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Hindi News ›   India News ›   shocking In By elections BJP got only 15 out of 52 seats in 17 states, highest in UP

विधानसभा उपचुनाव: 17 राज्यों की 51 सीटों में से भाजपा ने 15 जीतीं, चार गंवाई

Thu, 24 Oct 2019 08:20 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: योगेश साहू Updated Thu, 24 Oct 2019 08:20 PM IST
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shocking In By elections BJP got only 15 out of 52 seats in 17 states, highest in UP
जश्न मनाते भाजपा समर्थक - फोटो : PTI

देश के 17 राज्यों की 51 सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनावों में भाजपा को कुल 15 सीटें हासिल हुई हैं, जबकि एनडीए 21 सीटें जीती हैं। वहीं यूपीए को 13 सीटों पर फतह मिली है। इसके अलावा 17 सीटें अन्य क्षेत्रीय पार्टियों ने जीतीं हैं। भाजपा ने सर्वाधिक सात सीटें उत्तर प्रदेश में जीती हैं।

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यहां एक सीट एनडीए में घटक अपना दल को मिली है। जबकि सपा ने तीन सीटें जीती हैं। कांग्रेस को यूपी में कोई फायदा नहीं हुआ है। वहीं कांग्रेस ने पंजाब और गुजरात में सर्वाधिक तीन-तीन सीटें हासिल कीं। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने दोनों सीटें जीतकर बढ़त हासिल की है।
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बहरहाल, अब बात करते हैं इनसे इतर 17 राज्यों की। इन राज्यों में 51 सीटों पर हुए उपचुनावों में भाजपा को कुल 15 सीटें हासिल तो जरूर हुई हैं, लेकिन इसके साथ ही उसे चार सीटों का नुकसान भी हुआ है, जबकि पहले उसके पास 19 सीटें थीं। 
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नुकसान वाले राज्यों में गुजरात, राजस्थान, पंजाब और मध्यप्रदेश शामिल हैं। हर राज्य में भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है। वहीं बिहार और पंजाब में उसके सहयोगी दलों को नुकसान उठाना पड़ा है।

पंजाब में भाजपा-शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन ने एक-एक सीट गंवाई है। हालांकि शिअद ने एक अन्य सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने यहां तीन सीटों पर परचम लहराया है, जबकि पहले उसके पास यहां सिर्फ एक ही सीट थी।

वहीं बिहार में पांच सीटों पर हुए ताजा उपचुनाव में भाजपा के पास कोई भी सीट नहीं थी, लेकिन उसके सहयोगी दल जद (यू) के पास पांच में से चार सीटें थीं। लेकिन जद (यू) को एक सीट ही मिली है। इस तरह से तीन सीट का नुकसान हुआ है।

असम में भाजपा को तीन, मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी को एक सीट

असम: भाजपा का इन चार सीटों में से तीन राताबारी, रंगापारा और सोनारी पर पहले से कब्जा था, जो अब भी बरकरार है। जबकि जानिया सीट पर आल इंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी जीती है, इस सीट पर पिछली बार भी इसी पार्टी ने कब्जा जमाया था।

मेघालय:  मेघालय की शेल्ला सीट पर यूनाइटेड डेमाक्रेटिक पार्टी के बलजीत कुपर प्रतीक ने निर्दलीय उम्मीदवार कृपा मेरि कर्पूरी को 6221 वोटों से हराया।

भाजपा को मात दे बिहार में ओवैसी की पार्टी ने खाता खोला

बिहार में कुल पांच सीटों पर उपचुनाव हुआ था। यहां राष्ट्रीय जनता दल को दो, जनता दल यूनाइटेड को एक, आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन को एक, निर्दलीय को एक सीट मिली है। यहां भाजपा के पास कोई सीट नहीं थी, लेकिन उसके सहयोगी दल जद (यू) के पास पांच में से चार सीटें थीं।

जबकि इस बार उसे एक ही सीट मिली है, इस तरह उसे तीन सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है। यह भाजपा और उसके सहयोगी दल के लिए बड़ा झटका है।

खास बात यह है कि बिहार में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमएआईएम ने भी खाता खोला है। किशनगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव में पार्टी के प्रत्याशी कमरुल होदा ने भाजपा की स्वीटी सिंह को 10204 वोटों से हराया।

वहीं सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीट पर जदयू के डॉ. अरुण कुमार राजद नेता जफर आलम से चुनाव हार गए। इसके अलावा दरौंदा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने जीत दर्ज की। वहीं बेलहर से राजद के रामदेव यादव ने जीत हासिल की।

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में भाजपा को कोई सीट नहीं

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक-एक सीट पर हुए उपचुनाव में दोनों में से एक भी सीट भाजपा के खाते में नहीं गई। जबकि दोनों ही राज्य भाजपा के गढ़ रहे हैं।

