बेरोजगारी की स्थिति में तेज गिरावट, निर्माण क्षेत्र में बढ़ेंगे नौकरियों के अवसर
गूगल, एपल और अमेजन से निवेश की घोषणाओं को बाजार विशेषज्ञ देश में आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
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लॉकडाउन खुलने के साथ ही अर्थव्यवस्था सुधरने लगी है। अप्रैल-मई में रिकॉर्ड 23.5 फीसदी तक पहुंच चुकी बेरोजगारी दर जून महीने में 11 फीसदी पर आ गई है। जुलाई माह में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ इसमें और सुधार आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कई प्रमुख कंपनियों द्वारा भारत में निवेश का फैसला करना और नौकरियों के नये ऑफर आना भी इस बात का संकेत है कि देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
प्रमुख राज्यों में बेरोजगारी दर की स्थिति
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक जून महीने में कई राज्यों में बेरोजगारी दर में कमी आई है। जून महीने में आंध्र प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.1 फीसदी, असम में 0.6 फीसदी और बिहार में 19.5 हो गई थी। इसके आलावा गुजरात में 2.8, हरियाणा में 33.6, झारखंड में 21, मध्यप्रदेश में 8.2 और महाराष्ट्र में 9.7 फीसदी हो गई थी। ओडिशा 4.2, राजस्थान 13.7, उत्तर प्रदेश 9.6 और पश्चिम बंगाल 6.5 फीसदी की बेरोजगारी दर का सामना कर रहा है।
पूरे देश का यह रहा हाल, आया सुधार
अगर पूरे देश में बेरोजगारी दर की बात करें तो जून महीने में बेरोजगारी की स्थिति में काफी सुधार आया है। जून महीने में यह दर 11 फीसदी पर पहुंच गई है, जबकि इसके पहले अप्रैल और मई में यह रिकॉर्ड 23.5 फीसदी तक पहुंच गई थी। इसे सीधे तौर पर कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन का प्रभाव माना गया था। लॉकडाउन के खुलने के साथ ही बेरोजगारी की दर में तेज सुधार दर्ज किया गया है। साल की शुरूआत यानी जनवरी में देश में बेरोजगारी दर 7.2 फीसदी और फरवरी में 7.8 फीसदी थी। मार्च में देश में बेरोजगारी दर 8.8 पर पहुंच गई थी।
राजधानी दिल्ली में कम हुई बेरोजगारी
देश की राजधानी दिल्ली में जून महीने में बेरोजगारी दर 18.2 फीसदी थी। इसके पहले मई महीने में यह रिकॉर्ड 44.9 फीसदी पर पहुंच गई थी। इसके पहले जनवरी में बेरोजगारी दर 22.2 फीसदी, फरवरी में 14.8, मार्च में 17, अप्रैल में 16.7 फीसदी हो गई थी। इस प्रकार कह सकते हैं कि यह आंकड़ा प्री-कोविड समय के स्तर के आसपास पहुंच चुका है। आगे इसमें और सुधार की गुंजाइश हो सकती है।
भाजपा का दावा, सुधर रहे हैं हालात
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि कोविड काल में दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन इसके बाद भी अगर गूगल, एपल और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने इसी काल में भारत में हजारों करोड़ रुपये के निवेश का फैसला लिया है तो इससे स्पष्ट है कि उन्हें यहां भविष्य दिख रहा है। अग्रवाल के मुताबिक भारत में निर्माण क्षेत्र में मजबूती के सहारे बेरोजगारी दर को घटाने की कोशिश की जाएगी।