{"_id":"62fbd84b11db3b2abb5f1a2c","slug":"sick-wild-elephant-stranded-in-water-body-tn-kerala-foresters-lock-horns-over-treatment","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tamil Nadu : तमिलनाडु-केरल सीमा पर जलाशय में फंसा जंगली हाथी, असमंजस में दोनों राज्यों के वन विभाग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Tamil Nadu : तमिलनाडु-केरल सीमा पर जलाशय में फंसा जंगली हाथी, असमंजस में दोनों राज्यों के वन विभाग
Tue, 16 Aug 2022 11:18 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोयंबटूर
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 16 Aug 2022 11:18 PM IST
सार
दोनों राज्यों के वन विभाग असमंजस में हैं क्योंकि अनाइनकट्टी का आधा हिस्सा तमिलनाडु में है और दूसरा आधा हिस्सा केरल में है। यहां तक कि पिछले दो दिनों से कथित तौर पर बीमा हाथी कोडुंगराय जलाशय में फंसा हुआ है।
विज्ञापन
अधिकार क्षेत्र को लेकर अधर में लटकी बीमार हाथी की जान
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु-केरल सीमा पर अनाइकट्टी में एक जलाशय में एक आठ वर्षीय हाथी फंसा हुआ है। लेकिन दोनों राज्यों के बीच अधिकार क्षेत्र के मुद्दे के चलते उसका जीवन अधर में लटका हुआ है।
दोनों राज्यों के वन विभाग असमंजस में हैं क्योंकि अनाइनकट्टी का आधा हिस्सा तमिलनाडु में है और दूसरा आधा हिस्सा केरल में है। यहां तक कि पिछले दो दिनों से कथित तौर पर बीमा हाथी कोडुंगराय जलाशय में फंसा हुआ है।
ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को दो राज्यों की सीमा पर पड़ने वाली कोंडुगराय नदी पर एक बीमार हाथी के दिखने की सूचना दी थी। आठ साल की अनुमानित हाथी संघर्षरत और कमजोर दिखाई दे रही है। हालांकि हाथी का अब इस असमंजस के कारण इलाज शुरू नहीं किया गया है।
विज्ञापन
अधिकारियों का दावा है कि हाथी अभी भी जीवित है और इस हाथी ने कई बार सीमा पार किया है। अंत में हाथी नदी में फंस गया।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने दोनों सरकारों से हाथी के इलाज के बारे में जल्द फैसला लेने का आग्रह किया है। हालांकि केरल वन अधिकारी को हाथी के इलाज के प्रति कोई खास ध्यान देते देखा नहीं गया है। इसलिए तमिलनाडु वन विभाग को इस पशु का ध्यान देने का आग्रह किया गया है। जब वन विभाग के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।
विज्ञापन
दोनों राज्यों के वन विभाग असमंजस में हैं क्योंकि अनाइनकट्टी का आधा हिस्सा तमिलनाडु में है और दूसरा आधा हिस्सा केरल में है। यहां तक कि पिछले दो दिनों से कथित तौर पर बीमा हाथी कोडुंगराय जलाशय में फंसा हुआ है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को दो राज्यों की सीमा पर पड़ने वाली कोंडुगराय नदी पर एक बीमार हाथी के दिखने की सूचना दी थी। आठ साल की अनुमानित हाथी संघर्षरत और कमजोर दिखाई दे रही है। हालांकि हाथी का अब इस असमंजस के कारण इलाज शुरू नहीं किया गया है।
विज्ञापन
अधिकारियों का दावा है कि हाथी अभी भी जीवित है और इस हाथी ने कई बार सीमा पार किया है। अंत में हाथी नदी में फंस गया।
वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने दोनों सरकारों से हाथी के इलाज के बारे में जल्द फैसला लेने का आग्रह किया है। हालांकि केरल वन अधिकारी को हाथी के इलाज के प्रति कोई खास ध्यान देते देखा नहीं गया है। इसलिए तमिलनाडु वन विभाग को इस पशु का ध्यान देने का आग्रह किया गया है। जब वन विभाग के अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।