हिजबुल कमांडर सब्जार की मौत के बाद घाटी में भड़की हिंसा, पथराव-फायरिंग में 1 की मौत
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पिछले साल 7 जुलाई को हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद हिंसा भड़की थी, जो अब तक चल रही है, वहीं अब हिज्ब के टॉप कमांडर सब्जार अहमद बट की मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हिंसा और ज्यादा भड़क उठी है। श्रीनगर के पालीटेक्निक कालेज और अमर सिंह कालेज समेत घाटी में जगह-जगह प्रदर्शन, नारेबाजी शुरू हो गई है। सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की जा रही है। हिंसक प्रदर्शनों के चलते कश्मीर में शनिवार को व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। स्कूलों को भी समय से पहले ही बंद कर दिया गया। सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष की कई जगह घटनाएं हुईं हैं। हिंसक प्रदर्शनों में 70 से ज्यादा लोगों के घायल होने का समाचार भी है। सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन त्राल में हुए हैं। घायलों में अनंतनाग में चीफ एजुकेशन अफसर गुलाम रसूल शाह भी शामिल हैं। वहीं घाटी में बिगड़े हालात को देखते हुए प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट पर फिर प्रतिबंध लगा दिया है।
पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकी बुरहान वानी के उत्तराधिकारी हिजबुल कमांडर सब्जार और एक अन्य आतंकी के सुरक्षा बलों के हाथों मुठभेड़ में ढेर होने के तुरंत बाद त्राल और दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां, बारामुला, खानाबल समेत करीब 50 जगहों पर पथराव की घटनाएं शुरू हो गईं। सुरक्षा बलों ने भी हिंसक प्रदर्शनकारियों से निपटने के पुख्ता इंतजाम कर रखे हैं।
हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। त्राल में 16 लोग, पुलवामा में एक दर्जन लोग, अनंतनाग में 16 लोग, शोपियां में दो दर्जन लोग जख्मी हो गए हैं। चार को पेलेट इंजरी हुई है, जिनमें दो को एमएमएचएस और दो को बोन एंड ज्वाइंट अस्पताल श्रीनगर में भर्ती किया गया है। पूरी घाटी में हालात तनावपूर्ण हैं। घबराए हुए लोग अपने घरों के लिए निकल पड़े जिससे कुछ रास्तों पर ट्रैफिक जाम हो गया। स्कूलों को समय सेे पहले ही बंद कर दिया गया था।
बता दें कि पिछले साल हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में हालात बिगड़ने शुरू हुए थे और उसके बाद पत्थरबाजी और हिंसक प्रदर्शनों का जो दौर शुरू हुआ, वह अब तक जारी है। खासतौर पर पत्थरबाजी की घटनाओं में जबरदस्त इजाफा हुआ है। पुलिस और सुरक्षाबलों को आशंका है कि अब सब्जार के मारे जाने के बाद भी घाटी उबल सकती है, इसलिए सुरक्षा को और चाक-चौबंद कर दिया गया है।
श्रीनगर के पुराने शहर में पाबंदियां लगाईं
अलगाववादियों ने दी बंद की कॉल
आतंकियों के मारे जाने के बाद अलगाववादियों ने 28 और 29 मई को बंद का आह्वान किया है। इसके अलावा 30 मई को त्राल चलो का आह्वान किया गया है। अलगाववादियों के इस आह्वान पर प्रशासन की कड़ी नजर है।