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बीवी के साथ सेल्फी बनी सुराग: एक करोड़ के इनामी माओवादी को तस्वीर के सहारे ढूंढा; ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर ढेर

Wed, 22 Jan 2025 01:02 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 22 Jan 2025 01:02 PM IST
सार

एक करोड़ का इनामी, कई हमलों का जिम्मेदार और मावोवादी नेता रामचंद्र रेड्डी उर्फ चलपति छत्तीसगढ़-उड़ीसा सीमा पर हुए मुठभेड़ में मारा गया। इस पूरे घटना क्रम में चलपति के लिए उसकी पत्नी के साथ ली गई सेल्फी मुसीबत बन गई। यहां समझिए पूरी कहानी...

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Selfie with wife led security forces to top Maoist killed in gunfight at Odisha-Chhattisgarh border Hindi News
नक्सली मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला गरियाबंद में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच रविवार से लेकर मंगलवार शाम तक मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में कम से कम 20 माओवादियों की मौत होने की खबर सामने आ रही है। दूसरी तरह सुरक्षाबलों के लिए सबसे बड़ी कामयाबी ये भी रही है कि इस मुठभेड़ में 1 करोड़ का इनामी माओवाई नेता रामचंद्र रेड्डी उर्फ चलपति मारा गया। 
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पत्नी के साथ सेल्फी कैसा बनी मुसीबत?
खबर है कि चलपति अपनी पत्नी अरुणा (चैतन्य वेंकट रवि) के साथ जंगलों में छिपा हुआ था। एक दिन अरुणा और चलपति की एक सेल्फी एक लावारिस स्मार्टफोन में मिली, जो 2016 में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी के बाद बरामद हुआ था। इस सेल्फी ने उसकी पहचान उजागर की और उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया। अंत में इसी सेल्फी को सुराग के तौर पर उपयोग कर चलपति को छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। साथ ही इस मुठभेड़ में 14 माओवादी मारे गए।
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गुरिल्ला युद्ध का विशेषज्ञ था चलपति
जानकारी के अनुसार चलपति ने अपने शुरुआती दिनों में पीपुल्स वार ग्रुप (पीडब्लूजी) से जुड़कर माओवादी गतिविधियों में हिस्सा लिया। वह एक सैन्य रणनीति और गुरिल्ला युद्ध का विशेषज्ञ माना जाता था। वहीं 2004 में जब पीडब्लूजी और अन्य माओवादी समूहों का विलय हुआ, तो वह सीपीआई (माओवादी) का सदस्य बन गया और रैंकों में ऊपर उठने लगा।
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बता दें कि चलपति ने ओडिशा के कंधमाल और कालाहांडी जिलों में माओवादी अभियान शुरू किए। 2011 में कंधमाल जिले में एक पुलिस शस्त्रागार को लूटने की उसकी कोशिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया था। 

 
गौरतलब है कि माओवादी के शीर्ष सात नेताओं में शामिल रामचंद्र रेड्डी जो कि चलपति के नाम से जाना जाता था। वह ओडिशा और छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय था और माओवादी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। 2008 में उसने ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक माओवादी हमले का नेतृत्व किया था, जिसमें 13 पुलिसकर्मी मारे गए थे। इस हमले की साजिश रामकृष्ण ने रची थी, लेकिन जमीन पर इस हमले को अंजाम तक चलपति ने ही पहुंचाया था।
ौर
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