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शीना बोरा हत्याकांड: हाईकोर्ट से इंद्राणी को झटका; विदेश जाने की अनुमति वाले विशेष अदालत के आदेश पर रोक बढ़ाई
Mon, 29 Jul 2024 07:40 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 29 Jul 2024 07:40 PM IST
सार
शीना बोरा हत्याकांड में प्रमुख आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को एक बार फिर से बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के आदेश पर इंद्राणी मुखर्जी के विदेश जाने की अनुमति पर लगी रोक को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।
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शीना बोरा हत्याकांड: हाईकोर्ट से इंद्राणी को झटका
- फोटो : ANI
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विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को झटका देते हुए विशेष अदालत के आदेश पर अनुमति पर लगी रोक को बढ़ा दिया है। जिसमें पूर्व मीडिया एक्जीक्यूटिव इंद्राणी मुखर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति दी गई थी। इससे पहले पिछले सप्ताह हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई थी, जिसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चुनौती दी थी।
19 जुलाई को विशेष सीबीआई अदालत ने दी थी अनुमति
मामले में सोमवार को जस्टिस एससी चांडक की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी और तब तक के लिए अंतरिम रोक बढ़ा दी। बता दें कि 19 जुलाई को विशेष सीबीआई अदालत ने जमानत पर रिहा इंद्राणी मुखर्जी को अगले तीन महीनों के दौरान बीच-बीच में दस दिनों के लिए यूरोप (स्पेन और यूनाइटेड किंगडम) की यात्रा करने की अनुमति दी थी।
विदेश जाने की अनुमति देना उचित नहीं- श्रीराम शिरसाट
सीबीआई के अधिवक्ता श्रीराम शिरसाट ने तर्क दिया था कि इंद्राणी मुखर्जी को देश से बाहर (यात्रा के लिए) जाने की अनुमति देना उचित नहीं होगा, क्योंकि वह विचाराधीन मुख्य आरोपी हैं। विशेष अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को यात्रा के दौरान (स्पेन और यूके में) भारतीय दूतावास या उसके संबद्ध राजनयिक मिशन कार्यालयों में उपस्थित होने और उपस्थिति प्रमाण पत्र प्राप्त करने और दो लाख रुपये की सुरक्षा जमा राशि जमा करने का निर्देश दिया था।
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काम के सिलसिले में इंद्राणी ने विदेश जाने की मांगी थी अनुमति
इंद्राणी मुखर्जी ने पिछले महीने विशेष अदालत से अनुमति मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें काम के लिए अक्सर यूरोप की यात्रा करनी पड़ती है। इंद्राणी मुखर्जी पर साल 2012 में अपनी 24 वर्षीय बेटी शीना बोरा की कथित हत्या का मुकदमा चल रहा है, जिसमें अगस्त 2015 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल में डाल दिया गया।
मई 2022 में जेल से रिहा की गई थी इंद्राणी मुखर्जी
वहीं सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें मई 2022 में जेल से रिहा किया गया। बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर इंद्राणी मुखर्जी, उनके ड्राइवर श्यामवर राय और उसके पूर्व पति संजीव खन्ना ने मुंबई में चलती कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को कथित तौर पर पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था। यह मामला 2015 में ही प्रकाश में आया जब श्यामवर राय ने पुलिस की तरफ से आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ के दौरान हत्याकांड का राज खोला।
पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी, जो इंद्राणी मुखर्जी के पूर्व पति हैं, को भी हत्या से जुड़ी साजिश में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
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19 जुलाई को विशेष सीबीआई अदालत ने दी थी अनुमति
मामले में सोमवार को जस्टिस एससी चांडक की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी और तब तक के लिए अंतरिम रोक बढ़ा दी। बता दें कि 19 जुलाई को विशेष सीबीआई अदालत ने जमानत पर रिहा इंद्राणी मुखर्जी को अगले तीन महीनों के दौरान बीच-बीच में दस दिनों के लिए यूरोप (स्पेन और यूनाइटेड किंगडम) की यात्रा करने की अनुमति दी थी।
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विदेश जाने की अनुमति देना उचित नहीं- श्रीराम शिरसाट
सीबीआई के अधिवक्ता श्रीराम शिरसाट ने तर्क दिया था कि इंद्राणी मुखर्जी को देश से बाहर (यात्रा के लिए) जाने की अनुमति देना उचित नहीं होगा, क्योंकि वह विचाराधीन मुख्य आरोपी हैं। विशेष अदालत ने इंद्राणी मुखर्जी को यात्रा के दौरान (स्पेन और यूके में) भारतीय दूतावास या उसके संबद्ध राजनयिक मिशन कार्यालयों में उपस्थित होने और उपस्थिति प्रमाण पत्र प्राप्त करने और दो लाख रुपये की सुरक्षा जमा राशि जमा करने का निर्देश दिया था।
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काम के सिलसिले में इंद्राणी ने विदेश जाने की मांगी थी अनुमति
इंद्राणी मुखर्जी ने पिछले महीने विशेष अदालत से अनुमति मांगने के लिए एक आवेदन दायर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें काम के लिए अक्सर यूरोप की यात्रा करनी पड़ती है। इंद्राणी मुखर्जी पर साल 2012 में अपनी 24 वर्षीय बेटी शीना बोरा की कथित हत्या का मुकदमा चल रहा है, जिसमें अगस्त 2015 में उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल में डाल दिया गया।
मई 2022 में जेल से रिहा की गई थी इंद्राणी मुखर्जी
वहीं सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उन्हें मई 2022 में जेल से रिहा किया गया। बेटी शीना बोरा की कथित तौर पर इंद्राणी मुखर्जी, उनके ड्राइवर श्यामवर राय और उसके पूर्व पति संजीव खन्ना ने मुंबई में चलती कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को कथित तौर पर पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था। यह मामला 2015 में ही प्रकाश में आया जब श्यामवर राय ने पुलिस की तरफ से आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ के दौरान हत्याकांड का राज खोला।
पूर्व मीडिया दिग्गज पीटर मुखर्जी, जो इंद्राणी मुखर्जी के पूर्व पति हैं, को भी हत्या से जुड़ी साजिश में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।