{"_id":"58e57c754f1c1b084a5b49b2","slug":"shiv-sena-likes-up-cm-yogi-aditynath-s-formula","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवसेना को पसंद आया योगी का फार्मूला","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शिवसेना को पसंद आया योगी का फार्मूला
amarujala.com, Presented By :संदीप भ्ाट्ट
Updated Thu, 06 Apr 2017 04:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अपने पहले कैबिनेट की बैठक में छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ कर महाराष्ट्र सरकार की उलझन बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले का महाराष्ट्र में काफी असर पड़ा है।
विज्ञापन
बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा के गलियारे में नेताओं की जुबान पर योगी ही छाए रहे। सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष सभी उनकी तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। भाजपा पर लगातार हमलावर और सत्ता में सहयोगी शिवसेना भी योगी के फैसले की कायल हो गई है। इससे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर किसान कर्जमाफी का दबाव काफी बढ़ गया है।
विज्ञापन
दरअसल, शिवसेना को किसान कर्जमाफी का योगी फार्मूला बेहद पसंद आया है। यूपी के किसानों की कर्जमाफी के लिए योगी सरकार ने केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं ली है। किसानों के कर्ज की भरपाई लिए योगी सरकार किसान राहत बांड लाएगी। शिवसेना को कर्जमाफी के लिए बांड जारी करने का तरीका पसंद आया है।
विज्ञापन
शिवसेना के नेता सुभाष देसाई ने कहा कि योगी का यह फार्मूला बहुत अच्छा है। महाराष्ट्र सरकार को भी इसे अपनाना चाहिए। वहीं, विधान परिषद में एनसीपी के सुनील तटकरे ने कहा कि अब महाराष्ट्र के इतने दुर्दिन आ गए कि हमें कर्जमाफी के लिए उत्तर प्रदेश से सीखना पड़ेगा।
वही, शिवसेना की प्रवक्ता नीलम गोन्हें ने कहा कि किसान कर्जमाफी केवल जुमला साबित नहीं हुआ बल्कि योगी ने जो वादा किया वह निभाया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि योगी की तारीफ करनी होगी। उन्होंने न सिर्फ किसान कर्जमाफी दी बल्कि किसानों के लिए खरीद नीति के निर्धारण जैसे कई अहम फैसले लिए हैं जो काबिले तारीफ है।
वहीं, विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने कहा कि एक ही पार्टी की विचारधारा अलग-अलग राज्यों में कैसे बदल सकती है। इसलिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र के किसान को भी कर्जमाफी दी जानी चाहिए।
योगी सरकार ने रामनवमी के मौके पर सूबे के 86.88 लाख किसानों के एक लाख तक के कर्जमाफ कर दिए हैं। प्रदेश में कुल 2.30 करोड़ किसान हैं जिनमें 92.5 फीसदी लघु एवं सीमांत किसान हैं। इन किसानों की कर्जमाफी के लिए सरकार पर 36359 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वहीं, महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी के लिए 30 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ेगी। सूबे में 1 करोड़ 36 लाख किसान है।
नमें से 1 करोड़ 8 लाख किसानों पर कर्ज है। राज्य में 1 करोड़ सात लाख सीमांत किसान हैं जिनकी खेती 3 एकड़ से कम है। वहीं, ढाई एकड़ जमीनधारक किसानों की संख्या 67 लाख है। सीमांत किसानों के कर्ज की सीमा तकरीबन 10 हजार करोड़ रुपये ही है जबकि बड़े किसान जो 5 एकड़ या उससे अधिक खेती है उन पर 20 हजार करोड़ रुपये का कर्जा है।