बीएमसी चुनाव: गुजराती मतदाताओं पर शिवसेना की नजर, 'मुंबई मा जलेबी' से लुभाने की कोशिश
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मुंबई मा जलेबी ने फाफड़ा, उद्धव ठाकरे आपड़ा (अपना)। अगले साल मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव को लेकर शिवसेना ने गुजरातियों को मिलाने के लिए यह नया नारा दिया है। आगामी 10 जनवरी को शिवसेना ने मुंबई में गुजराती समाज सम्मेलन आयोजित किया है। इसके मद्देनजर गुरातियों के खाद्य पदार्थों में सबसे प्रिय जलेबी-फाफड़ा को नारे में शामिल किया गया है।
मुंबई में गुजराती समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं जो भाजपा के कोर वोटर माने जाते हैं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने और अमित शाह के गृहमंत्री बनने के बाद गुजराती समाज कट्टर भाजपा समर्थक बन चुका है। हालांकि भाजपा-शिवसेना गठबंधन में इस समाज का थोक में वोट शिवसेना को भी मिलता रहा है। लेकिन भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद गुजराती समाज शिवसेना से पूरी तरह कट गया है। अब इस बड़े वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए शिवसेना ने गुजराती सम्मेलन आयोजित किया है। शिवसेना के राष्ट्रीय संगठक हेमराज शाह ने बताया कि 10 जनवरी को पश्चिमी उपनगर जोगेश्वरी में गुजराती समाज सम्मेलन आयोजित किया गया है।
नोटबंदी, व्यापार में मंदी पर होगी बात
हेमराज शाह ने बताया कि इस सम्मलेन में नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद कोरोना काल में छायी मंदी पर चर्चा होगी। समाज को बताया जाएगा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किस तरह उनका व्यापार चौपट हो गया है और उन्हें मंदी का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते इस सम्मलेन में गुजराती समाज के प्रबुद्ध व व्यापारी वर्ग के 100 लोग शामिल होंगे। बता दें कि दक्षिण मुंबई सहित पश्चिम और पूर्व उपनगरों में बड़ी तादात में गुजराती समाज के लोग रहते हैं। मुंबई में स्टॉक एक्सचेंज से लेकर व्यापार, दुकान सहित बीएमसी और राज्य के सरकारी ठेकों पर भी इनका प्रभुत्व है। इसलिए शिवसेना ने अब इस समाज को बीएमसी चुनाव से पहले अपने खेमें में लाने की तरकीब सोची है। इसको लेकर मुंबई में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं।
शिवसेना के मुहिम पर भाजपा ने ली चुटकी
शिवसेना की ओर से गुजराती समाज को आकर्षित करने के अभियान की भाजपा ने चुटकी ली है। भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने कहा कि शिवसेना गुजराती समाज की चिंता न करे। बल्कि वह अपने परंपरागत मतदाताओं की चिंता करे जो अब पार्टी की विचारधारा में बदलाव आने के कारण शिवसेना से दूर हो चुके हैं।
देश की सबसे अमीर नगरपालिका बीएमसी के चुनाव साल 2023 में होने हैं, लेकिन उसके लिए राजनीतिक दलों ने अभी से कमर कसनी शुरू कर दी है। इसके तहत शिवसेना ने भाजपा के कोर गुजराती मतदाताओं पर नजरें गड़ानी शुरू कर दी हैं।10 जनवरी से शुरू होगा कार्यक्रम
गौरतलब है कि मुंबई महानगर पालिका में कुल 227 सीटें हैं। इनमें 50 से 52 सीटों पर गुजराती मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में शिवसेना इन सीटों पर अपनी जीत पुख्ता करना चाहती है। बता दें कि मुंबई में तकरीबन 30 लाख गुजराती रहते हैं। इसके मद्देनजर शिवसेना ने 'मुंबई मा जलेबी ने फाफड़ा उद्धव ठाकरे आपडा' टैगलाइन के साथ एक मुहिम की शुरुआत की है। वहीं, 10 जनवरी को मुंबई में गुजराती समाज सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।