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Shun Violence: रिजिजू ने की मणिपुर के लोगों से हथियार डालने की अपील, कहा- शांति के लिए समाधान पर बात करना होगा

Sat, 21 Sep 2024 04:16 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 21 Sep 2024 04:16 PM IST
सार

रिजिजू ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में तेजी से विकास हुआ है। चाहे कुछ भी हो आप एक-दूसरे से नहीं लड़ सकते। अगर आप एक-दूसरे से बात करेंगे, तभी हमें शांति मिल सकती है।

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किरेन रिजिजू - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर के लोगों से हथियार छोड़कर शांति के लिए स्थायी समाधान पर बात करने के लिए आगे आने का अनुरोध किया। माई होम इंडिया द्वारा आयोजित नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार में पूर्वोत्तर राज्यों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। यहां के लोगों को सुनहरा अवसर मिल रहा है। 
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बातचीत से निकलेगा समाधान: रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा, "मैं कुकी और मैतेई समुदाय के अपने भाइयों और बहनों से अनुरोध करता हूं कि भारत सरकार हर संभव प्रयास करने के लिए तैयार है, लेकिन आपको हथियार छोड़ना पड़ेगा। अगर आप हथियार उठाएंगे तो कोई समाधान नहीं निकलेगा। कोई भी समाधान बातचीत से निकल सकत है। चाहे कुछ भी हो आप एक-दूसरे से नहीं लड़ सकते। अगर आप एक-दूसरे से बात करेंगे, तभी हमें शांति मिल सकती है।" 
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रिजिजू ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों में तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा, "यह हम सभी के लिए एक सुनहरा अवसर है। इस समय मणिपुर के लोगों को हथियार छोड़कर स्थायी शांति के लिए बातचीत के लिए आगे आना चाहिए।" 
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मणिपुर में पिछले साल से जारी है जातीय हिंसा
बता दें कि मणिपुर में पिछले साल तीन मई से ही जातीय हिंसा जारी है। दरअसल, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में पिछले साल तीन मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद झड़पें शुरू हुई थीं। राज्य में तब से अब तक कम से कम 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में कुकी, मैतेई समुदाय के लोगों के अलावा सुक्षा बलों के जवान भी शामिल हैं। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।


 
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