आईएलएफएस केस: ईडी कार्यालय में राज ठाकरे से पूछताछ, मुंबई में धारा 144 लागू
- मुंबई पुलिस ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय के बार सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है।
- आज एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे धनशोधन मामले में पेश होने वाले हैं।
- पुलिस अधिकारी का कहना है कि ये कदम कानून व्यवस्था की समस्या को देखते हुए उठाया गया है।
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विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे से आईएल एंड एफएस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में पूछताछ हो रही है। ईडी कार्यालय के बाहर धारा 144 लागू कर दी गई है। धारा 144 मरीन ड्राइव, एमआरए मार्ग, दादर और आजाद मैदान पुलिस स्टेशनों में भी लगाई गई है।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि ये कदम कानून व्यवस्था की समस्या को देखते हुए उठाया गया है। अधिकारी ने कहा, "राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे ईडी कार्यालय के बाहर न आएं लेकिन हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं।" अधिकारी ने बताया कि ठाकरे ईडी कार्यालय में आईएल एंड एफएस से जुड़ी जांच में पूछताछ के लिए पेश होंगे।
Mumbai: Maharashtra Navnirman Sena (MNS) Chief Raj Thackeray arrives at office of the Enforcement Directorate, to appear before it, in connection with a case pertaining to alleged irregularities related to Infrastructure Leasing and Financial Services (IL&FS)loan to Kohinoor CTNL pic.twitter.com/VfgINaQwLD
— ANI (@ANI) August 22, 2019
मुंबई पुलिस ने गुरुवार को एमएनएस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। पार्टी नेता संदीप देशपांडे को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। इस दौरान संदीप देशपांडे ने दावा है कि उन्हें कार्रवाई के बारे में सूचना नहीं दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ठाकरे को समन भेजे जाने की बात सुनकर पार्टी के एक युवा कार्यकर्ता ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। हालांकि ठाकरे ने सबसे शांत रहने की अपील की है।
उन्होंने इससे पहले मंगलवार को कहा था कि वह ईडी के भेजे गए समन का सम्मान करेंगे। इस दौरान ठाकरे ने सभी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च 2006 में पार्टी की स्थापना के बाद से उनके और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं।
ठाकरे को नोटिस के बाद उनके चचेरे भाई और सत्तारूढ़ सहोयगी पार्टी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे उनके समर्थन में उतरे हैं। उद्धव ने कहा है कि ईडी की ओर से उनसे (राज ठाकरे) पूछताछ में कुछ भी नहीं निकलेगा।
बता दें ईडी ने ठाकरे के अलावा उनके कारोबारी सहयोगी रह चुके पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और सत्तारूढ़ सहयोगी शिवसेना नेता मनोहर जोशी के बेटे उन्मेश जोशी और एक अन्य कारोबारी को भी नोटिस भेजा है।
क्या है आईएल एंड एफएस- कोहिनूर सीटीएनएल मामला?
राज ठाकरे से कोहिनूर सीटीएनएल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी में आईएल एंड एफएस द्वारा 450 करोड़ रुपये की इक्विटी निवेश और कर्ज से जुड़ी कथित अनियमियतताओं की जांच के सिलसिले में पूछताछ हो रही है।
कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी दादर में कोहिनूर टॉवर्स के निर्माण का काम कर रही है। ईडी इस कंपनी की शेयर होल्डिंग और उसके निवेश की बारीकी से जांच कर रही है। उन्मेष जोशी, राज ठाकरे और उनके एक अन्य सहयोगी ने कोहिनूर मिल्स नंबर 3 को खरीदने के लिए एक कन्सोर्टियम गठित किया था।
आईएल एंड एफएस समूह ने भी इसमेें बड़ी रकम निवेश की थी। इस समूह ने कंपनी में 225 करोड़ रुपये का निवेश किया था लेकिन 2008 में बड़े नुकसान का सामना करते हुए महज 90 करोड़ रुपये में अपने शेयर बेच दिए।
राज ठाकरे ने भी उसी साल अपने शेयर बेच दिए और कंसोर्टियम से बाहर निकल गए। अपने शेयरों को बेचने के बावजूद भी आईएल एंड एफएस समूह ने कोहिनूर सीटीएनएल को अडवांस लोन दिया, जिसे कथित तौर पर कोहिनूर सीटीएनएल नहीं चुका पाया। साल 2011 में 500 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के लिए कोहिनूर सीटीएनएल कंपनी ने अपनी कुछ संपत्तियां बेचने के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के बाद आईएल एंड एफएस समूह ने कोहिनूर सीटीएनएल को 135 करोड़ रुपये का और कर्ज दे दिया। बता दें अब उन्मेष का कोहिनूर ग्रुप कोहिनूर सीटीएनएल को नहीं चलाता है। यह कंपनी प्रभादेवी की कपनी हो गई है। ईडी का आरोप है कि आईएल एंड एफएस के बड़े अधिकारियों ने बिना किसी जांच के विभिन्न निजी कंपनियों के जरिए कर्ज बांटा है। आरोप है कि खराब वित्तीय हालात से जूझ रही कंपनियों को भी कर्ज दिया गया। साथ ही कर्ज देने के लिए पर्याप्त कोलैटरल नहीं लिया गया था।