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बीजेपी पर भड़के शरद यादव, खतरे में बताया लोकतंत्र 'देश में अघोषित आपातकाल'

Thu, 26 Apr 2018 08:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 26 Apr 2018 08:40 PM IST
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Sharad Yadav Slams BJP, Said- Undeclared emergency in the country

देश में अघोषित आपातकाल का दौर चल रहा है और लोकतंत्र खतरे में है। जद(यू) से निष्कासित और देश के वरिष्ठ राजनेता शरद यादव ने यह आरोप लगाया है। शरद यादव ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार देश की वैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर कर रही है। सरकार देश की न्याय व्यवस्था में सीधे हस्तक्षेप कर रही है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि न्याय पालिका पर यह हमला लोकशाही के लिए खतरा है। इसलिए उच्चतम न्यायालय को इसे गंभीरता से लेकर खुद पहल करने के लिए आगे आना चाहिए।

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शरद यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को सबसे उपयुक्त पाया था। कोलेजियम के अनुसार जस्टिस जोसेफ उच्चतम न्यायालय का जज बनने के लिए पूरी तरह से पात्र थे, लेकिन केन्द्र सरकार ने कोलेजियम की सिफारिश को न मानते हुए उनकी पात्रता को ठुकरा दिया। शरद यादव ने कहा कि यह नई परंपरा देश के लोकशाही के लिए घातक है।
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सरकार फेल

शरद यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार हर मोर्चे फेल साबित हुई हैं। इसने किसानों, युवाओं, देश के मतदाताओं से किया कोई भी वादा पूरा नहीं किया। प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में आने के बाद आदर्श गांव की परिकल्पना लेकर आए थे। लेकिन आज आदर्श गांव ढूंढने पर नहीं मिल रहे हैं। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया और इसकी कोई सूरत नहीं दिखाई देती। मौजूदा समय में दो प्रतिशत की विकास दर चल रही है। जबकि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए 12 प्रतिशत के विकास दर की जरूरत है। 
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केन्द्र सरकार ने हर साल दो करोड़ रोजगार के अवसर सृजित करने का वादा किया था, लेकिन रोजगार के मामले में देश की दशा बेहद खराब है। ऊपर से नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने के तरीके ने पूरे देश की अर्थव्यवस्था को खराब कर दिया है। उद्योग और कारोबारी दोनों भारी मुसीबत में हैं। शरद यादव ने कहा कि सरकार किसी क्षेत्र में सफलता पाने के बजाय केवल गपबाजी में उलझी है।

क्या दिन देख रहे हैं?

Sharad Yadav Slams BJP, Said- Undeclared emergency in the country

शरद यादव ने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि क्या दिन देख रहे हैं। बैंक और एटीएम में पैसा नहीं है। लोगों की लंबी लाइन लग रही है। पेट्रोल और डीजल के ऊंचे दामों ने भारी तबाही मचा रखी है। मध्यम वर्ग, किसान सब इससे भारी परेशानी झेल रहे हैं। वहीं भ्रष्टाचार भी बढ़ा है। ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विजय माल्या जैसे कारोबारी देश का पैसा लूटकर सरकार की नाक के नीचे से विदेश भाग जा रहे हैं। देश के उद्योगपति असुरक्षा के माहौल के कारण देश का पैसा लेकर अब विदेशों में भाग रहे हैं। 

इतना ही सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को लेकर काफी बड़े-बड़े दावे किया थे, लेकिन यह सब हवा-हवाई है। 10-11 लाख करोड़ रुपये तक का एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट), तीन लाख किसानों का जान देना, युवाओं में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृति, कठुआ और उन्नाव में बलात्कार की घटना तथा उन पर पर्दा डालने के लिए सरकार के मंत्रियों, नेताओं के प्रयास। शरद यादव ने कहा कि आखिर यह सब क्या है?

क्या है उपाय

Sharad Yadav Slams BJP, Said- Undeclared emergency in the country

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि सभी विरोधी दलों, समाजवादी विचारों के लोगों और जनता दल परिवार के लोगों को साथ आना चाहिए। सबको मिलकर सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने के लिए राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिए। यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार केवल संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है? यह तानाशाही सरकार है और इसके चलते न्याय पालिका, मीडिया समेत सभी क्षेत्रों में सरकार का दखल बढ़ता जा रहा है। इसलिए जरूरी ही है लोकशाही को खत्म करने वाली सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए एकजुटता के साथ प्रयास होना चाहिए।

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