वकील प्रशांत भूषण का आरोप, सरकार कर रही है दलित युवा नेता चंद्रशेखर को चुप कराने की कोशिश
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया है कि भीम आर्मी के दलित नेता चंद्रशेखर को गैरकानूनी तरीके से डरा-धमकाकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है। चंद्रशेखर लगातार दलितों की आवाज उठा रहे थे। वे सरकार के विरोध में चलने वाले कई आंदोलनों की अगुवाई कर रहे थे। यही कारण है कि उन्हें प्रताड़ित कर उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
फर्जी मुकदमों में फंसाने का डर
सोमवार को दिल्ली में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि इसके पहले मायावती दलितों की बड़ी नेता थीं। उन्हें कई फर्जी मुकदमों में फंसाकर डर दिखाकर चुप कराने की कोशिश की गई। सरकार अपनी इस कोशिश में सफल रही। यही वजह है कि अब वह उसी फार्मूले के जरिये सरकार चंद्रशेखर को भी चुप कराने की कोशिश कर रही है।
फिर से बने संत रविदास मंदिर
प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार को दलितों की भावनाओं का सम्मान करते हुए संत रविदास मंदिर को दोबारा बनवाना चाहिए। इसके लिए तत्काल वैकल्पिक जमीन मुहैया कराना चाहिए। उनका आरोप था कि इस सरकार में दलितों के साथ भेदभाव हो रहा है और उनके ऊपर होने वाले हमले बढ़े हैं।
चंद्रशेखर इस समय जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के नौ अगस्त के एक आदेश के बाद 10 अगस्त को डीडीए के द्वारा तुगलकाबाद वन क्षेत्र में स्थित एक पुराना रविदास मंदिर ढहा दिया गया था। इसके विरोध में दलित संगठनों ने काफी उग्र प्रदर्शन किया था। इसी तरह के एक प्रदर्शन की अगुवाई करने के कारण चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया गया था।