मध्यप्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में झाबुआ से बीजेपी के विधायक बने गुमान सिंह डामोर इस साल हुए लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए थे, जिसके बाद उन्होंने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था।

इससे यह सीट खाली हो गई थी। यहां उपचुनावों में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने बीजेपी के भानू भूरिया को 27 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है।

इधर, छत्तीसगढ़ की चित्राकोट सीट पर कांग्रेस के राजमन वेंजम ने भाजपा के लच्छू राम कश्यप को 17 हजार वोटों के अंतर से हराया है। यह सीट पहले भी कांग्रेस के पास ही थी।

हिमाचल में भाजपा ने जीतीं दोनों सीटें, अरुणाचल में निर्दलीय

हिमाचल प्रदेश: यहां दो सीटों धर्मशाला और पच्छाद पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने ही जीत दर्ज की है। पच्छाद से भाजपा की रीना कश्यप ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री गंगू राम मुसाफिर को 2742 वोटों से हराया।

वहीं धर्मशाला में भाजपा नेता विशाल नेहरिया ने पार्टी के बागी नेता राकेश कुमार को 6758 वोटों से हराया। कुमार ने भाजपा का दामन छोड़कर निर्दलीय उपचुनाव लड़ा था। यह दोनों ही सीटें पहले भी भाजपा के पास थीं।

अरुणाचल प्रदेश: यहां एक सीट पर हुए उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है। इस सीट पर साल 2014 के विधानसभा चुनाव में पीपुल्स पार्टी आफ अरुणाचल के प्रत्याशी तिरोंग अबोह ने जीत दर्ज की थी।

पंजाब में कांग्रेस ने जीतीं तीन सीटें

पंजाब: यहां कुल चार सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इसमें भाजपा-शिरोमणि अकाली दल के गठबंधन ने एक-एक सीट गंवाई है। हालांकि शिअद ने एक अन्य सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी को हराकर जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने यहां तीन सीटों पर परचम लहराया है, जबकि पहले उसके पास यहां सिर्फ एक ही सीट थी।

राजस्थान में कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी जीतीं
राजस्थान की मंडावा विधानसभा सीट पर कांग्रेस की रीटा चौधरी ने भाजपा उम्मीदवार सुशीला सीगड़ा को हराया। इससे पहले यह सीट भाजपा के पास थी। वहीं खींवसर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नारायण बेनीवाल ने कांग्रेस के हरेंद्र मिर्धा को 4630 वोटों से हराया। ऐसे में भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है।

केरल में कांग्रेस को दो सीटें, ओडिशा में भाजपा को मात

केरल की पांच सीटों पर हुए उपचुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी को दो, कांग्रेस को दो और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को एक सीट मिली हैं। 

ओडिशा: यहां बिजेपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बीजू जनता दल ने जीत दर्ज की है। बीजद नेता रीता साहू ने भाजपा के सनत कुमार गड़तिआ को रिकॉर्ड 97990 वोटों से मात दी है।

ओडिशा विधानसभा के इतिहास में ये अब तक सबसे बड़ा जीत का अंतर है। साहू को जहां 135957 वोट मिले वहीं सनत गड़तिआ को 37967 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। 

इसी के साथ 147 सीटों वाली विधानसभा में बीजद की 113 सीटें हो गईं। वहीं पुड्डुचेरी में कामराज नगर सीट से कांग्रेस नेता ए जानकुमार ने कांग्रेस के भुवनेस्वरन को 7170 वोटों से हराया।

गुजरात में भाजपा को एक सीट का नुकसान

गुजरात में छह सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इनमें से थराद, लुणावाडा, खेरालु और अमराईवाड़ी कुल चार विधानसभा सीटें पहले भाजपा के पास थीं। अब इनमें से तीन पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इस तरह भाजपा को एक सीट का नुकसान हुआ है।

तेलंगाना: यहां एक सीट पर हुए उपचुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति ने जीत दर्ज की है। यह सीट कांग्रेस के पास थी।

सिक्किम 3 सीट, भाजपा 2, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा 1

सिक्किम: यहां तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को दो और सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली है। भाजपा ने मारतम रूमटेक और गंगटोक सीट पर कब्जा जमाकर फायदे में रही है। जबकि साल 2014 के चुनाव में इन तीनों सीटों पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा का कब्जा था, जो इस बार अपनी सिर्फ कामरांग सीट ही बचा पाई।

तमिलनाडु: अन्नाद्रमुक ने विधानसभा उपचुनावों में दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है। यहां भाजपा ने न तो कोई सीट जीती है और न ही गंवाई है।
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