फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Shashi Tharoor Quockerwodger What Does Rare Word Mean Why Did He Take Dig at Government

शशि थरूर का एक और नया कठिन शब्द चर्चा में: जानें क्वॉकरवॉडजर का हिंदी मतलब क्या है, सरकार पर कैसे कसा तंज?

Sun, 20 Sep 2026 09:25 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 20 Sep 2026 09:25 PM IST
सार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने क्वॉकरवॉडजर को हमारे दौर का शब्द बताते हुए इसका अर्थ साझा किया और इसी बहाने सरकार पर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने बताया कि यह शब्द ऐसे राजनीतिक व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जो किसी दूसरे के नियंत्रण में रहता है और उसके निर्देश पर काम करता है। आखिर थरूर ने इस पुराने अंग्रेजी शब्द को फिर से क्यों चर्चा में ला दिया?

विज्ञापन
Shashi Tharoor Quockerwodger What Does Rare Word Mean Why Did He Take Dig at Government
थरूर ने फिर निकाला दुर्लभ अंग्रेजी शब्द - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक ऐसे अंग्रेजी शब्द का इस्तेमाल किया, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। उन्होंने क्वॉकरवॉडजर को हमारे दौर का शब्द बताया और इसके साथ इसका अर्थ भी साझा किया। थरूर ने इस शब्द के जरिए सरकार पर राजनीतिक तंज भी कसा। यह पहली बार नहीं है जब थरूर ने किसी कम इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी शब्द के जरिए राजनीतिक टिप्पणी की है।
विज्ञापन


क्वॉकरवॉडजर का मतलब क्या है? थरूर ने इस शब्द की परिभाषा साझा करते हुए बताया कि क्वॉकरवॉडजर ऐसे राजनीतिक व्यक्ति को कहा जाता है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नियंत्रण में हो और उसके निर्देश पर काम करता हो। इसी अर्थ को सामने रखते हुए थरूर ने इसे हमारे दौर का शब्द बताया और कहा कि उनका मानना है कि पिछले करीब 12 वर्षों में उनकी नजर में सत्तारूढ़ दल ने ऐसे कुछ लोगों को पैदा किया है। यह टिप्पणी उन्होंने सरकार और सत्तारूढ़ दल पर राजनीतिक तंज के तौर पर की।
विज्ञापन

थरूर ने क्वॉकरवॉडजर को अभी क्यों चर्चा में ला दिया?

शशि थरूर अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो आम बोलचाल में बहुत कम सुनाई देते हैं। इस बार भी उन्होंने पहले शब्द साझा किया और फिर उसका अर्थ बताया। इसके बाद उन्होंने इसे मौजूदा दौर से जोड़ते हुए राजनीतिक टिप्पणी की। उनके पोस्ट में शब्द की परिभाषा के साथ एक तस्वीर भी साझा की गई थी। थरूर की इस शैली के कारण उनके पोस्ट पर लोगों का ध्यान गया और क्वॉकरवॉडजर शब्द चर्चा में आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- हनुमान अंश: नीम करौली बाबा की बेटी ने 15 बार देखी फिल्म, निर्माता ने बताया कैसी थी प्रतिक्रिया

क्या थरूर पहले भी इस शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं?

हां। थरूर ने अप्रैल 2022 में भी क्वॉकरवॉडजर शब्द का अर्थ साझा किया था। उस समय उन्होंने इसे राजनीतिक शब्दावली में उपयोगी जोड़ बताया था। यानी यह शब्द उनके लिए नया नहीं है। इस बार उन्होंने इसे फिर से साझा करते हुए इसे हमारे दौर का शब्द बताया और इसके अर्थ को मौजूदा राजनीति से जोड़कर अपनी टिप्पणी की।

थरूर के ऐसे शब्दों से सोशल मीडिया पर क्या होता है?

थरूर लंबे समय से अपने जटिल और कम इस्तेमाल होने वाले अंग्रेजी शब्दों के लिए जाने जाते हैं। उनके ऐसे पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अक्सर शब्दकोश में जाकर उसके अर्थ की पुष्टि करते हैं। क्वॉकरवॉडजर से पहले भी वह कई दुर्लभ अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल कर चुके हैं। उनकी यह शैली उन्हें दूसरे राजनीतिक नेताओं से अलग तरह की सोशल मीडिया पहचान देती है।

फैरागो और ट्रोग्लोडाइट का क्या मतलब है?

थरूर ने पहले ऑलोडोक्साफोबिया जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका अर्थ उन्होंने राय या विचारों के प्रति तर्कहीन डर बताया था। इसके अलावा उन्होंने फैरागो और ट्रोग्लोडाइट जैसे शब्द भी इस्तेमाल किए हैं। फैरागो का अर्थ किसी उलझे हुए मिश्रण से है, जबकि ट्रोग्लोडाइट ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल होता है, जिसे जानबूझकर अज्ञानी या पुराने विचारों वाला माना जाता है। इस तरह थरूर अक्सर भाषा के कम प्रचलित शब्दों को राजनीतिक चर्चा से जोड़ते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed