फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   shinzo abe security breach: SPG team carried a suitcase which is portable folded ballistic shield, which provides the protection during attack

पीएम का खास सुरक्षा कवच: भारत में संभव नहीं 'शिंजो आबे' जैसी सुरक्षा में चूक, मात्र एक झटके से खुल जाती है यह खास 'ढाल'

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 11 Jul 2022 07:00 PM IST
सार

एसपीजी में लंबे समय तक रहे एक पूर्व अधिकारी बताते हैं, सामान्य तौर से लोगों ने देखा होगा कि पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात गार्ड, कई अवसरों पर तीन-चार 'बैलिस्टिक' शील्ड लेकर चलते हैं। जैसे स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या कोई ऐसा दूसरा कार्यक्रम स्थल, जहां प्रधानमंत्री के आम लोगों के बीच जाने की संभावना होती है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा घेरा लगाया जाता है...

विज्ञापन
shinzo abe security breach: SPG team carried a suitcase which is portable folded ballistic shield, which provides the protection during attack
Shinzo Abe Shot Dead: शिंजो आबे की सुरक्षा में चूक - फोटो : Agency

विस्तार

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री 'शिंजो आबे' की सार्वजनिक स्थल पर हुई हत्या से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस जगह पर उनकी हत्या की गई, वहां सुरक्षा चूक बताई जा रही है। सुरक्षा एक्सपर्ट कहते हैं कि जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे जब लोगों को संबोधित कर रहे थे तो उन पर पीछे से हमला किया गया। पहली चूक तो यही थी कि उनके सुरक्षा कर्मी, कहां देख रहे थे। एक वीवीआईपी को केवल सामने से ही खतरा रहता है, क्या इस थ्योरी पर काम किया गया। सोशल मीडिया में घटना से जुड़े जो वीडियो वायरल हुए हैं, उनसे यही लगता है कि पूर्व पीएम के सुरक्षा कर्मियों के पास जो 'बैलिस्टिक' शील्ड थी, वह समय पर नहीं खुल सकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए भी 'बैलिस्टिक' ढाल इस्तेमाल की जाती है। आपात स्थिति में ये प्रधानमंत्री का खास सुरक्षा कवच है। हालांकि जापान के पूर्व पीएम 'शिंजो आबे' की सुरक्षा में हुई चूक भारत में संभव नहीं है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप 'एसपीजी' के पास गोलियां रोकने वाली जो 'बैलिस्टिक' ढाल होती है, वह मात्र एक झटके से ही खुल जाती है।

विज्ञापन

shinzo abe security breach: SPG team carried a suitcase which is portable folded ballistic shield, which provides the protection during attack
पीएम मोदी की सुरक्षा में खास सिक्योरिटी ब्रीफकेस - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

तीन-चार 'बैलिस्टिक' शील्ड लेकर चलते हैं सुरक्षा कर्मी

एसपीजी में लंबे समय तक रहे एक पूर्व अधिकारी बताते हैं, सामान्य तौर से लोगों ने देखा होगा कि पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात गार्ड, कई अवसरों पर तीन-चार 'बैलिस्टिक' शील्ड लेकर चलते हैं। जैसे स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या कोई ऐसा दूसरा कार्यक्रम स्थल, जहां प्रधानमंत्री के आम लोगों के बीच जाने की संभावना होती है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा घेरा लगाया जाता है। एसपीजी कर्मी, कई सारे ब्लैक 'बैग' यानी 'बैलिस्टिक' शील्ड अपने साथ लिए रहते हैं। ये इसलिए होता है ताकि किसी हमले की स्थिति में एसपीजी कर्मी, पीएम को चारों तरफ से सुरक्षित रख सकें। देश में पीएम और दूसरे वीवीआईपी के साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों के पास जो बैग होता है, वह बहुत आसानी से खुलता है। आपात स्थिति में मात्र एक झटके से वह 'बैलिस्टिक' शील्ड खुल जाती है। एक 'बैलिस्टिक' शील्ड में दो से तीन परतें होती हैं। हमले की स्थिति में सुरक्षा कर्मी, वीवीआईपी के चारों तरफ यह ढाल खोल कर बैठ जाते हैं।

एक ही झटके में खुल जाती है शील्ड

पूर्व अधिकारी के मुताबिक, जापान में 'शिंजो आबे' की हत्या के दौरान वह शील्ड नहीं खुल सकी थी। संभवतया उस शील्ड पर चेन व दूसरी तरह का लॉक लगा हो। भारत में ऐसा नहीं है। इस शील्ड को रोजाना कई बार चेक किया जाता है। खास बात ये है कि हमारे यहां इस शील्ड को जटिलता से दूर रखा गया है। यहां डबल फोल्ड लॉक जैसा कुछ नहीं होता। बहुत सामान्य तरीके से और महज एक झटके में ही ये ढाल खुल जाती है। इसमें किसी तरह की कोई बाधा, जैसे चेन या लॉक आदि नहीं होता। एसपीजी कर्मी, जब चाहे इसे सेकेंड से पहले ही खोल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed