सीजेपी के प्रदर्शन में कब-क्या हुआ?: घर से राठी तो फ्लाइट से हिरासत में लिए गए दिपके, 10 पॉइंट में बड़ी घटनाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के दिल्ली प्रदर्शन में ध्रुव राठी और अभिजीत दिपके हिरासत में लिए गए। दिल्ली में 45 मेट्रो स्टेशन, 250 ट्रेनें और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित। पढ़ें पूरे दिन के 10 बड़े घटनाक्रम।
विस्तार
आइये जानते हैं कि पूरे दिन के बड़े घटनाक्रम क्या रहे हैं...
सबसे पहले शनिवार सुबह पुलिस ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में ले लिया था। ध्रुव राठी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी द्वारा जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जर्मनी से गुरुग्राम पहुंचे थे। शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में ध्रुव राठी ने कहा था, "कैसे हैं आप दोस्तों? मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। यहां मैंने देखा कि 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।"
2. दिपके विमान से बाहर आते, उससे पहले ही अंदर घुसी दिल्ली पुलिस
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सह-समन्वयक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने उनकी फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस के जवान उस विमान के अंदर घुसे, जिसमें अभिजीत दिपके राष्ट्रीय राजधानी आ रहे थे। फ्लाइट कुछ मिनट पहले ही आईजीआई एयरपोर्ट पर लैंड हुई थी। हिरासत के दौरान अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस से कहा, "मैं यहां गिरफ्तार होने के लिए आया हूं। मुझे गिरफ्तार करो।" दिल्ली पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों को आगे रखा था। दिपके की गिरफ्तारी की पेशकश पर महिला पुलिस ने कहा, ''यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग कीजिए।'' उधर, सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिया गया।
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे चार पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल (दिल्ली), ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), पिनरई विजयन (केरल) और माणिक सरकार (त्रिपुरा) को सुबह से लेकर दोपहर के बीच दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ-साथ योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और एआईएसए अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में ले लिया गया।
माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने खुद को हिरासत में लिए जाने के बाद आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाती रही और उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि आगे कहां ले जाया जा रहा है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेन और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ममता बनर्जी की हिरासत का वीडियो शेयर करते हुए दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए। पार्टी ने पोस्ट में लिखा 'दिल्ली पुलिस, आपकी हिम्मत कैसे हुई?'
राजधानी में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के करीब 35,000 से 40,000 से जवानों को तैनात किया गया। संवेदनशील मार्गों पर कंटीले तार (स्पाइक स्ट्रिप्स) और बैरिकेड्स लगाए गए और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। पारदर्शिता के लिए जवानों को बॉडी कैमरे पहनाए गए और महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए पिंक फोर्स तैनात की गई।
दोपहर के करीब कनॉट प्लेस के बाबा खड़क सिंह मार्ग और आकाशवाणी भवन के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की बस और पुलिस पर पथराव की घटना में पिंक फोर्स की सदस्य समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए, जिसके बाद दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो (डीएमआरी) ने राजीव चौक, नई दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, मंडी हाउस और कश्मीरी गेट सहित 45 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार रात 10 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया।
- प्रदर्शनकारियों के जमावड़े को रोकने के लिए रेलवे ने नई दिल्ली और हज़रत निजामुद्दीन आने-जाने वाली 250 से अधिक मेल/एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को रद्द कर दिया।
- इसके अलावा, मध्य दिल्ली में जनपथ और कर्तव्य पथ क्रासिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। नमो भारत स्टेशन और शहर के खुदरा शराब ठेके भी सुरक्षा कारणों से बंद रखे गए।
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर देश में अघोषित आपातकाल का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिरासत में लिए गए नेताओं और युवाओं को रिहा नहीं किया गया, तो वे अनशन (भूख हड़ताल) या पदयात्रा शुरू करेंगे।
कार्रवाई के खिलाफ राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर लोकतंत्र दबाने और आपातकाल जैसी स्थिति बनाने का आरोप लगाया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, ''मैं नरेंद्र मोदी, आरएसएस और इनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा समय से लड़ रहा हूं। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं। इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान है- कायरता।''
INDIA IN A STATE OF UNDECLARED EMERGENCY... Yesterday when I posted a message appealing for unity & peace in today's protest I had never imagined that the biggest democracy in the world would be under an undeclared EMERGENCY. I was happy there were so many leaders to lead the movement, but I now learn that they have all been arrested. I hope those arrested will be released soon. I will be compelled to consider an Anshan Fast or Padyatra March if they are not released by tomorrow. #JantarMantar #protest #CJP #CEC #sonamwangchuk
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) October 10, 2026
प्रदर्शन वाले दिन ही सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके की दादी का महाराष्ट्र के हिंगोली में निधन हो गया। इसे लेकर सीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि अभिजीत दिपके को उनका परिवार दादी के निधन के बारे में भी नहीं बता पा रहा। सीजेपी ने कहा कि दिपके कहां हैं, इस बारे में उनके वकीलों को भी नहीं पता।
हालांकि, बाद में दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पुलिस ने दीपके को अंतिम संस्कार के लिए वापस जाने का विकल्प दिया और उनके अंतिम संस्कार के समय से लेकर हर तरह की मदद का प्रस्ताव भी दिया गया। कुछ स्रोतों की ओर से बताया गया कि दिपके और उनकी टीम ने इस मदद के प्रस्ताव के बावजूद हिरासत में रहते हुए भी विरोध आंदोलन को जारी रखने का आह्वान किया।
Several social media handles are claiming that as Sh. Abhijeet Dipke is in detention, he has not been informed about the demise of his grandmother. In this regard it is being clarified that the information regarding the demise of Abhijeet’s grandmother was promptly conveyed to him with due sensitivity. He was also informed of the scheduled funeral time and offered all possible assistance to facilitate his travel to his hometown on humanitarian grounds.
— Delhi Police (@DelhiPolice) October 10, 2026
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते सील होने पर सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे और छात्र नेताओं ने समर्थकों से अपील की कि पुलिस जहां भी रोके, उसी स्थान को जंतर-मंतर मानकर विरोध दर्ज कराएं। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली हाट-आईएनए, जोरा बाग और सफदरजंग फ्लाईओवर पर मार्च निकाला।
9. स्टेडियम बने अस्थायी जेल, सीजेआई का हस्तक्षेप
हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों, छात्रों और वकीलों को हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम, बावना स्टेडियम और यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भेजा गया। सुप्रीम कोर्ट के बाहर से वकीलों को उठाए जाने पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों को रिहा करने के निर्देश दिए।
सीजेपी प्रदर्शन का प्रभाव दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई अन्य प्रमुख शहरों और राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियां दर्ज की गईं।
- मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान और आजाद मैदान में सीजेपी के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। यहां अभिनेता इमरान खान, महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी, कस्तूरी गांधी और विधायक वरुण सरदेसाई सहित सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
- बंगलूरू में फ्रीडम पार्क और शहर के अन्य हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ और सीजेपी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हुए।
- दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और अन्य नेताओं की हिरासत के विरोध में माकपा की ओर से पूरे केरल में प्रदर्शन मार्च निकाले गए, जिसमें कोझिकोड में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया।
- असम के गुवाहाटी में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और भाजपा नेता आमने-सामने आ गए और तीखी नारेबाजी हुई।
- चंडीगढ़ में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी (आप) ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।