Farmers Protest: मुंडा बोले- नए कानून बनाने में कई बातों पर विचार करना होगा, हम किसानों से चर्चा के लिए तैयार
Farmers Protest: केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे सहयोग और संवाद करें, ताकि आम जनता को परेशनी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार इसको लेकर दृढ़ संकल्पित है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च का आज दूसरा दिन है। किसान शंभु बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसान नेताओं से सहयोग और संवाद करने का आग्रह किया, ताकि आम लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े। उन्होंने कहा कि नए कानून बनाने में कई बातों पर विचार करना होगा, जिस पर सरकार किसान संगठनों के साथ चर्चा करना चाहती है।
'प्रशासनिक प्रकृति के कार्यों में लाई जाएगी तेजी'
मुंडा ने कहा कि सरकार ने उन्हें (किसानों) को आश्वासन दिया है कि प्रशासनिक प्रकृति के सभी कार्यों की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उन्होंने कहा, "मैं विभिन्न किसान संगठनों के सभी नेताओं से आग्रह करना चाहूंगा कि वे सहयोग और संवाद करें, ताकि आम जनता को परेशनी न झेलनी पड़े। सरकार इसको लेकर दृढ़ संकल्पित है। हमने उन्हें आश्वासन दिया है कि प्रशासनिक प्रकृति के सभी कार्यों में तेजी लाई जाएगी। लेकिन, नए कानूनों को बनाने में विचार के लिए बहुत सी बातें हैं। हम आने वाले दिनों में किसान संगठनों के साथ चर्चा करना चाहते हैं और किसी भी समाधान की तलाश करना चाहते हैं।"
'समाधान के बजाय समस्या बढ़ा रहे किसान'
उन्होंने आगे कहा, सरकार बातचीत के जरिए समाधान ढूंढने के लिए पूरी तरह से तैयार है। लेकिन, किसान संगठन समस्याओं को हल करने के बजाय उन्हें बढ़ा रहे हैं। कृषि मंत्री ने कहा, "किसान संगठन जिस तरह की बातें कह रहे हैं और समस्याओं के समाधान के बजाय वे समस्याओं को और बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। उससे लोगों के लिए मुश्किलें पैदा हो रही हैं। मैं सभी किसान संगठनों से आग्रह करूंगा कि वे समस्या के समाधान के लिए पहले करें। बातचीत के जरिए समाधान ढूंढने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है।"
'मुद्दों पर चर्चा करने की जरूरत'
कृषि मंत्री मुंडा से जब पूछा गया कि किसानों से बातचीत के लिए कोई नई समिति बनेगी, इस पर उन्होंने कहा कि जहां तक समिति बनाने की बात है तो हमने कहा है कि प्रशासनिक कार्यों को तेज गति से अंजाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा, हम आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार इसमें पीछे नहीं रहेगी। हम इसे लागू करेंगे और कर रहे हैं। लेकिन, जब कानून बनाने की बात आती है, तो ऐसे सभी विषयों पर फोकस करना महत्वपूर्ण है, जिससे लोगों को कोई मुश्किल न हो। जो भी हम करना चाहते हैं, उसे अच्छे तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हमें इस बात पर चर्चा करने की जरूरत है कि क्या यह अच्छे के लिए है।
उन्होंने आगे कहा, इससे पहले भी जब इस तरह की बातें (समिति बनाने की) सामने आती थी तो किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की बात होती थी। लेकिन, संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहयोग नहीं किया। अब समय बीत चुका है। लेकिन, आने वाले समय में हमें किसान संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे। हमें चर्चा करनी चाहिए और एक ऐसा माहौल तैयार करना चाहिए, जिससे इस समस्या का समाधान हो सके। इन सभी मुद्दों पर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं।
किसानों के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों की बैठक
सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ सिंह और अर्जुन मुंडा सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने आज किसानों के विरोध प्रदर्शन और मुद्दों के समाधान के तरीकों पर चर्चा की। राष्ट्रीय राजाधानी में होने वाली इस बैठक में रक्षा मंत्री सिंह ने मुंडा के साथ विभिन्न किसान मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के बारे विस्तृत जानकारी तत्काल नहीं मिल सकी है।