Shahjahan Sheikh: ममता के गले की फांस बना शाहजहां शेख, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'घोर पाप हुआ'
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विस्तार
शाहजहां शेख ममता बनर्जी के गले की फांस बन गया है। कलकत्ता हाई कोर्ट के द्वारा शाहजहां शेख का मामला सीबीआई को सौंपने का तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में विरोध किया, लेकिन ये विरोध निरस्त हो गया। इसके बाद भाजपा को ममता बनर्जी पर बड़ा हमला करने का अवसर मिल गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार हर स्तर पर शाहजहां शेख को बचाने का काम कर रही है। एक महिला मुख्यमंत्री के द्वारा सामूहिक दुष्कर्म के एक अपराधी को बचाने की कोशिश ममता बनर्जी पर भारी पड़ सकती है।
स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले को उठाया और संदेशखाली में पीड़ित महिलाओं से मुलाकात के बाद उन्होंने इस घटना को 'घोर पाप' करार दिया। भाजपा नारी शक्ति वंदन कानून के जरिए जहां महिलाओं को सशक्त करने का काम कर रही है, कई योजना चलाकर मोदी महिलाओं के सबसे बड़े हितैषी साबित हुए हैं, वहीं चुनाव के बीच ममता सरकार पर शाहजहां शेख को बचाने का आरोप उसे राजनीतिक तौर पर बड़े घाटे का सौदा हो सकता है।
पवन सिंह का टिकट कटना भी था संकेत
भाजपा सूत्रों के अनुसार, आसनसोल से लोकसभा चुनाव का टिकट पाने वाले गायक पवन सिंह का टिकट केवल इसलिए काटना पड़ गया था, क्योंकि उनके गीतों के बोलों में महिलाओं के लिए आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। भाजपा इस चुनाव में महिलाओं को अपना सबसे समर्थक वर्ग के रूप में तैयार करने की कोशिश कर रही है, जबकि पवन सिंह के गाने उसके स्टैंड पर सवाल खड़ा कर सकते थे। महिलाओं के लिए बेहद संवेदनशील पश्चिम बंगाल में भाजपा कोई भी ऐसा संदेश नहीं जाने देना चाहती थी, जो महिलाओं के विरोध में जाए। यही कारण है कि आनन-फानन में उनका टिकट काट दिया गया।
नेता के मुताबिक, एक तरफ भाजपा महिलाओं के मुद्दे पर किसी तरह का सॉफ्ट स्टैंड नहीं लेना चाहती, वहीं तृणमूल कांग्रेस ने ठीक चुनावों के दौरान एक अपराधी को बचाने का काम कर दिया। 55 दिनों तक संदेशखाली की महिलाओं के अपराधी को पुलिस के सामने न लाने का मामला ममता बनर्जी किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहरा सकतीं। माना जा रहा है कि ममता बनर्जी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
महिला के शासन में महिलाओं के अपराधी को बचाना स्वीकार्य नहीं
भाजपा नेता शाजिया इल्मी ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी के लिए यह एक राजनीतिक मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी एक महिला मुख्यमंत्री हैं। लेकिन उनके राज्य में उन्हीं की पार्टी के लोग महिलाओं के साथ दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध करते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल पुलिस पीड़ितों को बचाने की बजाय अपराधियों के साथ खड़ी दिखती है। यह शर्मनाक है।
शाजिया इल्मी ने कहा कि संदेश खाली की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि जिस समय शाहजहां शेख के अपराधी साथी महिलाओं से अभद्रता कर रहे होते थे, उस समय पुलिस भी उनके साथ खड़ी होती थी। यानी सब कुछ पुलिस की जानकारी और उनकी उपस्थिति में होता था। जिस तरह शाहजहां शेख को 55 दिनों तक बचाया गया, और अदालत के हस्तक्षेप के बाद उसे पुलिस के सामने लाना पड़ा, उस समय भी उसके तेवर यह बताने के लिए पर्याप्त थे कि वह पुलिस से किसी भी तरह भयभीत नहीं है।
इससे साफ था कि संदेशखाली की महिलाओं को पश्चिम बंगाल में न्याय नहीं मिल सकता था। यही कारण है कि पहले कलकत्ता हाई कोर्ट और बाद में सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को सीबीआई को सौंपने को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अब उम्मीद है कि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलेगा, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता ममता बनर्जी को माफ नहीं करेगी।