महाराष्ट्र में अगले साल आ सकती है कोरोना का दूसरी लहर
महाराष्ट्र में 12 नवंबर तक कोरोना वायरस संक्रमण के 17,36,329 मामले सामने आ चुके हैं और 45,682 की मौत हो चुकी है। राज्य में रिकवरी दर 92.44 फीसदी है जबकि मृत्युदर 2.63 फीसदी है...
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देश में कोरोना महामारी से सर्वाधिक प्रभावित महाराष्ट्र में अगले साल जनवरी-फरवरी में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ सकती है। इस आशंका के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों को सचेत किया है कि कोरोना की जांच में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय द्वारा 11 नवंबर को एक सर्कुलर जारी किया गया है जिसमें कोरोना महामारी की दूसरी लहर आने की आशंका जताई गई है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि मौसम बदल रहा है। सर्दी के चलते कोरोना संक्रमण में तेजी आ सकती है। यूरोप में जिस तरह कोरोना की दूसरी लहर आई है उसके आधार पर स्वास्थ्य निदेशालय ने महाराष्ट्र में भी इसकी आशंका जताई है। इसको लेकर जारी सर्कुलर में कहा गया है कि अक्टूबर से महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है।
मौजूदा समय में कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित 80 फीसदी बेड रिक्त हैं। लेकिन जिस तरह से यूरोप सहित दूसरे देश वायरस की दूसरी लहर से प्रभावित हुए हैं, उसे देखते हुए कोरोना वायरस की जांच में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और सभी लैब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशा निर्देशों के अनुरूप काम करेंगी।
बता दें कि महाराष्ट्र में 12 नवंबर तक कोरोना वायरस संक्रमण के 17,36,329 मामले सामने आ चुके हैं और 45,682 की मौत हो चुकी है। राज्य में रिकवरी दर 92.44 फीसदी है जबकि मृत्युदर 2.63 फीसदी है।
पटाखामुक्त दीपावली मनाने की अपील
स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से जारी सर्कुलर में पटाखामुख्त दीपावली मनाने की अपील की गई है। यह समय की मांग है कि हम कोविड-19 के मरीजों और सांस लेने में समस्या से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पटाखा मुक्त दीपावली मनाएं। सर्कुलर में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और तनाव न लें।