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भारत बंद: गृह मंत्रालय के आदेश पर राज्यों में अलर्ट, ये हैं 10 बड़ी बातें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 Apr 2018 01:26 PM IST
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संसोधन के बाद विवाद थमने का नाम नहीं ले रही है। 2 अप्रैल को दलित समुदाय के भारत बंद और आरक्षण के विरोध में सवर्ण समुदाय की ओर से आज कथित भारत बंद का आयोजन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को भारत बंद के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम बनाए रखने के आदेश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की हिंसा को फैलने से रोका जा सके। बंद के दौरान कहां-कहां हिंसा भड़की और कहां तनाव है जानिए 10 बड़ी बातें।
1. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यदि आवश्यक हो तो निषेधाज्ञा के आदेश जारी किए जाएं।
2. बिहार के आरा में दो गुटों के बीच झड़प हुई और गोलियों की आवाज सुनने को मिली। आरा स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन को रोका गया। प्रदर्शनकर्ताओं ने सड़क यातायात को भी बाधित किया। संवेदनशील इलाकों में जान और माल की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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3. मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि उनके क्षेत्र में किसी तरह की हिंसा होती है तो उसके लिए निजी तौर पर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
4. राजस्थान उन पांच राज्यों में से एक है जहां पिछली बार हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इसी वजह से सरकार ने जोधपुर और अलवर जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। निषेधाज्ञा आदेश जारी किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लग गई है।
5. जयपुर पुलिस प्रमुख संजय अग्रवाल ने कहा- किसी भी संगठन ने सामने आकर नहीं कहा है कि वह बंद का आयोजन कर रहा है। यह संदेश सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। हम सामुदायिक संपर्क समूहों और व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित कर रहे हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
6. उत्तर प्रदेश में सभी जिला पुलिस अधिकारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसमें उनसे कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। आधी रात से सहारनपुर में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को उन जिलों को आवंटित किया गया है जिन्होंने इसके लिए अनुरोध किया था।
7. 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया था।
8. पूरे दिन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और झारखंड में हिंसा की घटनाएं हुई थीं। जिसकी वजह से मध्यप्रदेश में 6, उत्तर प्रदेश में 2 राजस्थान में एक शख्स की मौत हो गई थी।
9. उसी दिन केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट से अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर दिए फैसले पर रोक लगाने के लिए कहा था।
10. हालांकि कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- हमारा उद्देश्य बेगुनाहों की रक्षा करना है, हमने किसी भी तरीके से कानून को कमजोर नहीं किया है। अदालत ने कहा था कि विरोध के लिए जिम्मेदार लोगों ने पहले का आदेश ठीक से नहीं पढ़ा होगा। आंदोलन निहित स्वार्थों की वजह से आयोजित किया जा सकता है।
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1. गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। यदि आवश्यक हो तो निषेधाज्ञा के आदेश जारी किए जाएं।
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2. बिहार के आरा में दो गुटों के बीच झड़प हुई और गोलियों की आवाज सुनने को मिली। आरा स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन को रोका गया। प्रदर्शनकर्ताओं ने सड़क यातायात को भी बाधित किया। संवेदनशील इलाकों में जान और माल की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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3. मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि उनके क्षेत्र में किसी तरह की हिंसा होती है तो उसके लिए निजी तौर पर जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
4. राजस्थान उन पांच राज्यों में से एक है जहां पिछली बार हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इसी वजह से सरकार ने जोधपुर और अलवर जिले में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। निषेधाज्ञा आदेश जारी किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लग गई है।
5. जयपुर पुलिस प्रमुख संजय अग्रवाल ने कहा- किसी भी संगठन ने सामने आकर नहीं कहा है कि वह बंद का आयोजन कर रहा है। यह संदेश सोशल मीडिया पर चल रहे हैं। हम सामुदायिक संपर्क समूहों और व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित कर रहे हैं। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
6. उत्तर प्रदेश में सभी जिला पुलिस अधिकारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिसमें उनसे कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। आधी रात से सहारनपुर में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को उन जिलों को आवंटित किया गया है जिन्होंने इसके लिए अनुरोध किया था।
7. 2 अप्रैल को दलित संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया था।
8. पूरे दिन मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और झारखंड में हिंसा की घटनाएं हुई थीं। जिसकी वजह से मध्यप्रदेश में 6, उत्तर प्रदेश में 2 राजस्थान में एक शख्स की मौत हो गई थी।
9. उसी दिन केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। जिसमें कोर्ट से अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम पर दिए फैसले पर रोक लगाने के लिए कहा था।
10. हालांकि कोर्ट ने अपने फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- हमारा उद्देश्य बेगुनाहों की रक्षा करना है, हमने किसी भी तरीके से कानून को कमजोर नहीं किया है। अदालत ने कहा था कि विरोध के लिए जिम्मेदार लोगों ने पहले का आदेश ठीक से नहीं पढ़ा होगा। आंदोलन निहित स्वार्थों की वजह से आयोजित किया जा सकता है।