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Hindi News ›   India News ›   Shivraj Singh Chauhan No dinner party no meeting with MLAs he is strengthening his claim for the post of CM

MP Polls: न डिनर पार्टी, न विधायकों के साथ बैठक; CM पद के लिए इस तरह अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे शिवराज सिंह

Wed, 06 Dec 2023 05:27 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Wed, 06 Dec 2023 05:27 PM IST
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सार
इस बीच सीएम के नाम को लेकर दिल्ली में मंथन का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच सीएम के नाम को चर्चा हुई। अभी तक विधायक दल की बैठक की तारीख तय नहीं हुई है।
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Shivraj Singh Chauhan No dinner party no meeting with MLAs he is strengthening his claim for the post of CM
Shivraj Singh Chauhan - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्यप्रदेश में अभी तक सीएम को लेकर सस्पेंस बरकरार है। 72 घंटे बाद भी पूरे प्रदेश में एक ही सवाल गूंज रहा है कि शिवराज सिंह चौहान फिर राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे या कोई नया नेता सत्ता पर काबिज होगा या फिर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व कोई नया नाम सामने करेगा? पांच महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए फेरबदल होगा भी या नहीं?



तमाम दावेदारों के बीच शिवराज सिंह चौहान बेफिक्र अंदाज में नजर आ रहे हैं। एक अनुभवी राजनीतिज्ञ की तरह चौहान चुनाव जीतने के बाद वैसी ही बातें और काम कर रहे हैं जो राजनीतिक रूप से दुरूस्त हैं। वे बार बार बोल रहे हैं कि मैं अभी दिल्ली नहीं जा रहा हूं। शिवराज सिंह कहते है कि वो पहले छिंदवाड़ा का दौरा करेंगे। जहां बीजेपी सभी सात सीटें जीत नहीं पाई है। मेरा सिर्फ एक संकल्प है, भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटों पर जीत दिलाना, प्रधानमंत्री मोदी को मध्य प्रदेश से 29 कमल के फूल की माला मिलनी चाहिए। 




सीएम बुधवार को छिंदवाड़ा भी पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। लोकसभा में प्रचंड विजय का संकल्प भी दिलाया। चुनावी जीत के बाद शिवराज से जब पूछा गया तो उन्होंने इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन-कार्यकर्ताओं को दिया। इतना ही नहीं, सीएम को लेकर भी स्पष्ट किया और कहा, बीजेपी में यह हाईकमान तय करता है। हम लोग सिर्फ एक ही लक्ष्य के लिए काम करते हैं और वो है चुनाव में पार्टी को जीत दिलाना। शिवराज का कहना है कि मैं न पहले सीएम पद का दावेदार था, न अब हूं। पार्टी जो कहेगी, वो करूंगा।

शिवराज अपनी इस बात को जमीन पर अमल भी करते देखे जा रहे हैं। वे जीत के बाद भी न तो विधायकों को मिलने बुला रहे हैं, न ही कोई डिनर दे रहे हैं। न कोई लामबंदी किए जाने की खबरें आ रही हैं। बयानबाजी के इतर वे आम गृहस्थ की तरह परिवार के साथ डिनर के लिए बाहर निकलते हैं। छोले भटूरे खाते हैं। आस पास मौजूद लोगों से मिलते हैं। सोशल मीडिया पर लिखते हैं, 'जीवन में भागदौड़ बहुत है, लेकिन जब भी वक्त मिले तो परिवार के साथ कुछ लम्हों को, यादों को जरूर सहेजें... ये वो अनमोल मोती हैं, जो जीवन को उजाले से भर देते हैं।' 

वे बिना किसी चिंता या तनाव के सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंच रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार दोपहर 'लाडली बहना' योजना की लाभार्थियों के साथ लंच किया। इससे पहले शिवराज ने कहा, 'न तो मैं पहले सीएम पद का दावेदार था और न ही अब हूं। मैं सिर्फ पार्टी का कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी पद या जिम्मेदारी देगी, मैं उसे निभाऊंगा।' उन्होंने अपने समर्थकों के लिए वीडियो जारी करते हुए कहा कि मोदी जी हमारे नेता हैं। उनके साथ काम करने पर हमें सदैव गर्व का और आनंद का अनुभव किया है। शिवराज सिंह ने एक बार फिर समर्थन दिखाने के लिए जनता को धन्यवाद कहा।



इसलिए है शिवराज की दावेदारी मजबूत
राजनीतिक जानकार कहते हैं कि मध्य प्रदेश के चुनावी नतीजों में शिवराज सिंह की मेहनत और प्रभाव की झलक साफ दिखाई दे रही है। भाजपा ने 2003 के बाद प्रचंड जीत हासिल की है। सत्ता में रहकर 230 में से 163 सीटें पाना चौंकाने वाला माना जा रहा है। राज्य में 18 साल से सरकार है। शिवराज और सत्ता विरोधी लहर की हवा केवल चर्चाएं साबित हुई। यहीं वजह है कि मुख्यमंत्री पद के लिए शिवराज सिंह की दावेदारी स्वाभाविक है और मजबूत भी मानी जा रही है। अगर यह संभव हुआ तो शिवराज सिंह पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे और एक नया रिकॉर्ड बनाएंगे।

सबकी नजर अब विधायक दल की बैठक पर
इस बीच सीएम के नाम को लेकर दिल्ली में मंथन का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बीच सीएम के नाम को चर्चा हुई। अभी तक विधायक दल की बैठक की तारीख तय नहीं हुई है। सूत्र कहते हैं कि अंतिम निर्णय लेने से पहले पार्टी के भीतर विचार-विमर्श चल रहा है। केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करेगा। इसी बैठक में विधायक दल के नेताओं का चुनाव किया जाएगा। अब तक मुख्यमंत्री पद के संभावित चयन पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

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