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Parliament: उत्तरकाशी की सुरंग के अंदर अलग मार्ग का निर्माण क्यों नहीं किया गया? नितिन गडकरी ने दिया यह जवाब

Wed, 06 Dec 2023 07:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 06 Dec 2023 07:20 PM IST
सार

Parliament: सरकार ने बुधवार को संसद में बताया कि सिलक्यारा सुरंग में एक अलग दीवार बनाई गई थी, जिसमें नियमित अंतराल पर प्रवेश द्वारा खोले जाते थे। इसका इस्तेमाल आपात स्थिति के दौरान बचाव के मार्ग के रूप में किया जा सकता था।
 

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Separation wall with openings provided in Silkyara tunnel to help stranded commuters escape: Govt
सिलक्यारा सुरंग - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

उत्तराखंड के उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग से 41 मजदूरों को निकाला जा चुका है। लेकिन, अब सवाल उठ रहे हैं कि आपात स्थिति के लिए इसके अंदर अलग मार्ग क्यों नहीं बनाया गया था। इस बीच, सरकार ने बुधवार को बताया कि सुरंग में एक अलग दीवार बनाई गई थी, जिसमें नियमित अंतर पर प्रवेश द्वारा खोले जाते थे। इसका इस्तेमाल आपात स्थिति के दौरान बचाव के मार्ग के रूप में किया जा सकता था।

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, धरासू-युमुनोत्री राजमार्ग (एनएच-134) पर सिलक्यारा द्वि-दिशात्मक सुरंग में वाहनों के क्रॉसओवर के लिए 565 मीटर और पैदल यात्री क्रॉस मार्ग के लिए 300 मीटर के औसत अंतराल पर निकास द्वार के साथ-साथ कैरिजवे के केंद्र में अलग दीवार प्रदान की गई है। 

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गडकरी से पूछा गया था कि क्या सरकार ने इस बात की जांच कराई है कि नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एनईसीएल) ने बचाव मार्ग का निर्माण क्यों नहीं किया, जैसा कि सुरंग निर्माण में नियम है। एनएचआईडीसीएल हैदराबाद स्थित नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के जरिए सुरंग का निर्माण कर रहा है। सिलक्यारा सुरंग एक एकल-ट्यूब सुरंग है और इसे दीवार द्वारा दो इंटर-कनेक्टर कॉरिडोर में विभाजित किया गया है। ये दोनों कॉरिडोर एक-दूसरे के लिए (आपात स्थिति में) बाहर निकलने के मार्ग के रूप में काम कर सकते हैं।  

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यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने 2019 में सुरंग के ढहने के बाद सुरक्षा मानदंडों की समीक्षा की थी, सड़क एवं परिवहन मंत्री ने कहा कि धरासू-युमुनोत्री राजमार्ग (एनएच -134) पर सिलक्यारा सुरंग इंजीनियरिंग, ईपीसी (खरीद और निर्माण) मोड के तहत बनाई जा रही है, जिसमें डिजाइन की जिम्मेदारी ईपीसी ठेकेदार की है। 

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