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Maharashtra: शिवसेना UBT ने कांग्रेस को घेरा, कहा- अहमदाबाद में इंडिया ब्लॉक की स्थिति पर करनी चाहिए थी बात
Sat, 12 Apr 2025 02:16 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 12 Apr 2025 02:16 PM IST
सार
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा गया कि कांग्रेस ने अहमदाबाद बैठक में केवल अपने बारे में बात की और इंडिया ब्लॉक कहीं भी चर्चा में नहीं था। विपक्षी गठबंधन इंडिया को लेकर उठ रहे सवालों का कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब देना चाहिए।
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उद्धव ठाकरे और राहुल गांधी
- फोटो : एजेंसी
विस्तार
शिवसेना UBT ने शनिवार को कांग्रेस को घेरा। शिवसेना ने कहा कि कांग्रेस को अहमदाबाद में हुए अधिवेशन में इंडिया ब्लॉक की स्थिति के बारे में बात करनी चाहिए थे। पार्टी को विपक्षी गठबंधन के बारे में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए था।
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा गया कि कांग्रेस ने अहमदाबाद बैठक में केवल अपने बारे में बात की और इंडिया ब्लॉक कहीं भी चर्चा में नहीं था। लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन इंडिया कहां खड़ा है, इस बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस को अपने अहमदाबाद अधिवेशन में इस पर विचार करना चाहिए। गठबंधन का क्या हुआ? क्या यह जमीन में दफन हो गया या हवा में गायब हो गया? इस सवाल का जवाब देने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है।
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बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी शिवसेना ने कांग्रेस से सवाल पूछा। पार्टी ने कहा कि क्या पार्टी फिर से हार का स्वागत करेगी? बिहार में राष्ट्रीय जनता दल वरिष्ठ सहयोगी है, जबकि गुजरात और पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन की सहयोगी आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी चुनाव मैदान में होंगी।
शिवसेना ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में अपना अधिवेशन आयोजित किया, लेकिन इससे लोकसभा चुनावों में राज्य में कोई सफलता नहीं मिली। पार्टी ने 2014 के बाद पश्चिमी राज्य में एक सीट जीती। कांग्रेस को मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी प्रयास करने की जरूरत है। पार्टी को लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में सफलता मिली, लेकिन राज्य विधानसभा चुनावों में उसे अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा।
संपादकीय में कहा गया कि इस नुकसान के लिए बीजेपी के घोटाले उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कांग्रेस के आंतरिक मुद्दे। कांग्रेस को इस पर विचार-विमर्श करना होगा। कांग्रेस को तानाशाही से लड़ने का नेतृत्व करना होगा। बता दें कि 8-9 अप्रैल को गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था।
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हमें भाजपा को हराना, अपने दोस्तों को नहीं
दिल्ली विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने सोचा कि राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के लिए रास्ता साफ है। अगर कांग्रेस अन्य राज्यों में इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने की इस रणनीति का उपयोग करती है, तो इससे केवल भाजपा को मदद मिलेगी। हमें बीजेपी को हराना है, अपने दोस्तों को नहीं। कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन फायदेमंद साबित होता।
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शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा गया कि कांग्रेस ने अहमदाबाद बैठक में केवल अपने बारे में बात की और इंडिया ब्लॉक कहीं भी चर्चा में नहीं था। लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी गठबंधन इंडिया कहां खड़ा है, इस बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस को अपने अहमदाबाद अधिवेशन में इस पर विचार करना चाहिए। गठबंधन का क्या हुआ? क्या यह जमीन में दफन हो गया या हवा में गायब हो गया? इस सवाल का जवाब देने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है।
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बिहार, गुजरात और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर भी शिवसेना ने कांग्रेस से सवाल पूछा। पार्टी ने कहा कि क्या पार्टी फिर से हार का स्वागत करेगी? बिहार में राष्ट्रीय जनता दल वरिष्ठ सहयोगी है, जबकि गुजरात और पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन की सहयोगी आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी चुनाव मैदान में होंगी।
शिवसेना ने कहा कि कांग्रेस ने गुजरात में अपना अधिवेशन आयोजित किया, लेकिन इससे लोकसभा चुनावों में राज्य में कोई सफलता नहीं मिली। पार्टी ने 2014 के बाद पश्चिमी राज्य में एक सीट जीती। कांग्रेस को मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में भी प्रयास करने की जरूरत है। पार्टी को लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में सफलता मिली, लेकिन राज्य विधानसभा चुनावों में उसे अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा।
संपादकीय में कहा गया कि इस नुकसान के लिए बीजेपी के घोटाले उतने ही जिम्मेदार हैं जितने कांग्रेस के आंतरिक मुद्दे। कांग्रेस को इस पर विचार-विमर्श करना होगा। कांग्रेस को तानाशाही से लड़ने का नेतृत्व करना होगा। बता दें कि 8-9 अप्रैल को गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ था। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था।
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हमें भाजपा को हराना, अपने दोस्तों को नहीं
दिल्ली विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने सोचा कि राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के लिए रास्ता साफ है। अगर कांग्रेस अन्य राज्यों में इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के खिलाफ चुनाव लड़ने की इस रणनीति का उपयोग करती है, तो इससे केवल भाजपा को मदद मिलेगी। हमें बीजेपी को हराना है, अपने दोस्तों को नहीं। कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन फायदेमंद साबित होता।
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