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Hindi News ›   India News ›   Shahi Idgah Survey Asaduddin Owaisi terms Mathura court order violation of Places of Worship Act 1991

Shahi Idgah Survey: असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के फैसले पर असहमति जताई, पूजा स्थल कानून का उल्लघंन करार दिया

Mon, 26 Dec 2022 03:35 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 26 Dec 2022 03:35 PM IST
सार

मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन (तृतीय) की अदालत ने बीते दिनों श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में हिंदू सेना के दावे पर ईदगाह का अमीन सर्वे करने का आदेश दिया है।

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Shahi Idgah Survey Asaduddin Owaisi terms Mathura court order violation of Places of Worship Act 1991
Asaduddin Owaisi - फोटो : ANI

विस्तार

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मुथरा की शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वेक्षण के संबंध में स्थानीय कोर्ट के आदेश पर असहमति जताई और कहा कि अदालत का आदेश पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन करता है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उनकी समझ से यह आदेश गलत है। वह इससे असहमत हैं। मथुरा के सिविल कोर्ट ने 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का उल्लंघन किया है।

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हैदराबाद में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू सेना ने सर्वेक्षण को पहले उपाय के रूप में इस्तेमाल किया है, जबकि कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतिम उपाय होना चाहिए। एआईएमआईएम अध्यक्ष  ने कहा कि उन्हें यकीन है कि शाही ईदगाह ट्रस्ट इस आदेश के खिलाफ अपील करेगा और हाईकोर्ट इस मामले में विचार करेगा।
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20 जनवरी को अगली सुनवाई
बता दें, दो दिन पहले मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन (तृतीय) की अदालत ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में हिंदू सेना के दावे पर ईदगाह का अमीन सर्वे करने का आदेश दिया है। यह आदेश वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में कोर्ट के आदेश की तरह है। शाही ईदगाह मस्जिद मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 20 जनवरी की तारीख तय की है।
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हिंदू सेना का क्या है दावा
बीते आठ दिसंबर को हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता व उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन (तृतीय) की न्यायाधीश सोनिका वर्मा की अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन पर मंदिर तोड़कर औरंगजेब द्वारा ईदगाह तैयार कराई गई थी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर बनने तक का पूरा इतिहास अदालत के समक्ष पेश किया। उन्होंने वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ बनाम शाही मस्जिद ईदगाह के बीच हुए समझौते को भी चुनौती दी है।

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