा, प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र भी मौजूद रहे।
मोदी के 23 साल के कार्यकाल में 50 पैसे के भ्रष्टाचार के आरोप नहीं
शाह ने कहा, एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने 23 वर्षों तक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में काम किया। 23 साल में विपक्ष मोदी पर 50 पैसे का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका। 23 साल में मोदी ने पारदर्शिता के साथ देश में एक मिसाल कायम की है। वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार का यह ‘घमंडिया’ (अहंकारी) गठबंधन है। मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के 10 साल के शासन के दौरान 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ था। शाह ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, कर्नाटक की जनता को भ्रष्टाचार पसंद नहीं है। जबकि विपक्षी नेता जब भी सत्ता में आते हैं उनका पूरा ध्यान भ्रष्टाचार पर होता है।
पीएम अवकाश नहीं लेते, राहुल छुट्टियां मनाने विदेश जाते हैं
शाह ने कहा, जैसे एनडीए और इंडिया गठबंधन में कोई मुकाबला नहीं है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के बीच भी कोई मुकाबला नहीं। पीएम मोदी कभी अवकाश नहीं लेते हैं वहीं राहुल गांधी गर्मी की छुट्टियां मनाने विदेश जाते हैं। हर छह महीने में कांग्रेस के नेता उन्हें ढूंढ़ते रहते हैं। यही कारण है कि आज पूरा देश पीएम मोदी के साथ खड़ा है।
जेडीएस नेताओं के साथ बनाई रणनीति
शाह ने चुनाव प्रचार कार्यक्रम से पहले सुबह के नाश्ते में जेडीएस नेताओं से मुलाकात की और चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सभी 28 सीटों पर जीत का लक्ष्य दिया और इसे पूरा करने के लिए मंत्र दिया। बैठक को भाजपा और जद (एस) के बीच जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय बनाने और संघर्ष के संभावित मुद्दों को दूर करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी के साथ कोर कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।