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Double Murder: ठाणे दोहरे हत्याकांड में मकोका के तहत सात गिरफ्तार; पुलिस का दावा- कई जघन्य अपराधों में शामिल
Tue, 16 Sep 2025 12:48 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 16 Sep 2025 12:48 PM IST
सार
Double Murder: ठाणे में दो चचेरे भाइयों की हत्या के मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों पर अब मकोका लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पिछले दस वर्षों से कई जघन्य गंभीर अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर सभी को गिरफ्तार किया था और अब गिरोह के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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Crime demo
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिछले महीने ठाणे जिले में दो चचेरे भाइयों की हत्या के मामले में गिरफ्तार सात आरोपियों के खिलाफ अब महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. डी.एस. स्वामी ने बताया कि इन सात आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता विक्की म्हात्रे भी शामिल है। ये सभी एक संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं, जो पिछले दस वर्षों से कई हिंसक अपराधों में शामिल रहा है।
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पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने प्रफुल तांगड़ी (42 वर्षीय) को पुरानी रंजिश के चलते निशाना बनाया था। उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और फिर 11 अगस्त को उनकी हत्या कर दी गई।
प्रफुल तांगड़ी पर हमला उनके भिवंडी के खर्डी गांव स्थित ऑफिस में किया गया। उन पर तलवारों और अन्य हथियारों से हमला किया गया। जब उनके चचेरे भाई और दफ्तर के कर्मचारी चेतन तांगड़ी (22 वर्षीय) उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर उनकी हत्या कर दी।
भिवंडी तालुका पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। इसमें कई टीमें बनाई गईं और खुफिया जानकारी के साथ तकनीकी निगरानी का सहारा लेकर सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया, जब हमने उनके आपराधिक इतिहास की जांच की, तो पाया कि ये लोग 2013 से गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। इन अपराधों में अवैध जमावड़ा, मारपीट, हत्या की कोशिश और अवैध रूप से हथियार रखने जैसे मामले शामिल हैं। इनका लगातार अपराध करना यह दिखाता है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे, इसलिए इन पर मकोका लगाना जरूरी हो गया। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और इसके अन्य मामलों से संबंधों की जांच कर रही है।
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जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. डी.एस. स्वामी ने बताया कि इन सात आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता विक्की म्हात्रे भी शामिल है। ये सभी एक संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं, जो पिछले दस वर्षों से कई हिंसक अपराधों में शामिल रहा है।
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पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने प्रफुल तांगड़ी (42 वर्षीय) को पुरानी रंजिश के चलते निशाना बनाया था। उनकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और फिर 11 अगस्त को उनकी हत्या कर दी गई।
प्रफुल तांगड़ी पर हमला उनके भिवंडी के खर्डी गांव स्थित ऑफिस में किया गया। उन पर तलवारों और अन्य हथियारों से हमला किया गया। जब उनके चचेरे भाई और दफ्तर के कर्मचारी चेतन तांगड़ी (22 वर्षीय) उन्हें बचाने आए, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर उनकी हत्या कर दी।
भिवंडी तालुका पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। इसमें कई टीमें बनाई गईं और खुफिया जानकारी के साथ तकनीकी निगरानी का सहारा लेकर सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया, जब हमने उनके आपराधिक इतिहास की जांच की, तो पाया कि ये लोग 2013 से गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल रहे हैं। इन अपराधों में अवैध जमावड़ा, मारपीट, हत्या की कोशिश और अवैध रूप से हथियार रखने जैसे मामले शामिल हैं। इनका लगातार अपराध करना यह दिखाता है कि यह एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे थे, इसलिए इन पर मकोका लगाना जरूरी हो गया। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और इसके अन्य मामलों से संबंधों की जांच कर रही है।
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