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आफताब का नार्को टेस्ट: आरुषि व अन्य मामलों में कितना बदला रुख, क्या 35 टुकड़े मामले में भी होगा नया खुलासा?

Fri, 18 Nov 2022 12:51 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 18 Nov 2022 12:51 PM IST
सार

कई चर्चित मामलों में नार्को टेस्ट किया गया है। फिर चाहें आरुषि-हेमराज हत्याकांड हो या फिर अब्दुल करीम तेलगी मामला। आइए जानते हैं किन-किन मामलों में नार्को टेस्ट हुए और जांच का रुख कितना मुड़ा...

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Shraddha Murder Case Aftab Poonawla know about Narco test in Aarushi Talwar murder and Mumbai Taj Attack case
श्रद्धा मर्डर केस का आरोपी आफताब। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लिव-इन-पार्टनर श्रद्धा वालकर के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रखने वाले अफताब अमीन पूनावाला मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी हत्यारा आए दिन पुलिस को गुमराह कर रहा है। ऐसे में अब पुलिस आफताब का नार्को टेस्ट कराने जा रही है। माना जा रहा है कि नार्को टेस्ट के बाद इस केस की दिशा पूरी तरह बदल सकती है और नए खुलासे हो सकते हैं। 

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हालांकि, इससे पहले भी कई चर्चित मामलों में नार्को टेस्ट किया गया है। फिर चाहें आरुषि-हेमराज हत्याकांड हो या फिर अब्दुल करीम तेलगी मामला। अभी तक ऐसे कई मामलों में हुए नार्को टेस्ट पुलिस की जांच को दूसरी ओर मोड़ने में बहुत अधिक कामयाब नहीं हुए हैं और न ही इस तरह की जांच ने हमेशा चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आइए जानते हैं किन-किन मामलों में नार्को टेस्ट हुए और जांच का रुख कितना मुड़ा...

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पहले जानें नार्को टेस्ट होता क्या है?

किसी भी मामले में आरोपी से सच उगलवाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में व्यक्ति और कोर्ट की सहमति की जरूरत होती है। इस टेस्ट के दौरान आरोपी को साइकोएक्टिव दवा का इंजेक्शन लगाया जाता है। इसमें सोडियम पेंटोथल नाम का केमिकल होता है, जिससे व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोशी में चला जाता है। जब आरोपी को होश आना शुरू होता है, तभी जांच एजेंसी संबंधित मामले में उससे सवाल करती है। यह ऐसा समय होता है, जब व्यक्ति अपने दिमाग पर बहुत हद तक काबू नहीं कर पाता है और बिना किसी लागलपेट के सच बोलता है। 

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आरुषि-हेमराज हत्याकांड 

चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सीबीआई ने आरुषि के माता-पिता नुपुर और राजेश तलवार का नार्को टेस्ट करवाया था। हालांकि, इस टेस्ट के बाद भी सीबीआई के हाथ कुछ भी ऐसा नहीं लगा था, जिससे जांच एजेंसी को कोई ठोस मदद मिली हो। बता दें, 2010 में इस मामले में आरुषि के माता-पिता के साथ ही साथ अन्य लोगों का भी नार्को टेस्ट किया गया था। इससे पहले 2009 में तलवार दंपति की ब्रेन मैपिंग व लाइ डिटेक्टर जांच भी की गई थी। 

26/11 मुंबई ताज हमला 

26 नवंबर 2011 में मुंबई में हुए ताज हमले के आरोपी अजमल कसाब का भी नार्को टेस्ट किया गया था। जांच एजेंसी ने आरोपी के द्वारा कबूल की गईं बातों व पाकिस्तान की रची गई साजिश के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल किया था। इस जांच से गरीब परिवारों के ब्रेनवॉश व लश्कर संस्थापक हाफिज सईद मामले में कई जानकारियां मिली थीं। 

अब्दुल करीम तेलगी स्टांप घोटाला 

महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल पैदा करने वाले अब्दुल करीम तेलगी मामले में भी नार्को टेस्ट का इस्तेमाल किया गया था। रैकेट के सरकार अब्दुल करीम ने इस जांच के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शरद पवार व पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुगबन पर पैसे लेने का आरोप लगाया था। 

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