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ओडिशा में बढ़ी दुष्कर्म के मामलों की संख्या, 2018 में रोजाना दर्ज हुए औसतन सात मामले

Sun, 28 Jul 2019 10:21 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: Gaurav Pandey Updated Sun, 28 Jul 2019 10:21 PM IST
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Sexual Assault Cases increased in Odisha, says White Paper by Home Department
सांकेतिक तस्वीर

ओडिशा में साल 2017 की तुलना में साल 2018 में दुष्कर्म के मामलों की संख्या बढ़ी है। यह जानकारी ओडिशा विधानसभा में गृह विभाग द्वारा सदन के पटल पर रखे गए श्वेतपत्र में दी गई। इसके मुताबिक साल 2018 में रोजाना दुष्कर्म के औसतन सात मामले दर्ज किए गए। वहीं, इसी साल में हत्या के औसतन चार मामले रोज दर्ज किए गए। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2017 में दुष्कर्म के मामलों की कुल संख्या 2,221 थी, जो साल 2018 में बढ़कर 2,502 हो गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुष्कर्म के 1,526 मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए। शनिवार को सदन के पटल पर रखे गए श्वेतपत्र में कहा गया है कि राज्य में साल 2018 में दहेज को लेकर हत्या के 501 मामले सामने आए।

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हत्या के मामलों की संख्या भी बढ़ी

इस रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 के दौरान राज्य में हत्या के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है। राज्य में 2,120 दंगे के मामले दर्ज किए गए। जबकि साल 2017 में यह संख्या 2,407 थी। साल 2016 में दंगों के मामलों की संख्या 1,914 थी। रिपोर्ट के अनुसार साल 2018 में डकैती के मामलों की संख्या 558 थी। राज्य में साल 2018 में सांप्रदायिक तनाव के 39 मामले सामने आए। 

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नहीं हुई कोई बड़ी आतंकी घटना

श्वेतपत्र में दावा किया गया है कि राज्य में साल 2018 में कोई बड़ी आतंकवादी घटना नहीं हुई। जाजपुर, ढेंकानाल, गंजम, मयूरभंज और क्योंझर समेत छह जिलों से कोई भी उग्रवादी घटना नहीं हुई। इसमें कहा गया है कि साल 2018 में 19 माओवादी मारे गए, 39 को गिरफ्तार किया गया और 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इसमें दावा किया गया है कि ओडिशा में कुल मिलाकर स्थिति शांतिपूर्ण रही। हालांकि, विभिन्न कारणों से 33 बार गोलीबारी हुई।

कांग्रेस-भाजपा ने खारिज किया श्वेतपत्र

हालांकि, विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने श्वेतपत्र को खारिज कर दिया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने रविवार को कहा, ‘सरकार श्वेतपत्र में तथ्यों को छिपा रही है। हम इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे।’ भाजपा के मुख्य सचेतक मोहन माझी ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है।

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