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राउत का निशाना: 'शरद पवार ने 25 साल पहले भाजपा को विभाजनकारी बताया था, शिवसेना को 2019 में सचाई समझ आई'
Sat, 11 Dec 2021 05:59 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 11 Dec 2021 05:59 PM IST
सार
राउत ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के विभिन्न राजनीतिक रैलियों में मराठी में दिए गए भाषणों की संकलित पुस्तक 'नेमकेची बोलने' के विमोचन के मौके पर भाजपा पर निशाना साधा।
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संजय राउत
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को फिर भाजपा पर निशाना साधा। राउत ने कहा कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने 25 साल पहले कहा था कि भाजपा विभाजनकारी पार्टी है, लेकिन शिवसेना को यह सचाई 2019 में समझ आई।
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राउत ने यह बात शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा से नाता तोड़कर राकांपा व कांग्रेस के साथ सरकार बनाने का परोक्ष जिक्र करते हुए कही। राउत ने राकांपा प्रमुख शरद पवार के विभिन्न राजनीतिक रैलियों में मराठी में दिए गए भाषणों की संकलित पुस्तक 'नेमकेची बोलने' के विमोचन के मौके पर भाजपा पर निशाना साधा।
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शिवसेना नेता ने कहा कि 25 साल पहले शरद पवार ने कहा था कि भाजपा देश की एकता नहीं चाहती। उसके तरीके विभाजनकारी हैं। लेकिन हमने दो साल पहले इसे समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां प्रतिगामी हैं, यह देश को पीछे ले जाएंगी।
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पीएम मोदी को भेंट करें किताब
किताब के शीर्षक का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि इसका मोटे रूप में अर्थ है कि साहस के साथ अपनी बात कहना। इसका नाम इतना अच्छा है कि हम सभी को इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार में देना चाहिए। उन्हें कुछ चीजें जानने की जरूरत है।
राउत ने कहा कि संसद का सेंट्रल हॉल सभी दलों के नेताओं और वरिष्ठ पत्रकारों की मुलाकातों के लिए पहचाना जाता था, जो विभिन्न विषयों पर चर्चा करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते कुछ वर्षों से देख रहे हैं कि जो भी सवाल उठाता है, उसका विरोध किया जाता है और उसका गला घोंटा जाता है। राउत ने कहा कि सवाल उठाने के बुनियादी अधिकारों से वंचित करना बहुसंख्यकवाद की ओर ले जाता है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि शरद पवार ने कुछ साल पहले यह कहा था और अब हमने इसे हकीकत होते देखा है।