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राजद्रोह कानून: सुप्रीम कोर्ट से केंद्र ने कहा- 1962 का फैसला सही, इस पर पुनर्विचार की जरूरत नहीं
Sat, 07 May 2022 09:59 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 07 May 2022 09:59 PM IST
सार
केंद्र का कहना है कि तीन जजों की बेंच आईपीसी (देशद्रोह) की धारा 124ए की संवैधानिकता को कानूनी चुनौती पर सुनवाई नहीं कर सकती।
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विस्तार
राजद्रोह कानून पर सुनवाई के दौरान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि 5 जजों की संविधान पीठ के मामले में 1962 का फैसला बाध्यकारी है और यह एक अच्छा कानून है और इस पर पुनर्विचार की जरूरत नहीं है। केंद्र का कहना था कि 5 न्यायाधीशों की बेंच का फैसला समय की कसौटी पर खरा उतरा है और आधुनिक संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप आज तक लागू है। केंद्र का कहना है कि तीन जजों की बेंच आईपीसी (देशद्रोह) की धारा 124ए की संवैधानिकता को कानूनी चुनौती नहीं सुन सकती।
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