{"_id":"65cc970642d2e43af709aea0","slug":"shiv-sena-leader-milind-deora-to-contest-the-rajya-sabha-elections-will-file-the-nomination-tomorrow-2024-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Milind Deora: कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में आने वाले मिलिंद देवड़ा जाएंगे राज्यसभा, कल भरेंगे नामांकन","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Milind Deora: कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में आने वाले मिलिंद देवड़ा जाएंगे राज्यसभा, कल भरेंगे नामांकन
Wed, 14 Feb 2024 04:03 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 14 Feb 2024 04:03 PM IST
सार
इससे पहले 29 जनवरी को चुनाव आयोग ने एलान किया था कि राज्यसभा की 56 सीटों के लिए मतदान 27 फरवरी को होगा। 15 राज्यों की 56 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है।
विज्ञापन
मिलिंद देवड़ा
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में आने वाले मिलिंद देवड़ा राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मिलिंद देवड़ा कल यानी गुरुवार को नामांकन भरेंगे। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने 14 जनवरी को कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया था। इसके बाद वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हो गए थे। उन्होंने‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कांग्रेस से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।
विज्ञापन
इस्तीफा देते हुए मिलिंद ने क्या कहा था?
मिलिंद देवड़ा ने लिखा था कि 'आज वह अपनी राजनीतिक यात्रा के अहम अध्याय का अंत कर रहे हैं। मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, साथ ही कांग्रेस पार्टी से अपने परिवार के 55 साल पुराने रिश्ते का भी अंत कर रहा हूं। मैं सभी नेताओं, सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का उनके इतने सालों के समर्थन के लिए शुक्रगुजार हूं।'
विज्ञापन
56 सीटों के लिए मतदान 27 फरवरी को मतदान
इससे पहले 29 जनवरी को चुनाव आयोग ने एलान किया था कि राज्यसभा की 56 सीटों के लिए मतदान 27 फरवरी को होगा। 15 राज्यों की 56 सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव होना है। आयोग ने बताया था कि 50 सदस्य दो अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि छह सदस्य तीन अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे। जिन राज्यों से सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और राजस्थान शामिल हैं।
विज्ञापन
15 राज्यों की 56 सीटों पर होगा चुनाव
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, आंध्र प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों, बिहार में छह सीटों, छत्तीसगढ़ में एक सीट पर, गुजरात में चार सीटों, हरियाणा में एक सीट पर, हिमाचल प्रदेश में एक सीट पर, कर्नाटक में चार सीटों, मध्य प्रदेश में पांच सीटों, महाराष्ट्र में छह सीटों, तेलंगाना में तीन सीटों, उत्तर प्रदेश में 10 सीटों, उत्तराखंड में एक सीट पर, पश्चिम बंगाल में पांच सीटों, ओडिशा में तीन सीटों और राजस्थान में तीन सीटों पर चुनाव होने हैं।
जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल इस साल समाप्त हो रहा है, उनमें अश्विनी वैष्णव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह आदि का नाम शामिल है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल भी इसी साल खत्म हो रहा है। जेपी नड्डा अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। अब जेपी नड्डा को हिमाचल प्रदेश से अलग किसी अन्य राज्य से चुनाव लड़ना होगा, क्योंकि वहां भाजपा आंकड़ों में कांग्रेस से पिछड़ गई है।
एनडीए को छह सीटों पर बढ़त तय
चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को छह सीटों की बढ़त मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में राज्यसभा में एनडीए के 114 सदस्य हैं जिनमें भाजपा के 93 सदस्य शामिल हैं। कांग्रेस 30 सदस्यों के साथ उच्च सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और उसे दो सीटों का फायदा होने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को भाजपा से सीट मिलने की संभावना है। वर्तमान में यह सीट भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राज्य पार्टी नेतृत्व अपनी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को हिमाचल से उतारने वाली है। प्रदेश में सत्तारूढ़ होने के चलते प्रियंका का यहां से जीतना तय है। राज्यसभा में वापसी के लिए नड्डा को अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश के बाहर से मैदान में उतरना होगा।
बिहार में भाजपा और जदयू के साथ आने से राजद और कांग्रेस के हिस्से वाली दो सीटें एनडीए के खाते में आएंगी। बिहार में खाली हुई छह सीटों में जदयू व राजद के पास दो-दो और कांग्रेस व भाजपा के पास एक-एक सीट थी।
इसी तरह अजित पवार के गुट वाली एनसीपी के सत्ता में आने के कारण महाराष्ट्र में भी एनडीए को दो सीटें मिलने की संभावना है। महाराष्ट्र में खाली हो रही छह सीटों में भाजपा के पास तीन, एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना के पास एक-एक सीट थीं। गुजरात में कांग्रेस के खाते की दो सीटें भाजपा को मिलने वाली हैं। कांग्रेस को तेलंगाना में दो सीटों की बढ़त मिलेगी, लेकिन गुजरात में दो और बिहार व पश्चिम बंगाल में एक-एक सीट का नुकसान होगा।