फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shiv Sena Chief and Maharashtra CM Uddhav Thackeray Planned on resigning on 22nd June but plans changed news in hindi

Uddhav Thackeray: उद्धव ने 22 जून को ही कर ली थी सीएम पद छोड़ने की तैयारी, सरकार बचाने के लिए भाजपा से किया था संपर्क

Mon, 27 Jun 2022 08:27 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 27 Jun 2022 08:27 PM IST
सार

सूत्रों ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने इस दौरान महाविकास अघाड़ी सरकार को संकट से निकालने के लिए भाजपा नेताओं से भी संपर्क किया। 

विज्ञापन
Shiv Sena Chief and Maharashtra CM Uddhav Thackeray Planned on resigning on 22nd June but plans changed news in hindi
उद्धव ठाकरे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपनी ही पार्टी में बगावत का सामना कर रहे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 22 जून को शाम पांच बजे इस्तीफा देने की तैयारी कर ली थी। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। बताया गया है कि जब उद्धव को यह साफ हो गया था कि बागी विधायकों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है और उनकी सरकार को बचाने का कोई रास्ता नहीं है, तब उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया था। 
विज्ञापन


सूत्रों ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने इस दौरान महाविकास अघाड़ी सरकार को संकट से निकालने के लिए भाजपा नेताओं से भी संपर्क किया। हालांकि, जब बात नहीं बनी तो उन्होंने इस्तीफा देने और फिर 22 जून की शाम को ही शिवसेना संस्थापक बालासाहेब के स्मारक पर जाने की तैयारी कर ली थी। ठाकरे ने इस्तीफे के एलान के लिए पांच बजे का समय तक तय किया था। लेकिन योजना में बदलाव के बाद कॉन्फ्रेंस को 5.30 बजे के लिए तय किया गया। गौरतलब है कि इस पूरे घटनाक्रम के कुछ घंटे बाद ही ठाकरे ने अपने परिवार के साथ सीएम आवास छोड़ दिया था और मातोश्री पहुंच गए थे। 
विज्ञापन


नाराज विधायकों ने उद्धव को चिट्ठी लिख बताई थी बगावत की वजह
शिवसेना के बगावती विधायकों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कुछ दिन पहले ही चिट्ठी लिख बगावत की वजह बताई थी। इसमें विधायकों ने उन पर कई बड़े आरोप लगाए थे। फिर चाहे सीएम का अपनी ही पार्टी के विधायकों से मुलाकात न करने का मुद्दा हो या उन्हें अयोध्या जाने से रोकने का। एकनाथ शिंदे की ओर से ट्विटर पर साझा की गई चिट्ठी में ऐसे कई बड़े आरोप हैं। जो चिट्ठी सामने आई है, उसमें शिवसेना विधायकों ने उद्धव पर कांग्रेस और राकांपा के नेताओं को अपने विधायकों पर तरजीह देने की शिकायत भी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधायकों की चिट्ठी में क्या कहा गया?
शिंदे की ओर से साझा इस चिट्ठी के नीचे औरंगाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक संजय शिरसाट का नाम लिखा है। यानी सभी विधायकों की ओर से इस चिट्ठी के लेखन का काम शिरसाट ने ही किया। इसमें उद्धव ठाकरे के बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास खाली करने के बाद हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा गया- "कल वर्षा बंगले के दरवाजे सही मायने में सर्वसामान्य के लिए खुले। बंगले पर जो भीड़ हुई, उसे देखकर दिल खुश हो गया। यह दरवाजे पिछले डेढ़ साल से शिवसेना के विधायक यानी हमारे लिए भी बंद थे। विधायक के तौर पर उस बंगले में प्रवेश करने के लिए हमें आपके आजू-बाजू में रहने वाले (आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल) लोगों की मनुहार करनी पड़ती थी, जो कभी चुनाव लड़कर चुनकर नहीं आए बल्कि विधानपरिषद और राज्यसभा में हमारे जैसे लोगों के कंधे पर चढ़कर पहुंचे हैं।"
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed