भारत-कनाडा विवाद: शशि थरूर ने पश्चिमी मीडिया को दिखाया आईना, कहा- पहले अपनी गिरेबान में झांकें
शशि थरूर ने पश्चिमी मीडिया को संबोधित करते हुए आगे लिखा, पिछले 25 वर्षों में इस्राइल और अमेरिका ने दूसरे देशों में सबसे ज्यादा हत्याओं को अंजाम दिया है। क्या पश्चिमी मीडिया के पास कोई आईना है।
विस्तार
भारत और कनाडा के बीच राजनयिक विवाद पर बीबीसी की एक रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पश्चिमी मीडिया पर निशाना साधा। थरूर ने सोशल मीडिया एक्स पर रिपोर्ट का लिंक साझा करते हुए लिखा, पश्चिमी मीडिया द्वारा नियमित रूप से लगाए जाने वाले आक्षेपों से मुझे कभी हैरानी नहीं हुई। वे दूसरे देशों का आकलन करने में बहुत तेजी दिखाते हैं, लेकिन जब अपने देश की बात आती है तो आंखें मूंद लेते हैं। बीबीसी का यह विश्लेषण कहता है कि पश्चिमी देशों ने रूस, ईरान या सऊदी अरब जैसे देशों द्वारा दूसरों की सीमा में घुसकर की गई कथित हत्याओं की निंदा की है। लेकिन अब वे नहीं चाहते कि भारत उस सूची में शामिल हो।
I never cease to be amazed by the blinkers regularly put on by Western media. They are so quick to judge other countries, so blind to their own! This @BBC analysis says, "Western nations have condemned alleged extraterritorial assassinations carried out by countries such as…
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) September 20, 2023विज्ञापन
दरअसल, खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड को लेकर भारत और कनाडा के बीच विवाद पर अमेरिका समेत पश्चिम देश नपातुला बयान दे रहे हैं। इस को लेकर पश्चिमी मीडिया में दावा किया गया है कि पश्चिमी देशों के मंत्री और अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि कनाडा और भारत के बीच राजनयिक विवाद का असर अन्य अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर न पड़े। क्योंकि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश भारत की भू-राजनीतिक बिसात को समझते हैं।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिमी देशों ने विवाद से बचकर भारत के साथ अपने संबंधों को बचाने का विकल्प चुना है। साथ ही पश्चिमी देशों के राजनयिकों के बीच इस बात का भी डर होगा कि कनाडा-भारत विवाद में दूसरे देश भी पक्ष न लेना शुरू कर दें। बता दें, इस सप्ताह कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी अलगाववादी निज्जर की हत्या के पीछे भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। हालांकि, भारत ने ट्रूडो के आरोपों के बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। इसी साल जून में पश्चिमी कनाडा में निज्जर की हत्या कर दी गई थी।
जस्टिन ट्रूडो का आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण...
इससे पहले, शशि थरूर ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने कहा था कि ट्रूडो के बयान ने कनाडा-भारत के अच्छे रिश्ते को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कनाडा ने सार्वजनिक रूप से इस तरह के आरोप लगाए। अगर उन्हें कोई समस्या है तो भारत जैसी मित्र देश के साथ निजी तौर पर चर्चा की जानी चाहिए और इस मसले पर बंद दरवाजे के पीछे चर्चा की जानी चाहिए।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद की प्रियंका चतुर्वेदी ने बुधवार को कहा कि भारत सरकार के खिलाफ कनाडा के प्रधानमंत्री का आरोप बेबुनियाद और दुर्भाग्यपूर्ण रूप से तनाव बढ़ाने वाला है। यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने की भावना के खिलाफ है।